Sunday, March 29, 2026

“क्या बदलने वाली है यूपी की सांस्कृतिक पहचान? लखनऊ में हुआ ऐसा समझौता जो लोक संस्कृति को देगा वैश्विक मंच!”

लोक एवं जनजातीय धरोहर को नई उड़ान देने के लिए दो बड़े संस्थानों के बीच ऐतिहासिक MoU, कला-संस्कृति के संरक्षण और प्रसार पर फोकस

noida , Latest Updated On - Mar 25 2026 | 16:22:00 PM
विज्ञापन

25 मार्च 2026 को लखनऊ में उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान और स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के बीच हुए समझौते से राज्य की लोक संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने की उम्मीद है।

विज्ञापन

 उत्तर प्रदेश की समृद्ध लोक एवं जनजातीय संस्कृति को नई पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। 25 मार्च 2026 को लखनऊ में उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान और स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह साझेदारी न केवल सांस्कृतिक संरक्षण का प्रयास है, बल्कि इसे वैश्विक मंच तक पहुंचाने की एक मजबूत पहल भी मानी जा रही है।

यह समझौता उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के आवास पर संपन्न हुआ, जो इस आयोजन की अहमियत को दर्शाता है। इस अवसर पर मंत्री जयवीर सिंह ने इसे प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि इस साझेदारी से उत्तर प्रदेश की लोक और जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नई पहचान मिलेगी।

समारोह में प्रो. डॉ. प्रमोद कुमार शर्मा, जो स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के कुलपति हैं, विशेष रूप से उपस्थित रहे। साथ ही अतुल द्विवेदी, उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान, लखनऊ के निदेशक, ने भी इस अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

इस समझौता ज्ञापन के तहत दोनों संस्थान शिक्षा, शोध, प्रशिक्षण और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे। इसके अंतर्गत लोक और जनजातीय कला, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए संयुक्त कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें कार्यशालाएं, सेमिनार, सांस्कृतिक उत्सव और विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल होंगे।


यह पहल केवल आयोजनों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका उद्देश्य सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ाना और शोध गतिविधियों को प्रोत्साहित करना भी है। दोनों संस्थाएं मिलकर विद्यार्थियों और कलाकारों को एक ऐसा मंच प्रदान करेंगी, जहां वे अपनी प्रतिभा को निखार सकें और अपनी संस्कृति को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत कर सकें।

विशेष रूप से पारंपरिक कलाकारों और शिल्पकारों के कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। उनके कार्यों का दस्तावेजीकरण किया जाएगा और उन्हें प्रचार-प्रसार के लिए बेहतर अवसर प्रदान किए जाएंगे, जिससे उनकी कला को पहचान और सम्मान मिल सके।

इस अवसर पर यह भी उल्लेखनीय रहा कि उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान पहले से ही कई प्रतिष्ठित संस्थानों और विश्वविद्यालयों के साथ इस प्रकार के समझौते कर चुका है। इनमें छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, गोविंद बल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान, सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केन्द्र (CCRT), एनटीपीसी (रिहंद थर्मल पावर, सोनभद्र), बुंदेलखंड कॉलेज, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, लखनऊ विश्वविद्यालय, जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय, सोन चिरैया लोक संगीत उत्थान समिति तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र जैसे प्रतिष्ठित नाम शामिल हैं।

इन सभी साझेदारियों से यह स्पष्ट होता है कि संस्थान लगातार अपने कार्यक्षेत्र का विस्तार कर रहा है और सांस्कृतिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

कुल मिलाकर, यह नया समझौता उत्तर प्रदेश की लोक एवं जनजातीय संस्कृति को संरक्षित करने के साथ-साथ उसे आधुनिक मंच देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आने वाले समय में यह साझेदारी प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करेगी और इसे वैश्विक स्तर पर स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगी।

विज्ञापन

UP लोक संस्कृति, जनजातीय संस्कृति, MoU 2026, लखनऊ न्यूज, सुभारती यूनिवर्सिटी मेरठ, जयवीर सिंह, सांस्कृतिक संरक्षण, यूपी संस्कृति संस्थान

Related News

विज्ञापन

Newsletter

For newsletter subscribe us

विज्ञापन
आपकी राय
भारत क्रिकेट टीम के सर्वश्रेष्ठ कप्तान का नाम कौन है?




COMMENTS
All Comments (11)
  • V
    vijaykumar
    vijaykumar@pearlorganisation.com
    25/12/2023
    Lorem ipsum, dolor sit amet consectetur adipisicing elit. Earum autem perferendis ad libero at cumque ipsa labore consequatur inventore eaque
    A
    arif
    arif@pearlorganisation.com
    25/12/2023
    Lorem ipsum, dolor sit amet consectetur adipisicing elit. Earum autem perferendis ad libero at cumque ipsa labore consequatur inventore eaque
    A
    ajaykumar
    ajaykumar@pearlorganisation.com
    25/12/2023
    Lorem ipsum, dolor sit amet consectetur adipisicing elit. Earum autem perferendis ad libero at cumque ipsa labore consequatur inventore eaque
    H
    harshit
    harshit@pearlorganisation.com
    25/12/2023
    very intresting news
    A
    ankitankit
    ankitankit@pearlorganisation.com
    27/12/2023
    Good
    H
    harshit
    harshit@pearlorganisation.com
    29/12/2023
    good news
    R
    rahul+11
    rahul+11@pearlorganisation.com
    15/01/2024
    Nice
    R
    rahul+11
    rahul+11@pearlorganisation.com
    15/01/2024
    Bisarkh police station, during checking at Char Murti intersection, spotted an FZ MOSA carrying two persons towards Surajpur.
    R
    rahul
    rahul@pearlorganisation.com
    02/02/2024
    test
    H
    harshit
    harshit@pearlorganisation.com
    02/02/2024
    अच्छा
    R
    rahul
    rahul@pearlorganisation.com
    08/02/2024
    अच्छा