उत्तर प्रदेश में अक्टूबर 2026 में 19,686 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह हुआ। पिछले साल के मुकाबले 1,939 करोड़ की बढ़ोतरी, GST में सबसे ज्यादा उछाल।
उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और सरकारी राजस्व संग्रह को लेकर अक्टूबर महीने के आंकड़े सामने आए हैं। प्रदेश सरकार के खजाने में इस बार पिछले साल के मुकाबले 1,939 करोड़ रुपये अधिक राजस्व पहुंचा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के अक्टूबर महीने में सरकार को प्रमुख कर एवं करेत्तर राजस्व मदों से कुल 19,686 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई, जबकि अक्टूबर 2025 में यह आंकड़ा 17,747 करोड़ रुपये था। यानी एक साल के भीतर राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
राजस्व संग्रह में इस बढ़ोतरी के पीछे वस्तु एवं सेवा कर (GST), स्टाम्प एवं निबंधन तथा वैट जैसे प्रमुख विभागों का अहम योगदान रहा। खास बात यह है कि अकेले जीएसटी से पिछले साल के मुकाबले 1,323 करोड़ रुपये अधिक प्राप्त हुए हैं। इन आंकड़ों को प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों, कर संग्रह और सरकारी राजस्व व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
GST संग्रह में सबसे बड़ी बढ़ोतरी, 8,154 करोड़ रुपये की प्राप्ति
उत्तर प्रदेश के राजस्व संग्रह में सबसे बड़ा योगदान जीएसटी विभाग का रहा। वित्त मंत्री एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने राजस्व के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि अक्टूबर 2026 में जीएसटी के माध्यम से प्रदेश सरकार को 8,154 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। वहीं, पिछले वर्ष अक्टूबर में यह राशि 6,831 करोड़ रुपये थी।
इस प्रकार जीएसटी संग्रह में एक साल के भीतर 1,323 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह सभी प्रमुख राजस्व मदों में सबसे अधिक वृद्धि है। जीएसटी संग्रह में आई इस तेजी को प्रदेश में व्यापारिक गतिविधियों और कर राजस्व के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
स्टाम्प एवं निबंधन से 427 करोड़ रुपये ज्यादा मिले
प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री से जुड़े स्टाम्प एवं निबंधन विभाग ने भी राजस्व बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अक्टूबर 2026 में इस विभाग से कुल 2,714 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जबकि अक्टूबर 2025 में यह आंकड़ा 2,287 करोड़ रुपये था।
इस तरह स्टाम्प एवं निबंधन विभाग के राजस्व में 427 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई। यह बढ़ोतरी प्रदेश में संपत्ति पंजीकरण और उससे जुड़े राजस्व संग्रह के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
इसी तरह वैट के माध्यम से अक्टूबर 2026 में 2,705 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई। पिछले साल इसी महीने में यह राशि 2,402 करोड़ रुपये थी। इस प्रकार वैट संग्रह में भी 303 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

खनन विभाग के राजस्व में भी 56 करोड़ रुपये का इजाफा
भू-तत्व एवं खनिकर्म विभाग के राजस्व संग्रह में भी सकारात्मक बढ़ोतरी देखने को मिली। अक्टूबर 2026 में इस विभाग से 356 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 300 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था। इस तरह खनन विभाग के राजस्व में 56 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई।
हालांकि, सभी विभागों का प्रदर्शन एक जैसा नहीं रहा। आबकारी विभाग के राजस्व में पिछले साल के मुकाबले मामूली गिरावट दर्ज की गई। अक्टूबर 2026 में आबकारी विभाग से 4,495 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जबकि अक्टूबर 2025 में यह आंकड़ा 4,508 करोड़ रुपये था। यानी इस मद में 13 करोड़ रुपये कम राजस्व मिला।
परिवहन विभाग के राजस्व में भी गिरावट देखने को मिली। पिछले वर्ष अक्टूबर में परिवहन विभाग से 1,419 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे, जबकि इस वर्ष इसी महीने में 1,262 करोड़ रुपये का राजस्व मिला। इस प्रकार परिवहन विभाग के संग्रह में 157 करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई।
किन विभागों से कितना मिला राजस्व?
अक्टूबर 2026 के राजस्व आंकड़ों पर नजर डालें तो जीएसटी, स्टाम्प एवं निबंधन, वैट और खनन विभाग में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं, आबकारी और परिवहन विभाग में पिछले वर्ष की तुलना में कमी आई है।
सरकार के आंकड़ों के अनुसार प्रमुख विभागों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा:
जीएसटी: 8,154 करोड़ रुपये
आबकारी: 4,495 करोड़ रुपये
स्टाम्प एवं निबंधन: 2,714 करोड़ रुपये
वैट: 2,705 करोड़ रुपये
परिवहन: 1,262 करोड़ रुपये
भू-तत्व एवं खनिकर्म: 356 करोड़ रुपये
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि कुल राजस्व में बढ़ोतरी के बावजूद कुछ विभागों में सुधार की गुंजाइश बनी हुई है। खासतौर पर परिवहन और आबकारी विभाग के राजस्व में आई कमी पर भी ध्यान देना जरूरी होगा।
अग्निवीरों की सेवा अवधि दो साल बढ़ाने के फैसले का स्वागत
राजस्व संग्रह के आंकड़े साझा करने के साथ ही प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने अग्निवीरों की सेवा अवधि में दो साल की वृद्धि से जुड़े निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने इस फैसले के लिए केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के प्रति आभार व्यक्त किया।
वित्त मंत्री ने कहा कि अग्निवीरों की प्रारंभिक नियुक्ति चार साल के लिए की गई थी। अब सेवा अवधि को दो साल और बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था के तहत 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सशस्त्र बलों में समायोजित किए जाने और शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों की सेवा अवधि दो वर्ष बढ़ाए जाने का निर्णय स्वागतयोग्य है।
उन्होंने कहा कि यह फैसला देश की सेवा के लिए समर्पित युवाओं के भविष्य को अधिक मजबूत बनाने और उनका मनोबल बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
युवाओं के भविष्य और देश की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण फैसला
सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि अग्निवीरों की सेवा अवधि बढ़ाने का निर्णय उन युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है, जो देश की रक्षा और सुरक्षा के लिए सेना में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनके मुताबिक, इस फैसले से अग्निवीरों को अपनी सेवाएं जारी रखने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा और उनके भविष्य को लेकर अधिक मजबूती आएगी।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का विशेष रूप से अभिनंदन करते हुए कहा कि केंद्र सरकार का यह निर्णय युवाओं के हित में महत्वपूर्ण है।
राजस्व वृद्धि के साथ विभागीय प्रदर्शन पर भी रहेगी नजर
उत्तर प्रदेश में अक्टूबर 2026 के राजस्व आंकड़े सरकार के लिए उत्साहजनक संकेत लेकर आए हैं। पिछले वर्ष के मुकाबले 1,939 करोड़ रुपये की अतिरिक्त प्राप्ति प्रदेश की राजस्व व्यवस्था में हुई बढ़ोतरी को दर्शाती है। जीएसटी, स्टाम्प एवं निबंधन और वैट जैसे विभागों ने इस वृद्धि में प्रमुख भूमिका निभाई है।
हालांकि, आबकारी और परिवहन विभाग के राजस्व में आई कमी भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में आने वाले महीनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार इन विभागों के प्रदर्शन में सुधार के लिए क्या कदम उठाती है और वित्तीय वर्ष 2026-27 के शेष महीनों में राजस्व संग्रह किस रफ्तार से आगे बढ़ता है।
कुल मिलाकर, अक्टूबर महीने में उत्तर प्रदेश सरकार के खजाने में 19,686 करोड़ रुपये की प्राप्ति और पिछले साल की तुलना में 1,939 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी प्रदेश की वित्तीय स्थिति के लिहाज से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
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