दिल्ली-NCR में मॉनसून एक बार फिर अपना असर दिखाने वाला है। IMD ने बुधवार, 2 सितंबर को राजधानी के कुछ हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। दिनभर बादल छाए रहने के साथ गरज-चमक और बारिश की संभावना है। वहीं उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, मेघालय, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। भारी बारिश के कारण जलभराव, ट्रैफिक जाम और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।
दिल्ली-NCR में मंगलवार शाम हुई बारिश के बाद मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। राजधानी के कई हिस्सों में बारिश के बाद आसमान में बादल छाए रहे और अब बुधवार को मौसम विभाग ने बारिश के एक और बड़े दौर की चेतावनी जारी कर दी है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने बुधवार, 2 सितंबर को दिल्ली के कुछ हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक NCR में मॉनसून की नई लहर सक्रिय हो सकती है, जिसके चलते कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश देखने को मिल सकती है।
बारिश का यह दौर सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहने वाला। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत देश के सात राज्यों के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में अगले कुछ घंटे दिल्ली-NCR और आसपास के इलाकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
IMD के अनुमान के मुताबिक बुधवार को दिल्ली में आसमान सामान्य तौर पर बादलों से ढका रहेगा। सुबह से दोपहर के बीच कई स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है।
कुछ इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना भी है। दोपहर से शाम के बीच भी कई जगहों पर बारिश का दौर जारी रह सकता है।
मौसम में इस बदलाव का सीधा असर तापमान पर भी पड़ सकता है। लगातार बादल छाए रहने और बारिश के कारण तेज धूप का असर कम रहेगा, जिससे राजधानी में तापमान नीचे जाने की उम्मीद है।
हालांकि, बारिश राहत के साथ मुश्किलें भी लेकर आ सकती है। दिल्ली-NCR के संवेदनशील और निचले इलाकों में जलभराव, सड़कों पर जाम और ट्रैफिक की रफ्तार प्रभावित होने की आशंका है।

उत्तर प्रदेश के 24 जिलों को ऑरेंज अलर्ट के दायरे में रखा गया है। इनमें औरैया, आजमगढ़, बांदा, बुलंदशहर, चित्रकूट, इटावा, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, गौतम बुद्ध नगर, गाजीपुर, गाजियाबाद, हमीरपुर, हापुड़, हरदोई, जालौन, झांसी, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, महोबा, मैनपुरी, मऊ और उन्नाव शामिल हैं।
यानी दिल्ली से सटे गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में भी मौसम को लेकर विशेष सतर्कता की जरूरत है। बारिश तेज होने पर स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात प्रभावित हो सकता है।
मध्य प्रदेश के 18 जिलों में भी चेतावनी
मध्य प्रदेश के 18 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इनमें अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, दमोह, डिंडोरी, जबलपुर, कटनी, मंडला, निवाड़ी, पन्ना, रीवा, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया शामिल हैं।
इन इलाकों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और हवाओं की स्थिति बन सकती है।
छत्तीसगढ़ और मेघालय में भी बारिश का जोर
छत्तीसगढ़ के 6 जिलों—बलरामपुर, गौरेला पेंड्रा मरवाही, कोरिया, मुंगेली, सूरजपुर और सरगुजा—में ऑरेंज अलर्ट है।
वहीं मेघालय के 8 जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इनमें ईस्ट गारो हिल्स, ईस्ट जैंतिया हिल्स, ईस्ट खासी हिल्स, नॉर्थ गारो हिल्स, री भोई, साउथ वेस्ट खासी हिल्स, वेस्ट जैंतिया हिल्स और वेस्ट खासी हिल्स शामिल हैं।

उत्तराखंड के चम्पावत, नैनीताल और उधम सिंह नगर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश के दौरान भूस्खलन और अचानक जलभराव जैसी परिस्थितियां परेशानी बढ़ा सकती हैं।
पश्चिम बंगाल में हुगली, हावड़ा, कोलकाता और साउथ 24 परगना को अलर्ट किया गया है।
वहीं जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
5 से 15 मिमी प्रति घंटे की रफ्तार से बारिश का अनुमान
IMD के मुताबिक ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में करीब 5 से 15 मिलीमीटर प्रति घंटे की दर से मध्यम से तेज बारिश हो सकती है। इसके साथ तेज हवाएं, गरज और बिजली चमकने की भी आशंका है।
मौसम विभाग ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। IMD ने कहा है कि लोग पेड़ों या कमजोर ढांचों के नीचे शरण न लें। बाहर निकलने से पहले सड़क और ट्रैफिक की स्थिति की जानकारी जरूर लें।
पहाड़ी और बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी गई है। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने और स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक सलाह का पालन करने को कहा गया है।
अब नजर इस बात पर है कि दिल्ली-NCR में बारिश का यह नया दौर कितना असरदार रहता है। मंगलवार की शाम हुई बारिश के बाद बुधवार को जारी रेड अलर्ट ने राजधानी की चिंता बढ़ा दी है। अगर बारिश ने रफ्तार पकड़ी तो निचले इलाकों में जलभराव और सड़कों पर ट्रैफिक की परेशानी एक बार फिर लोगों की मुश्किल बढ़ा सकती है।
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