दिल्ली के प्रह्लादपुर में सूरज की हत्या के विरोध में विहिप और बजरंग दल ने बड़ा प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एक बार फिर आक्रोश और विरोध का केंद्र बन गई, जब सूरज की नृशंस हत्या के विरोध में Vishva Hindu Parishad (विहिप) और Bajrang Dal के कार्यकर्ताओं ने प्रह्लादपुर इलाके में एक विशाल प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और सड़कों पर उतरकर न्याय की मांग की।
प्रदर्शन का माहौल बेहद भावनात्मक और उग्र रहा। “सूरज हम शर्मिंदा हैं, तेरे कातिल जिंदा हैं” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने इस घटना को केवल एक हत्या नहीं, बल्कि समाज के खिलाफ गंभीर चुनौती बताते हुए इसे लेकर कड़ा विरोध जताया।
सभा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कट्टरपंथ के खिलाफ खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने साफ कहा कि दिल्ली अब किसी भी प्रकार के कट्टरपंथ को बर्दाश्त नहीं करेगी। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने प्रशासन को चेतावनी भरे अंदाज में संदेश दिया कि अगर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
इस मौके पर विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता Vinod Bansal ने मंच से संबोधित करते हुए तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि इंद्रप्रस्थ, यानी दिल्ली की धरती से आज यह स्पष्ट संदेश जा रहा है कि अन्याय और पाप के दिन अब खत्म हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि समाज अब चुप बैठने वाला नहीं है और हर अन्याय का जवाब दिया जाएगा।

प्रदर्शन में विहिप-बजरंग दल इंद्रप्रस्थ प्रांत के संयोजक Jagjeet Singh Goldy की भी महत्वपूर्ण उपस्थिति रही। उनके नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया और सूरज के परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने आक्रामक तेवर भी दिखाए और विवादित नारे लगाए, जिससे माहौल और अधिक गरमा गया। हालांकि, आयोजकों ने यह स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल न्याय की मांग करना और समाज को जागरूक करना है।
इस प्रदर्शन में शामिल लोगों ने प्रशासन से मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उन्हें कठोरतम सजा दी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएं समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करती हैं, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बड़े विरोध प्रदर्शन सरकार और प्रशासन पर दबाव बनाते हैं, जिससे जांच प्रक्रिया तेज हो सकती है। वहीं, इस घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द जैसे मुद्दों को केंद्र में ला दिया है।
फिलहाल, पुलिस प्रशासन मामले की जांच में जुटा हुआ है और सुरक्षा के मद्देनजर इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को सख्ती से रोका जाएगा।
सूरज हत्याकांड को लेकर उठी यह आवाज केवल एक व्यक्ति के लिए न्याय की मांग नहीं है, बल्कि यह उस व्यापक चिंता को भी दर्शाती है, जो समाज में बढ़ती हिंसा और असहिष्णुता को लेकर लोगों के मन में है।
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