उत्तर प्रदेश STF ने देवरिया में बड़ी कार्रवाई करते हुए 4.03 कुंटल गांजा बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1.20 करोड़ रुपये बताई जा रही है। असम से CRPF के नाम का इस्तेमाल कर तस्करी की जा रही थी। चार अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो सुरक्षा बलों के नाम का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये के गांजे की खेप देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचा रहा था। STF और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की संयुक्त कार्रवाई में चार तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। उनके कब्जे से 4.03 कुंटल गांजा बरामद किया गया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1.20 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
यह कार्रवाई 3 जून 2026 को देवरिया जिले के सलेमपुर थाना क्षेत्र में की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बरामद गांजे में से 2.03 कुंटल वाहन से और 2 कुंटल एक घर से बरामद हुआ है।
कई दिनों से सक्रिय था तस्करी का नेटवर्क
एसटीएफ को पिछले काफी समय से सूचना मिल रही थी कि पूर्वांचल के कई जिलों में मादक पदार्थों की सप्लाई करने वाला एक संगठित गिरोह सक्रिय है। इन सूचनाओं के आधार पर एसटीएफ की विभिन्न इकाइयों को खुफिया जानकारी जुटाने और नेटवर्क की पहचान करने के निर्देश दिए गए थे।
अपर पुलिस अधीक्षक STF सत्यसेन यादव के पर्यवेक्षण में टीमें लगातार सूचना संकलन में लगी हुई थीं। इसी दौरान देवरिया में निरीक्षक प्रमोद कुमार वर्मा के नेतृत्व में कार्य कर रही टीम को एक महत्वपूर्ण इनपुट मिला।

सेना के नाम का इस्तेमाल कर हो रही थी तस्करी
जांच के दौरान पता चला कि असम के मोसामारी क्षेत्र से एक महिंद्रा पिकअप वाहन के माध्यम से बड़ी मात्रा में गांजा भेजा जा रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि तस्करों ने इस अवैध कारोबार को छिपाने के लिए CRPF जवानों के घरेलू सामान की ढुलाई का बहाना बनाया था।
सूचना के अनुसार वाहन संख्या MP19 ZR2255 में कथित तौर पर सेना के सामान के नाम पर बांस के लोटे, घरेलू सामग्री और अन्य वस्तुएं लोड की गई थीं। इन्हीं सामानों के बीच गांजे की खेप छिपाकर भेजी जा रही थी ताकि किसी को संदेह न हो।
दुर्गा मंदिर के पास बिछाया गया जाल
सूचना मिलने के बाद STF की टीम ने NCB अधिकारियों के साथ मिलकर सलेमपुर क्षेत्र के ग्राम सहला स्थित दुर्गा मंदिर के पास चेकिंग अभियान चलाया। इसी दौरान संदिग्ध वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली गई।
जांच में वाहन के अंदर छिपाकर रखा गया गांजा बरामद हुआ। मौके से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ और निशानदेही के आधार पर टीम ने आगे कार्रवाई करते हुए देवरिया के गौरा बरहज क्षेत्र से दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।

चार तस्कर गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मध्य प्रदेश के सतना जिले के रहने वाले आशीष पाण्डेय और संदीप कोल, तथा देवरिया निवासी रितेश जायसवाल और आदर्श जायसवाल के रूप में हुई है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, रितेश और आदर्श स्थानीय स्तर पर गांजे की सप्लाई का काम संभालते थे, जबकि आशीष और संदीप परिवहन की जिम्मेदारी निभाते थे।
पूछताछ में खुला असम कनेक्शन
पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी रितेश जायसवाल ने कई महत्वपूर्ण खुलासे किए। उसने बताया कि वह लंबे समय से असम निवासी टिंकू मंसूर के संपर्क में था। उसी के माध्यम से गांजे की खेप देवरिया भेजी जाती थी।
रितेश के अनुसार, कुछ दिन पहले आशीष पाण्डेय और संदीप कोल सामान पहुंचाने के लिए असम गए थे। वहां टिंकू मंसूर ने उन्हें देवरिया तक गांजा पहुंचाने का प्रस्ताव दिया और इसके बदले 20 हजार रुपये किराया देने की बात कही।
तस्करों ने मादक पदार्थ को छिपाने के लिए एक बेहद शातिर तरीका अपनाया था। उन्होंने CRPF जवानों के नाम और पते साधारण कागज पर लिखकर बांस के लोटों पर चिपका दिए थे। इतना ही नहीं, वाहन के शीशे पर अंग्रेजी में "CRPF" लिखकर लगाया गया था ताकि रास्ते में कोई पुलिस या सुरक्षा एजेंसी वाहन को रोककर जांच न करे।

हजारों रुपये प्रति किलो में होती थी बिक्री
रितेश ने पूछताछ में बताया कि वह और उसका चचेरा भाई आदर्श जायसवाल देवरिया, सलेमपुर और आसपास के जिलों में ग्राहकों को 5,000 से 10,000 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से गांजा बेचते थे। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और इसके तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं।
भारी मात्रा में सामान और नकदी बरामद
गांजे के अलावा पुलिस ने एक महिंद्रा पिकअप वाहन, छह मोबाइल फोन, आधार कार्ड, ई-श्रम कार्ड, निर्वाचन पहचान पत्र, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, 14,850 रुपये नकद, इलेक्ट्रॉनिक तराजू तथा अन्य सामान भी बरामद किया है।
आगे की जांच जारी
इस मामले में NCB द्वारा धारा 8/20/25/29/60(3) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच एजेंसियां अब असम में बैठे मुख्य सप्लायर टिंकू मंसूर और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही हैं।
एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल एक बड़ी खेप की बरामदगी भर नहीं है, बल्कि पूर्वांचल में सक्रिय एक संगठित अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क पर बड़ा प्रहार है। आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े और भी अहम खुलासे होने की संभावना है।
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