प्रयागराज में STF ने अंतरराज्यीय कोडीन कफ सिरप तस्करी के कथित नेटवर्क का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 19,338 शीशी ONEREX कफ सिरप, 61,600 जेनेरिक टैबलेट समेत करीब एक करोड़ रुपये की दवाएं और तस्करी में इस्तेमाल टाटा नेक्सॉन बरामद हुई है।
नशीली दवाओं की अवैध तस्करी के खिलाफ उत्तर प्रदेश STF को बड़ी सफलता मिली है। 27 सितंबर 2026 की रात प्रयागराज में STF की फील्ड यूनिट ने कथित अंतरराज्यीय कोडीनयुक्त कफ सिरप तस्करी गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान टीम ने 19,338 शीशी ONEREX ब्रांड कोडीन कफ सिरप, अलग-अलग ब्रांड की 61,600 जेनेरिक टैबलेट, एक टाटा नेक्सॉन कार, 95 खाली बोरियां, दो टूल किट और तीन मोबाइल फोन बरामद किए। बरामद दवाओं की अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई गई है।
मामला सिर्फ बड़ी मात्रा में कफ सिरप की बरामदगी तक सीमित नहीं है। पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर जिस नेटवर्क और उसकी कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी, उसने जांच की दिशा को और गंभीर बना दिया है।
सूचना से शुरू हुई कार्रवाई, किराये के मकान तक पहुंची STF
STF को पिछले कुछ दिनों से सूचना मिल रही थी कि एक अंतरराज्यीय गिरोह दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ से अवैध कोडीनयुक्त कफ सिरप मंगाकर बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में सप्लाई कर रहा है।
इस सूचना के आधार पर STF की विभिन्न टीमों को अभिसूचना जुटाने और कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। पुलिस उपाधीक्षक शैलेश प्रताप सिंह के पर्यवेक्षण तथा निरीक्षक जय प्रकाश राय के नेतृत्व में इस नेटवर्क के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही थी।
इसी क्रम में 27 सितंबर को STF फील्ड यूनिट प्रयागराज की टीम एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में मौजूद थी। टीम में उपनिरीक्षक विनय तिवारी, उपनिरीक्षक गुलजार सिंह, मुख्य आरक्षी विकास तिवारी, प्रवीण जायसवाल, आरक्षी अजीत राय और चालक आरक्षी अखण्ड प्रताप पाण्डेय शामिल थे।
इसी दौरान STF को सूचना मिली कि भारत गैस, थाना एयरपोर्ट क्षेत्र के पास स्थित कटहुला गौसपुर इलाके में एक मकान में अवैध कोडीन कफ सिरप और अन्य दवाओं का भंडारण किया गया है।
सूचना के आधार पर STF टीम ने सहायक पुलिस आयुक्त धूमनगंज रवि कुमार गुप्ता तथा औषधि निरीक्षकों सुनील कुमार रावत (प्रयागराज), संजय दत्त (फतेहपुर) और अरविन्द कुमार (कौशाम्बी) को साथ लेकर बताए गए स्थान पर कार्रवाई की।
मौके से तीन आरोपी गिरफ्तार
कार्रवाई के दौरान मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आशुतोष तिवारी उर्फ प्रवेश तिवारी, अंकेश कुमार और अमित प्रजापति के रूप में हुई है।
आशुतोष तिवारी अयोध्या के बीकापुर थाना क्षेत्र के ग्राम मैना पडाईन का रहने वाला बताया गया है। उसका वर्तमान पता प्रयागराज के धूमनगंज थाना क्षेत्र स्थित जयन्तीनगर का बताया गया है। वहीं अंकेश कुमार और अमित प्रजापति दोनों जयरामपुर, सूबेदारगंज, थाना धूमनगंज, प्रयागराज के निवासी बताए गए हैं।
STF के अनुसार, तीनों के कब्जे और संबंधित स्थान से भारी मात्रा में दवाएं बरामद हुईं।
19,338 शीशी ONEREX और 61,600 टैबलेट
बरामदगी में 19,338 शीशी ONEREX ब्रांड कोडीन कफ सिरप शामिल है। इसके अलावा अलग-अलग ब्रांड और नाम की 61,600 जेनेरिक दवाओं की टैबलेट भी बरामद की गई हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई गई है।
तस्करी में इस्तेमाल की जा रही टाटा नेक्सॉन कार नंबर UP 70 GS 8425 भी STF ने कब्जे में ली है। इसके साथ 95 सफेद रंग की खाली बोरियां, दो DIE GRINDER टूल किट और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए।
बैच नंबर मिटाकर छिपाया जाता था सप्लायर का सुराग
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने कथित तौर पर STF को बताया कि गिरोह कोडीन कफ सिरप को नशे के रूप में इस्तेमाल करने वाले लोगों तक पहुंचाने का काम करता था। आरोपियों के अनुसार, कफ सिरप की सप्लाई दिल्ली से प्रयागराज तक लाई जाती थी और इसके बाद अलग-अलग स्थानों पर भेजी जाती थी।
गिरोह की कथित कार्यप्रणाली का सबसे अहम हिस्सा यह था कि कफ सिरप की शीशियों पर दर्ज बैच नंबर को ग्राइंडर की मदद से मिटा दिया जाता था। बताया गया कि इसका उद्देश्य सप्लायर की पहचान छिपाना था। इसके बाद सिरप को बोरियों में भरकर कार के जरिए आगे भेजा जाता था।
दिल्ली में फर्म, प्रयागराज में डंपिंग और फिर सप्लाई
STF के अनुसार, पूछताछ में एक अन्य कथित सदस्य जतिन मिश्रा उर्फ शिवम मिश्रा, निवासी भीरपुर करछना, प्रयागराज का नाम सामने आया है। आरोपियों के मुताबिक, उसके द्वारा दिल्ली के सी/47 मंगोलपुरी पते पर NOVOTRIX LIFESCIENCES नाम की फर्म बनाई गई थी।
कथित तौर पर इसी फर्म के माध्यम से प्रयागराज और वाराणसी की फर्मों के नाम पर फर्जी कागज और बिल्टी तैयार कर दिल्ली से कोडीनयुक्त कफ सिरप तथा अलग-अलग जेनेरिक दवाएं ट्रांसपोर्ट के जरिए मंगाई जाती थीं।
इसके बाद इन दवाओं को भारत गैस के पास मोहल्ला कटहुला गौसपुर, प्रयागराज स्थित किराये के मकान में डंप किया जाता था।
STF के अनुसार, यहां से दवाओं को आगे लीडर रोड के थोक कारोबारियों शनि जायसवाल और आशु जायसवाल को बेचने के साथ स्थानीय बाजार, आसपास के जिलों और दूसरे राज्यों में भी सप्लाई किए जाने की बात पूछताछ में सामने आई है।
मुनाफे को बांटने का भी दावा
पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि गिरोह कोडीन कफ सिरप का अवैध कारोबार कर उससे अत्यधिक मुनाफा कमाता था और प्राप्त रकम को सदस्यों के बीच बराबर-बराबर बांटा जाता था।
हालांकि, इन बयानों और आरोपों की पुष्टि जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया में होगी।
NDPS एक्ट में मुकदमा दर्ज
गिरफ्तार तीनों आरोपियों को थाना एयरपोर्ट, कमिश्नरेट प्रयागराज में दर्ज मु0अ0सं0 150/2026, धारा 8/21/22 एनडीपीएस एक्ट के तहत दाखिल किया गया है। अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा की जाएगी।
STF की इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि नशीली दवाओं की आड़ में चल रहे कथित नेटवर्क किस तरह अलग-अलग राज्यों से सप्लाई जुटाकर स्थानीय बाजार तक पहुंचाने की कोशिश करते हैं। फिलहाल जांच का अगला चरण इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, सप्लाई चैन और दवाओं के स्रोत तक पहुंचने पर केंद्रित रहने की उम्मीद है।
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