प्रयागराज के कोरांव थाने में दर्ज गौवध, पशु क्रूरता और शस्त्र अधिनियम से जुड़े मुकदमे में वांछित 50 हजार रुपये के इनामी महफूज को STF बरेली फील्ड यूनिट ने बिहार के नालंदा से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से गिरफ्तारी से बचने के लिए इस्लामपुर में छिपकर रह रहा था।
उत्तर प्रदेश में वांछित और इनामी अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच एसटीएफ की बरेली फील्ड यूनिट को बड़ी सफलता मिली है। टीम ने प्रयागराज के कोरांव थाने में दर्ज गौवध और पशु क्रूरता से जुड़े मुकदमे में वांछित 50 हजार रुपये के इनामी अभियुक्त महफूज को बिहार के नालंदा जिले से गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, महफूज काफी समय से गिरफ्तारी से बच रहा था और उत्तर प्रदेश से बाहर जाकर बिहार के नालंदा में छिपकर रह रहा था। एसटीएफ को उसकी मौजूदगी की सूचना मिली, जिसके बाद टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
नालंदा की गली में मिला इनामी अभियुक्त
एसटीएफ के अनुसार महफूज को 5 अक्टूबर 2026 को शाम करीब 5:15 बजे बिहार के नालंदा जिले के इस्लामपुर में असतकी मस्जिद के बराबर वाली गली से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान महफूज पुत्र फारूख, निवासी चमरौवा, थाना शहजादनगर, जनपद रामपुर के रूप में हुई है।
एसटीएफ को काफी समय से उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जनपदों में वांछित और पुरस्कार घोषित अपराधियों के संबंध में सूचनाएं मिल रही थीं। इसी क्रम में एसटीएफ की विभिन्न टीमों और इकाइयों को अभिसूचना जुटाने और कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
मुखबिर की सूचना पर STF ने बिछाया जाल
अपर पुलिस अधीक्षक अब्दुल कादिर, एसटीएफ फील्ड यूनिट बरेली के पर्यवेक्षण में वांछित अभियुक्तों के संबंध में सूचना जुटाई जा रही थी।
इसी दौरान उपनिरीक्षक धूम सिंह के नेतृत्व में एसटीएफ टीम नालंदा में भ्रमणशील थी। टीम में मुख्य आरक्षी संदीप कुमार, मुख्य आरक्षी हरिओम सिंह, मुख्य आरक्षी संजय यादव और मुख्य आरक्षी चालक मनोज कुमार अवस्थी शामिल थे।
इसी दौरान एक मुखबिर ने टीम को सूचना दी कि कोरांव, प्रयागराज में दर्ज मुकदमे में वांछित और 50 हजार रुपये का इनामी महफूज इस्लामपुर, नालंदा में मौजूद है। मुखबिर ने यह भी बताया कि यदि तत्काल कार्रवाई की जाए तो उसे पकड़ा जा सकता है।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए टीम बताए गए स्थान पर पहुंची। मुखबिर की निशानदेही पर पुलिस ने महफूज को पकड़ लिया।
किस मामले में था वांछित?
महफूज के खिलाफ थाना कोरांव, कमिश्नरेट प्रयागराज में मुकदमा संख्या 271/25 दर्ज है। मामले में उत्तर प्रदेश गौवध निवारण अधिनियम की धाराओं 3/5ए/8, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11घ, 325 बीएनएस और 4/25 शस्त्र अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई थी।
पुलिस के अनुसार, इसी मुकदमे में महफूज वांछित चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
पूछताछ में क्या बताया?
पुलिस पूछताछ में महफूज ने बताया कि 9 अक्टूबर 2025 को थाना कोरांव, प्रयागराज में मुकदमा दर्ज हुआ था। उसके मुताबिक, इस मामले में उसकी कार संख्या UP 14 CA 3434 भी पकड़ी गई थी।
महफूज ने पुलिस को बताया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही वह गिरफ्तारी से बच रहा था। पुलिस के मुताबिक, वह उत्तर प्रदेश से बाहर निकलकर बिहार के इस्लामपुर, नालंदा में छिपकर रह रहा था।
हालांकि पूछताछ में सामने आई बातों की पुष्टि अब विवेचना और आगे की कानूनी प्रक्रिया के दौरान की जाएगी।
तीन मुकदमे सामने आए
एसटीएफ के अनुसार महफूज का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। उसके ज्ञात आपराधिक इतिहास में तीन मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।
पहला मामला: मुकदमा संख्या 280/18, थाना मिलक, जनपद रामपुर। इसमें गौ हत्या निवारण अधिनियम की धाराओं 3/5ए/8 तथा भादवि की धाराओं 336, 504 और 506 के तहत मामला दर्ज बताया गया है।
दूसरा मामला: मुकदमा संख्या 43/2023, थाना तरया सुजान, जनपद कुशीनगर। इसमें गौ हत्या निवारण अधिनियम की धारा 3/5ए28 और पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1)डी के तहत मामला दर्ज बताया गया है।
तीसरा मामला: मुकदमा संख्या 271/25, थाना कोरांव, प्रयागराज। इसमें उत्तर प्रदेश गौवध निवारण अधिनियम की धाराओं 3/5ए/8, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11घ, 325 बीएनएस और 4/25 शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज है।
अब आगे क्या होगा?
गिरफ्तारी के बाद महफूज को संबंधित मुकदमे में दाखिल किया गया है। एसटीएफ के मुताबिक, मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।
बिहार के नालंदा तक पहुंचकर की गई यह गिरफ्तारी बताती है कि वांछित अभियुक्तों की तलाश में पुलिस और एसटीएफ की टीमें दूसरे राज्यों तक भी सूचना के आधार पर कार्रवाई कर रही हैं।
फिलहाल महफूज की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य तथ्यों, आरोपों और उसके संपर्कों की भी जांच कर सकती है। सबसे अहम बात यह होगी कि प्रयागराज के कोरांव में दर्ज मुकदमे की विवेचना में आगे क्या तथ्य सामने आते हैं और इस मामले में जुड़े अन्य लोगों की भूमिका को लेकर जांच किस दिशा में बढ़ती है।
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