उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में मंदिर परिसर में दो साधुओं की हत्या और शव जलाए जाने की घटना से हड़कंप मच गया है। खुदागंज के सूथा गांव में गोपाल दास और बिहारी दास के शव जली हालत में मिले। शुरुआती जांच में मंदिर की जमीन पर कब्जे के विवाद की बात सामने आई है और पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है। वहीं एटा के लालपुर गांव में मंदिर के पुजारी भोजराज की हत्या का मामला सामने आया है। दोनों मामलों में पुलिस अलग-अलग स्तर पर जांच कर रही है।
उत्तर प्रदेश में गुरुवार की सुबह दो अलग-अलग मंदिरों से सामने आई हत्याओं की खबर ने लोगों को झकझोर दिया। शाहजहांपुर में मंदिर परिसर में दो साधुओं की हत्या के बाद उनके शव जलाए जाने का मामला सामने आया, तो वहीं एटा में मंदिर के पुजारी की ईंट से हमला कर हत्या किए जाने की सूचना ने भी इलाके में सनसनी फैला दी।
दोनों घटनाएं अलग-अलग जिलों की हैं और इनके पीछे की परिस्थितियों की जांच पुलिस कर रही है। शाहजहांपुर में पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है, जबकि एटा में घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर हमलावरों की तलाश की जा रही है।
मंदिर में सो रहे थे दोनों साधु, सुबह मिला जला हुआ शव
शाहजहांपुर के खुदागंज थाना क्षेत्र के सूथा गांव में प्राचीन मंदिर परिसर में दो साधु लंबे समय से रह रहे थे। पुलिस के मुताबिक मृतकों की पहचान गोपाल दास और बिहारी दास के रूप में हुई है। दोनों मंदिर की देखभाल और धार्मिक कार्यों से जुड़े हुए थे।
गुरुवार सुबह जब ग्रामीण मंदिर की ओर पहुंचे तो वहां का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। मंदिर परिसर में दोनों के शव जली हालत में मिले। पुलिस के मुताबिक प्रथम दृष्टया दोनों की हत्या किए जाने के बाद शवों को जलाने की बात सामने आई है। हालांकि, दोनों की मौत पहले हुई या आग लगाए जाने से हुई, इसका स्पष्ट जवाब पोस्टमार्टम और जांच के बाद ही सामने आएगा।
कुछ स्थानीय रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि दोनों मंदिर परिसर में सो रहे थे और उनके शव उनके बिस्तर/तख्त के पास जली अवस्था में मिले। इस घटना के बाद गांव में बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर के आसपास जमा हो गए।
मंदिर की जमीन पर कब्जे का एंगल
इस डबल मर्डर के पीछे मंदिर की जमीन पर कब्जे का विवाद होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस की शुरुआती जांच में गांव के ही एक युवक सुमित सिंह का नाम सामने आया है। रिपोर्टों के मुताबिक वह कुछ समय पहले जेल से बाहर आया था और मंदिर से जुड़े लोगों के साथ उसका विवाद चल रहा था। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
पुलिस का कहना है कि घटना की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। इसलिए मंदिर की संपत्ति पर कब्जे की बात फिलहाल जांच का एक एंगल है, अंतिम रूप से स्थापित तथ्य नहीं।
पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित भी मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस घटना से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
आखिर रात में मंदिर परिसर में क्या हुआ?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि रात के समय मंदिर परिसर में ऐसा क्या हुआ कि दो बुजुर्ग साधुओं की जान चली गई और बाद में शवों को आग के हवाले कर दिया गया।
स्थानीय स्तर पर सामने आए आरोपों के अनुसार, मंदिर की जमीन को लेकर पहले से विवाद था। यह भी बताया गया कि संदिग्ध युवक मंदिर के आसपास आता-जाता था। लेकिन घटना की पूरी कड़ी अभी पुलिस जांच के दायरे में है।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात में कितने लोग शामिल थे, हत्या किस हथियार या तरीके से की गई और शवों को आग लगाने का मकसद क्या था।
एटा में भी मंदिर के पुजारी की हत्या
इसी बीच एटा जिले से भी मंदिर के पुजारी की हत्या की खबर सामने आई। निधौली कलां थाना क्षेत्र के लालपुर गांव में मंदिर के पुजारी भोजराज का खून से लथपथ शव मिलने से हड़कंप मच गया।
रिपोर्टों के मुताबिक भोजराज कई वर्षों से मंदिर में रह रहे थे। उनके सिर और चेहरे पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं और आशंका जताई जा रही है कि उन पर ईंट से हमला किया गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी और आक्रोश का माहौल है।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं है और हमलावरों की पहचान की जांच की जा रही है।
SSP मौके पर पहुंचे, फोरेंसिक और डॉग स्क्वायड ने जुटाए साक्ष्य
एटा की घटना की सूचना मिलने के बाद एसएसपी डॉ. इलामारन जी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस के साथ फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड ने भी जांच की।
पुलिस ने घटनास्थल से संभावित साक्ष्य जुटाए हैं। अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि पुजारी की हत्या कब और कैसे हुई, घटना के समय मंदिर के आसपास कौन मौजूद था और क्या किसी पुराने विवाद का इस वारदात से संबंध है।
दो जिलों में मंदिरों से हत्या की खबर ने बढ़ाई चिंता
शाहजहांपुर और एटा की घटनाएं अलग-अलग हैं, लेकिन दोनों मामलों में मंदिर परिसर में रहने वाले धार्मिक सेवकों की हत्या का पहलू सामने आया है। शाहजहांपुर में जहां दो साधुओं की हत्या के बाद शव जलाए जाने की बात सामने आई है, वहीं एटा में पुजारी भोजराज की हत्या की जांच जारी है।
शाहजहांपुर पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि एटा पुलिस हत्यारे तक पहुंचने के लिए घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य सुरागों को खंगाल रही है।
फिलहाल दोनों मामलों में पुलिस जांच निर्णायक स्थिति में नहीं पहुंची है। शाहजहांपुर में मंदिर की जमीन का विवाद एक प्रमुख जांच एंगल है, जबकि एटा में हत्या की वजह अभी सामने नहीं आई है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य और पुलिस पूछताछ से यह साफ होगा कि इन दोनों वारदातों के पीछे असल कहानी क्या है।
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