उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने संभल जिले के चर्चित दोहरे हत्याकांड में वांछित और एक लाख रुपये के इनामी अपराधी संतोष को पंजाब के पठानकोट से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी हत्या, लूट और गैंगस्टर एक्ट समेत कई मामलों में पहले भी जेल जा चुका है। STF की लंबे समय से चल रही निगरानी और खुफिया कार्रवाई के बाद यह बड़ी सफलता मिली।
उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। संभल जिले में हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड में वांछित चल रहे एक लाख रुपये के इनामी अपराधी संतोष को पंजाब के पठानकोट से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।
एसटीएफ की लखनऊ इकाई ने खुफिया सूचना और तकनीकी निगरानी के आधार पर यह कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपी पर हत्या, लूट और गैंगस्टर एक्ट समेत कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
पंजाब के निर्माणाधीन मकान से हुई गिरफ्तारी
गिरफ्तार आरोपी की पहचान संतोष पुत्र जोगेंद्र निवासी ग्राम खेड़ो सलेमपुर, थाना कैलेदेवी, जनपद संभल के रूप में हुई है। एसटीएफ ने उसे पंजाब राज्य के पठानकोट जिले की रघुनाथ कॉलोनी में एक निर्माणाधीन मकान से गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी 30 अप्रैल 2026 को दोपहर 12:20 बजे की गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए उसी अधूरे मकान में छिपकर रह रहा था और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था।
संभल के दोहरे हत्याकांड में था वांछित
संतोष थाना धनारी, जनपद संभल में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 82/2026 में वांछित चल रहा था। उसके खिलाफ धारा 140(1), 309(4), 103(1), 238(क), 61(2)क बीएनएसएस के तहत मुकदमा दर्ज है।
पुलिस के मुताबिक, 2 अप्रैल 2026 को हुए दोहरे हत्याकांड में संतोष ने अपने भाई के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। घटना के बाद से वह फरार चल रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
STF को ऐसे मिली सफलता
उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में इनामी अपराधियों की बढ़ती गतिविधियों और संगठित अपराध की सूचनाओं के बाद एसटीएफ की कई इकाइयों को सक्रिय किया गया था। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक अमित पाठक के नेतृत्व में STF लखनऊ इकाई लगातार सूचना संकलन और तकनीकी निगरानी कर रही थी।
एसटीएफ को सूचना मिली कि संतोष पंजाब में छिपा हुआ है। इसके बाद टीम ने कई दिनों तक निगरानी रखी और कई स्थानों पर दबिश दी। आखिरकार सटीक सूचना के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में कबूला जुर्म
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में संतोष ने स्वीकार किया कि उसने अपने भाई के साथ मिलकर दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया था। उसने बताया कि घटना के बाद वह लगातार फरार था और पुलिस से बचने के लिए अलग-अलग स्थानों पर छिपता रहा।
आरोपी ने यह भी बताया कि उसे पहले से अंदेशा था कि पुलिस उसकी तलाश कर रही है, इसलिए वह उत्तर प्रदेश छोड़कर पंजाब पहुंच गया और निर्माणाधीन मकान में रहकर छिपने लगा।
पहले भी कई मामलों में जा चुका है जेल
एसटीएफ के अनुसार, संतोष का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। वह पहले भी कई मामलों में जेल जा चुका है। उसके खिलाफ हत्या, लूट और गैंगस्टर एक्ट जैसे गंभीर अपराधों के मुकदमे दर्ज हैं।
आरोपी का आपराधिक इतिहास:
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मुकदमा संख्या 402/2019
धारा 392/411 भादवि
थाना छाबड़ागंज, जनपद संभल
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मुकदमा संख्या 154/2020
धारा 3/1 गैंगस्टर एक्ट
थाना छाबड़ागंज, जनपद संभल
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मुकदमा संख्या 82/2026
धारा 140(1), 309(4), 103(1), 238(क), 61(2)क बीएनएसएस
थाना धनारी, जनपद संभल
आगे की जांच जारी
एसटीएफ अब आरोपी के नेटवर्क, उसके सहयोगियों और फरारी के दौरान उसे मदद पहुंचाने वाले लोगों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि फरारी के दौरान उसने किन-किन लोगों से संपर्क किया और क्या वह किसी बड़े आपराधिक गिरोह से जुड़ा हुआ था।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को स्थानीय पुलिस के हवाले कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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