दिल्ली के हर्ष विहार इलाके में 13 लाख रुपये की घरेलू चोरी के मामले में पुलिस ने 28 वर्षीय आरोपी फिरोज को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसके कब्जे और निशानदेही पर 94,800 रुपये नकद, चोरी की रकम से खरीदी गई हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल, एक चोरी का रियलमी मोबाइल फोन और ताला तोड़ने में इस्तेमाल किया गया पाइप रिंच बरामद किया है। आरोपी पहले भी चोरी, सेंधमारी और आर्म्स एक्ट से जुड़े 12 मामलों में शामिल रह चुका है।
दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके में हुई एक बड़ी घरेलू चोरी की गुत्थी को सुलझाने में हर्ष विहार थाना पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। एक घर से 13 लाख रुपये चोरी होने के मामले में पुलिस ने 28 वर्षीय एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान फिरोज के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित साहिबाबाद इलाके का रहने वाला है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी के कब्जे से चोरी की रकम का हिस्सा, चोरी के पैसों से खरीदी गई मोटरसाइकिल, एक अन्य घर में हुई चोरी का मोबाइल फोन और ताला तोड़ने के लिए इस्तेमाल किया गया पाइप रिंच बरामद किया गया है।
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही था कि आखिर घर से लाखों रुपये गायब करने वाला आरोपी कौन है और इतनी बड़ी रकम चोरी करने के बाद वह कहां छिपा बैठा है? हर्ष विहार पुलिस ने अलग-अलग स्रोतों से मिली जानकारी और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी तक पहुंचने का दावा किया है।
19 अगस्त को दर्ज हुई थी 13 लाख रुपये चोरी की ई-FIR
मामला 19 अगस्त 2026 का है। मंडोली निवासी शिकायतकर्ता ने अपने घर से 13 लाख रुपये चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। इस संबंध में हर्ष विहार थाने में e-FIR संख्या 80068947/26 दर्ज की गई।
घर से इतनी बड़ी रकम गायब होने के बाद पुलिस के सामने आरोपी तक पहुंचने की चुनौती थी। चोरी किसने की, आरोपी घर तक कैसे पहुंचा और वारदात को किस तरीके से अंजाम दिया गया—इन सभी सवालों के जवाब तलाशने के लिए पुलिस ने जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हर्ष विहार थाना पुलिस ने एक विशेष टीम गठित की।
पुलिस टीम ने सुरागों को जोड़कर आरोपी तक पहुंच बनाई
जांच के लिए बनाई गई टीम में ASI आशीष, HC रोहित, HC अंकित, HC विकास और महिला कांस्टेबल अमन कौर शामिल थीं। टीम का नेतृत्व हर्ष विहार थाने के SHO इंस्पेक्टर तेज दत्त गौर ने किया।
पूरी कार्रवाई ACP नंद नगरी विजय कुमार की निगरानी में की गई।
पुलिस टीम ने अलग-अलग स्रोतों से जानकारी जुटाई और उपलब्ध सुरागों को जोड़ते हुए संदिग्धों की पहचान पर काम शुरू किया। जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिली, जिसके आधार पर एक व्यक्ति पुलिस के रडार पर आया।
आखिरकार 25 अगस्त 2026 को पुलिस ने 28 वर्षीय फिरोज को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के बाद हुई तलाशी में कई महत्वपूर्ण चीजें बरामद हुईं, जिन्होंने जांच को एक नई दिशा दी।
चोरी के पैसों से खरीदी थी 96 हजार की स्प्लेंडर बाइक
पुलिस के मुताबिक आरोपी फिरोज के कब्जे से एक Hero Splendor Plus मोटरसाइकिल, एक Realme मोबाइल फोन और एक पाइप रिंच बरामद किया गया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि उसने चोरी की रकम से 96,000 रुपये की मोटरसाइकिल खरीदी थी।
पुलिस के लिए पाइप रिंच की बरामदगी भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आरोप है कि इसी औजार का इस्तेमाल घर का ताला तोड़ने के लिए किया गया था।
यानी पुलिस जांच के अनुसार आरोपी ने न केवल चोरी की रकम अपने पास रखी, बल्कि उसका एक हिस्सा मोटरसाइकिल खरीदने में भी इस्तेमाल कर दिया।
बरामद मोबाइल निकला दूसरे चोरी केस का
जांच के दौरान एक और अहम तथ्य सामने आया। आरोपी से बरामद Realme मोबाइल फोन की IMEI जांच की गई।
सत्यापन में पुलिस को पता चला कि यह मोबाइल भी चोरी का था और इसका संबंध हर्ष विहार थाना क्षेत्र में दर्ज एक अन्य घरेलू चोरी के मामले से है।
यह मामला भी 19 अगस्त 2026 को दर्ज किया गया था। संबंधित e-FIR संख्या 80068814/26 भारतीय न्याय संहिता की धारा 305 BNS के तहत दर्ज की गई थी।
इस बरामदगी के बाद पुलिस को आरोपी की कथित आपराधिक गतिविधियों और दूसरे चोरी के मामले के बीच भी एक महत्वपूर्ण कड़ी मिली।
घर पर छापा, फिर पुलिस रिमांड में दूसरी बरामदगी
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू की। पुलिस के अनुसार उसकी निशानदेही पर उसके घर में छापेमारी की गई।
यहां से पुलिस ने 49,800 रुपये नकद बरामद किए।
लेकिन पुलिस की कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। आरोपी को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर आगे पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर दिल्ली के फूल पार्क, ए-पॉकेट, न्यू सीमापुरी इलाके में भी कार्रवाई की गई।
पुलिस के अनुसार वहां से 45,000 रुपये नकद और बरामद किए गए।
इस तरह दोनों जगहों से कुल 94,800 रुपये नकद बरामद हुए।
पहले भी 12 मामलों में शामिल रह चुका है आरोपी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार आरोपी फिरोज का आपराधिक इतिहास भी रहा है। वह पहले सेंधमारी, घर में चोरी और आर्म्स एक्ट से जुड़े कुल 12 मामलों में शामिल रह चुका है।
हालांकि पुलिस के अनुसार आरोपी BC यानी बैड कैरेक्टर घोषित नहीं है, लेकिन उसके खिलाफ पहले से दर्ज मामलों की संख्या जांच में सामने आई है।
आरोपी की पहचान इस प्रकार बताई गई है—
फिरोज, उम्र 28 वर्ष
पिता: स्वर्गीय मोहम्मद समद
निवासी: गली नंबर-1, पप्पू कॉलोनी, साहिबाबाद, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश।
अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने चोरी की यह वारदात अकेले की थी या उसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका भी थी।
अब भी बाकी है 13 लाख की चोरी का पूरा हिसाब
हालांकि पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर नकदी, मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल होने वाला पाइप रिंच बरामद किया है, लेकिन शिकायत में बताई गई 13 लाख रुपये की पूरी रकम अभी बरामद नहीं हुई है।
ऐसे में जांच का अगला बड़ा सवाल यही है कि बाकी रकम कहां गई?
क्या आरोपी ने चोरी की रकम खर्च कर दी? क्या उसने किसी अन्य व्यक्ति को पैसे दिए? या फिर चोरी की रकम किसी दूसरे ठिकाने पर छिपाई गई है?
पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपी से आगे पूछताछ और बरामदगी की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।
पुलिस की कार्रवाई से खुल सकती हैं और वारदातें
एक ही आरोपी से दो अलग-अलग चोरी के मामलों से जुड़ी चीजें मिलने के बाद पुलिस अब उसके पुराने मामलों की भी जांच कर सकती है। खासतौर पर यह पता लगाया जा रहा है कि क्या उसके खिलाफ दर्ज अन्य चोरी और सेंधमारी की वारदातों में भी कोई समान तरीका अपनाया गया था।
फिलहाल हर्ष विहार थाना पुलिस की इस कार्रवाई में कुल 94,800 रुपये नकद, एक हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल, एक रियलमी मोबाइल फोन और एक पाइप रिंच बरामद किया गया है।
13 लाख रुपये की चोरी से शुरू हुई जांच अब आरोपी के कथित आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य चोरी के मामलों तक पहुंच चुकी है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई जारी है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि पुलिस बाकी चोरी की रकम तक पहुंच पाती है या नहीं और आरोपी से पूछताछ में कितनी अन्य वारदातों की कड़ियां सामने आती हैं।
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