दिल्ली के नबी करीम थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग कारोबारी से लूटपाट करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने महज चार घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दो शातिर अपराधी और हिस्ट्रीशीटर भी शामिल हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटी गई नकदी का एक हिस्सा और बैग बनाने के सामान की खरीदारी से जुड़ी रसीद भी बरामद की है।
राजधानी दिल्ली के नबी करीम इलाके में दिनदहाड़े हुई लूट की एक घटना ने कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए। हालांकि, दिल्ली पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने कुछ ही घंटों में इस मामले की गुत्थी सुलझाकर आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
यह घटना 5 अगस्त 2026 की शाम करीब छह बजे की है। नबी करीम थाने में एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई, जिसमें एक बुजुर्ग व्यक्ति के साथ लूटपाट की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम नीमवाला चौक पहुंची।
मौके पर 58 वर्षीय पीड़ित अपने बेटे के साथ मौजूद मिले। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह बैग बनाने के लिए कच्चा माल खरीदने अपने बेटे के साथ नबी करीम आए थे।
बैग का सामान खरीदने आए थे, रास्ते में बन गए निशाना
पीड़ित ने बताया कि वह अपने घर से लगभग 45 से 46 हजार रुपये लेकर आए थे। बैग बनाने के लिए करीब 3,500 रुपये का सामान खरीदने के बाद उन्होंने शेष रकम और खरीदारी की रसीद अपनी पैंट की जेब में रख ली।
शाम करीब 5 बजकर 45 मिनट पर जब वह नीमवाला चौक से गुजर रहे थे, तभी तीन युवकों ने उन्हें घेर लिया।
एक आरोपी ने उनका पैर पकड़ लिया, जबकि दूसरे ने उनकी जेब से पैसे निकालने की कोशिश की। जब पीड़ित ने विरोध किया तो तीसरे आरोपी ने पीछे से धक्का देकर उन्हें जमीन पर गिरा दिया।
इसके बाद तीनों आरोपी 42,500 रुपये और खरीदारी की रसीद लेकर भाग निकले।
बुजुर्ग ने दिखाई हिम्मत, एक आरोपी को पकड़ लिया
घटना के बाद पीड़ित ने साहस का परिचय देते हुए आरोपियों का पीछा किया और उनमें से एक को पकड़ लिया। इसी दौरान आरोपी ने लूट की रकम अपने साथियों को देने की कोशिश की।
हाथापाई के दौरान अधिकांश पैसे सड़क पर गिर गए, जिन्हें पीड़ित ने वापस हासिल कर लिया। हालांकि, 2,500 रुपये और खरीदारी की रसीद आरोपियों के पास ही रह गई।
इसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 309(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
सीसीटीवी कैमरों और खुफिया सूचना से मिली सफलता
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम में उपनिरीक्षक अंकित, हेड कांस्टेबल एम.पी. सिंह, हेड कांस्टेबल जग सोरन, कांस्टेबल संजय और कांस्टेबल सुरेंद्र को शामिल किया गया।
पुलिस ने आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और गुप्त सूचनाओं के आधार पर छापेमारी शुरू कर दी।
तकनीकी निगरानी, स्थानीय खुफिया तंत्र और लगातार की गई छापेमारी के आधार पर पुलिस ने महज चार घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
ये हैं गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें शामिल हैं—
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बादल उर्फ आकाश (24 वर्ष)
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संजू उर्फ कमल (27 वर्ष)
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दिनेश उर्फ टन्नू (23 वर्ष)
इनमें से बादल और संजू नबी करीम थाने के घोषित हिस्ट्रीशीटर बताए जा रहे हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने उगले कई राज
पुलिस पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने जानबूझकर बुजुर्ग व्यक्ति को अपना निशाना बनाया था।
आरोपियों ने खुलासा किया कि वे ऐसे लोगों पर नजर रखते थे, जो अपने साथ नकदी लेकर चलते थे। जब उन्होंने बुजुर्ग को बड़ी रकम के साथ देखा तो उन्हें आसान लक्ष्य समझकर वारदात को अंजाम दे दिया।
आरोपियों ने यह भी बताया कि वे इस रकम का इस्तेमाल अपनी निजी जरूरतों को पूरा करने के लिए करना चाहते थे।
लंबा आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पहले से ही चोरी, लूटपाट और झपटमारी के कई मामले दर्ज हैं। बादल उर्फ आकाश और संजू उर्फ कमल के खिलाफ दिल्ली के विभिन्न थानों में अनेक मुकदमे दर्ज हैं।
दिनेश उर्फ टन्नू भी पहले इसी तरह की एक वारदात में शामिल रह चुका है।
बरामदगी और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के पास से 1,500 रुपये की नकदी और बैग बनाने के सामान की खरीदारी से जुड़ी रसीद बरामद कर ली है।
जांच के दौरान भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(2) भी मामले में जोड़ दी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन आरोपियों का संबंध किसी बड़े गिरोह से तो नहीं है।
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