दिल्ली के मंडावली इलाके में हुई चोरी की एक बड़ी वारदात का पुलिस ने कुछ ही दिनों में खुलासा कर दिया है। पुलिस ने तकनीकी निगरानी, सीसीटीवी फुटेज और गुप्त सूचना के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किया गया सामान भी बरामद कर लिया गया है।
पूर्वी दिल्ली के मंडावली इलाके में हुई एक चोरी की वारदात का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए चोरी किया गया एलईडी टीवी, लैपटॉप, सीसीटीवी डीवीआर और तांबे के तार बरामद कर लिए हैं। सबसे अहम बात यह है कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक आरोपी पहले से ही मंडावली थाने का घोषित 'बैड कैरेक्टर' (बीसी) है और उसके खिलाफ पहले से सात आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 30 जुलाई 2026 को मंडावली थाना क्षेत्र में एक मकान में चोरी की सूचना मिली थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि अज्ञात बदमाश घर का ताला तोड़कर अंदर घुस गए और एलईडी टीवी, लैपटॉप, सीसीटीवी डीवीआर, तांबे के तार समेत कई घरेलू सामान लेकर फरार हो गए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। इस संबंध में मंडावली थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 305(ए) और 331(4) के तहत एफआईआर संख्या 253/2026 दर्ज की गई।
सीसीटीवी फुटेज से मिला पहला सुराग
मामले की जांच के लिए मंडावली थाने के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) अनिल मलिक के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम की निगरानी एसीपी योगेश मल्होत्रा कर रहे थे। टीम में एएसआई बृजेश कुमार, कांस्टेबल दीपक और कांस्टेबल प्रदीप को शामिल किया गया।
जांच टीम ने इलाके के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। इसके साथ ही तकनीकी निगरानी और स्थानीय मुखबिरों के जरिए भी जानकारी जुटाई गई। कई दिनों तक लगातार की गई पड़ताल के बाद पुलिस को एक अहम सूचना मिली, जिसके आधार पर दो संदिग्धों की पहचान की गई।
इसके बाद पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने चोरी की वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।
आरोपी के घर से बरामद हुआ चोरी का सामान
पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी अर्जुन गुप्ता ने पुलिस को बताया कि चोरी किया गया सामान उसके घर में छिपाकर रखा गया है। इसके बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर उसके घर की तलाशी ली।
तलाशी के दौरान पुलिस ने एक एलईडी टीवी, एक लैपटॉप, एक सीसीटीवी डीवीआर और तांबे के तार बरामद कर लिए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कहीं उनका संबंध अन्य आपराधिक मामलों से तो नहीं है।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
पुलिस के अनुसार पहला आरोपी अर्जुन गुप्ता है, जिसकी उम्र 32 वर्ष बताई गई है। वह मंडावली इलाके का रहने वाला है और मंडावली थाने का घोषित 'बैड कैरेक्टर' है। उसके खिलाफ पहले से सात आपराधिक मामले दर्ज हैं।
दूसरा आरोपी अभिषेक है, जिसकी उम्र 31 वर्ष है। वह भी मंडावली का निवासी है। अभिषेक पांचवीं कक्षा तक पढ़ा हुआ है और मजदूरी का काम करता है। उसके खिलाफ पहले से चोरी के एक मामले में संलिप्तता दर्ज है।
पुलिस की तत्परता से जल्द सुलझा मामला
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और गुप्त सूचनाओं के समन्वय से इस मामले को बेहद कम समय में सुलझा लिया गया। पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है।
हालांकि, जांच एजेंसियां अभी भी यह पता लगाने में जुटी हुई हैं कि दोनों आरोपियों ने पहले भी इसी तरह की अन्य वारदातों को अंजाम दिया था या नहीं। पुलिस का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े कुछ और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
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