दिल्ली के किलोकरी गांव में मणिपुरी संगीतकार सी. विक्रम सिंह की पीट-पीटकर हत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि उन्होंने घर के बाहर शोर-शराबे और शराब पीने का विरोध किया था, जिसके बाद विवाद बढ़ गया और उन पर हमला कर दिया गया। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाए गए विक्रम की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है। घटना के बाद पूर्वोत्तर के संगठनों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
दिल्ली जैसे शहर में जहां हर दिन लाखों लोग अपने-अपने काम में व्यस्त रहते हैं, वहां एक मामूली विवाद कब जानलेवा हिंसा में बदल जाए, कोई नहीं जानता। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के किलोकरी गांव से सामने आई एक घटना ने इसी सवाल को फिर खड़ा कर दिया है।
यहां मणिपुरी संगीतकार सी. विक्रम सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। शुरुआती पुलिस जांच के मुताबिक विवाद की शुरुआत घर के बाहर हो रहे शोर-शराबे और कथित तौर पर शराब पीने को लेकर हुई थी। विक्रम ने इसका विरोध किया और देखते ही देखते कहासुनी ने मारपीट का रूप ले लिया।
लेकिन उस रात हुआ हमला इतना गंभीर था कि विक्रम को अपनी जान गंवानी पड़ी।
आखिर उस रात हुआ क्या था?
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार विक्रम अपने फ्लैट के बाहर हो रहे शोर से परेशान थे। वहां कुछ डिलीवरी कर्मी और ढाबा कर्मचारी मौजूद थे। आरोप है कि वहां शराब भी पी जा रही थी।
विक्रम ने घर के सामने शोर करने और शराब पीने पर आपत्ति जताई। इसी बात को लेकर उनका वहां मौजूद लोगों से विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद विक्रम के साथ मारपीट की गई।
बताया गया है कि हमलावरों ने उन्हें मुक्कों और घूंसों से बुरी तरह पीटा। मारपीट में विक्रम को गंभीर चोटें आईं।
घटना की जानकारी मिलने के बाद उनका बेटा याइफाबा उन्हें तुरंत होली फैमिली अस्पताल लेकर पहुंचा। परिवार को उम्मीद थी कि इलाज के बाद विक्रम ठीक हो जाएंगे, लेकिन हालत गंभीर थी। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
एक विवाद, कुछ मिनटों की मारपीट और फिर एक परिवार ने अपना सदस्य हमेशा के लिए खो दिया।
पुलिस को कैसे मिली घटना की जानकारी?
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार के मुताबिक पुलिस को विक्रम के साथ मारपीट की पीसीआर कॉल मिली थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शुरुआती जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि विवाद में डिलीवरी कर्मियों और ढाबा कर्मचारियों की भूमिका सामने आ रही है। इसके बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
सनलाइट कॉलोनी थाना पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में भरत कुमार, प्रमोद, रमजान खान, दीपांशु, मोहन विश्वकर्मा, विजय और मन्नू शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपियों की उम्र 19 से 36 साल के बीच है। ये सभी अलग-अलग ढाबों और फूड स्टॉल पर काम करते हैं। मामले में एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है।
हालांकि पुलिस जांच अभी जारी है और घटना के पीछे विवाद की पूरी परिस्थितियों, सभी आरोपियों की भूमिका और हमले के क्रम को लेकर जांच की जा रही है।
कौन थे सी. विक्रम सिंह?
सी. विक्रम सिंह सिर्फ इस घटना के पीड़ित नहीं थे, बल्कि मणिपुर के संगीत जगत में भी उनकी अपनी पहचान थी। वह वेस्टर्न म्यूजिक से जुड़े संगीतकार थे और गिटार बजाते थे।
विक्रम ने कई बैंड के साथ काम किया था। इनमें अल्ट्रा वाइर्स, फीनिक्स और ईस्टर्न डार्क जैसे बैंड शामिल हैं।
वह मशहूर मणिपुरी गायिका चोंगथम कमला के सबसे बड़े बेटे थे। विक्रम लंबे समय से दिल्ली के किलोकरी इलाके में रह रहे थे। वह मैतेई समुदाय से ताल्लुक रखते थे।
उनकी मौत ने परिवार के साथ-साथ मणिपुर और दिल्ली में रहने वाले पूर्वोत्तर समुदाय के लोगों को भी झकझोर दिया है।
पूर्वोत्तर संगठनों ने उठाए सवाल
घटना के बाद पूर्वोत्तर समुदाय से जुड़े संगठनों की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
दिल्ली यूनिवर्सिटी की नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स सोसाइटी ने विक्रम की मौत पर दुख जताते हुए इसे बेमतलब की हिंसा बताया। संगठन ने अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों को सजा दिलाने की मांग की।
वहीं, घटना के विरोध में पूर्वोत्तर के संगठनों की ओर से कैंडल मार्च भी निकाला गया।
फिलहाल पुलिस सात गिरफ्तार आरोपियों और हिरासत में लिए गए नाबालिग से जुड़े मामले की जांच कर रही है। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल जरूर खड़ा किया है कि आखिर एक सामान्य कहासुनी को हिंसा की उस हद तक क्यों पहुंचने दिया गया, जहां एक परिवार को अपना बेटा खोना पड़ा?
अब सबकी नजर पुलिस जांच पर है—क्या विवाद की पूरी तस्वीर सामने आएगी और क्या विक्रम की मौत के लिए जिम्मेदार हर व्यक्ति तक कानून पहुंचेगा? दिल्ली जैसे शहर में जहां हर दिन लाखों लोग अपने-अपने काम में व्यस्त रहते हैं, वहां एक मामूली विवाद कब जानलेवा हिंसा में बदल जाए, कोई नहीं जानता। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के किलोकरी गांव से सामने आई एक घटना ने इसी सवाल को फिर खड़ा कर दिया है।
यहां मणिपुरी संगीतकार सी. विक्रम सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। शुरुआती पुलिस जांच के मुताबिक विवाद की शुरुआत घर के बाहर हो रहे शोर-शराबे और कथित तौर पर शराब पीने को लेकर हुई थी। विक्रम ने इसका विरोध किया और देखते ही देखते कहासुनी ने मारपीट का रूप ले लिया।
लेकिन उस रात हुआ हमला इतना गंभीर था कि विक्रम को अपनी जान गंवानी पड़ी।
आखिर उस रात हुआ क्या था?
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार विक्रम अपने फ्लैट के बाहर हो रहे शोर से परेशान थे। वहां कुछ डिलीवरी कर्मी और ढाबा कर्मचारी मौजूद थे। आरोप है कि वहां शराब भी पी जा रही थी।
विक्रम ने घर के सामने शोर करने और शराब पीने पर आपत्ति जताई। इसी बात को लेकर उनका वहां मौजूद लोगों से विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद विक्रम के साथ मारपीट की गई।
बताया गया है कि हमलावरों ने उन्हें मुक्कों और घूंसों से बुरी तरह पीटा। मारपीट में विक्रम को गंभीर चोटें आईं।
घटना की जानकारी मिलने के बाद उनका बेटा याइफाबा उन्हें तुरंत होली फैमिली अस्पताल लेकर पहुंचा। परिवार को उम्मीद थी कि इलाज के बाद विक्रम ठीक हो जाएंगे, लेकिन हालत गंभीर थी। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
एक विवाद, कुछ मिनटों की मारपीट और फिर एक परिवार ने अपना सदस्य हमेशा के लिए खो दिया।
पुलिस को कैसे मिली घटना की जानकारी?
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार के मुताबिक पुलिस को विक्रम के साथ मारपीट की पीसीआर कॉल मिली थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शुरुआती जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि विवाद में डिलीवरी कर्मियों और ढाबा कर्मचारियों की भूमिका सामने आ रही है। इसके बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
सनलाइट कॉलोनी थाना पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में भरत कुमार, प्रमोद, रमजान खान, दीपांशु, मोहन विश्वकर्मा, विजय और मन्नू शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपियों की उम्र 19 से 36 साल के बीच है। ये सभी अलग-अलग ढाबों और फूड स्टॉल पर काम करते हैं। मामले में एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है।
हालांकि पुलिस जांच अभी जारी है और घटना के पीछे विवाद की पूरी परिस्थितियों, सभी आरोपियों की भूमिका और हमले के क्रम को लेकर जांच की जा रही है।
कौन थे सी. विक्रम सिंह?
सी. विक्रम सिंह सिर्फ इस घटना के पीड़ित नहीं थे, बल्कि मणिपुर के संगीत जगत में भी उनकी अपनी पहचान थी। वह वेस्टर्न म्यूजिक से जुड़े संगीतकार थे और गिटार बजाते थे।
विक्रम ने कई बैंड के साथ काम किया था। इनमें अल्ट्रा वाइर्स, फीनिक्स और ईस्टर्न डार्क जैसे बैंड शामिल हैं।
वह मशहूर मणिपुरी गायिका चोंगथम कमला के सबसे बड़े बेटे थे। विक्रम लंबे समय से दिल्ली के किलोकरी इलाके में रह रहे थे। वह मैतेई समुदाय से ताल्लुक रखते थे।
उनकी मौत ने परिवार के साथ-साथ मणिपुर और दिल्ली में रहने वाले पूर्वोत्तर समुदाय के लोगों को भी झकझोर दिया है।
पूर्वोत्तर संगठनों ने उठाए सवाल
घटना के बाद पूर्वोत्तर समुदाय से जुड़े संगठनों की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
दिल्ली यूनिवर्सिटी की नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स सोसाइटी ने विक्रम की मौत पर दुख जताते हुए इसे बेमतलब की हिंसा बताया। संगठन ने अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों को सजा दिलाने की मांग की।
वहीं, घटना के विरोध में पूर्वोत्तर के संगठनों की ओर से कैंडल मार्च भी निकाला गया।
फिलहाल पुलिस सात गिरफ्तार आरोपियों और हिरासत में लिए गए नाबालिग से जुड़े मामले की जांच कर रही है। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल जरूर खड़ा किया है कि आखिर एक सामान्य कहासुनी को हिंसा की उस हद तक क्यों पहुंचने दिया गया, जहां एक परिवार को अपना बेटा खोना पड़ा?
अब सबकी नजर पुलिस जांच पर है—क्या विवाद की पूरी तस्वीर सामने आएगी और क्या विक्रम की मौत के लिए जिम्मेदार हर व्यक्ति तक कानून पहुंचेगा?
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