प्रयागराज में उत्तर प्रदेश एसटीएफ को बड़ी सफलता मिली है। फाफामऊ थाना क्षेत्र में गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में वांछित और 1 लाख रुपये के इनामी अभियुक्त सुनील कुमार भारतीया उर्फ गुंगे को एसटीएफ फील्ड यूनिट प्रयागराज की टीम ने गिरफ्तार किया। आरोपी को 9 अगस्त 2026 की सुबह जय गुरुदेव आश्रम से करीब 50 मीटर पीछे बेला कछार की तरफ से पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ जीआरपी और फाफामऊ थाने में चोरी, लूट, मादक पदार्थ और अन्य धाराओं में कुल 10 मुकदमे दर्ज हैं।
प्रयागराज में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच उत्तर प्रदेश एसटीएफ को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। लंबे समय से फरार चल रहे और 1 लाख रुपये के पुरस्कार घोषित अभियुक्त सुनील कुमार भारतीया उर्फ गुंगे को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया।
सुनील कुमार भारतीया फाफामऊ थाने में दर्ज मु0अ0सं0 348/2025, धारा 2/3 उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम यानी गैंगस्टर एक्ट में वांछित था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की ओर से 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
एसटीएफ के अनुसार आरोपी को 9 अगस्त 2026 को सुबह 8:45 बजे फाफामऊ थाना क्षेत्र में जय गुरुदेव आश्रम से करीब 50 मीटर पीछे बेला कछार की तरफ से गिरफ्तार किया गया।
सूचना मिली और एसटीएफ ने बिछाया जाल
एसटीएफ उत्तर प्रदेश को पिछले काफी समय से फरार और पुरस्कार घोषित अपराधियों के संबंध में सूचनाएं मिल रही थीं। इसके बाद एसटीएफ की विभिन्न इकाइयों और टीमों को अभिसूचना संकलन और कार्रवाई के लिए लगाया गया था।
इसी क्रम में पुलिस उपाधीक्षक शैलेश प्रताप सिंह, एसटीएफ फील्ड यूनिट प्रयागराज के पर्यवेक्षण और निरीक्षक जय प्रकाश राय के नेतृत्व में टीम लगातार सूचनाएं जुटा रही थी।
9 अगस्त को एसटीएफ फील्ड यूनिट प्रयागराज की टीम फाफामऊ क्षेत्र में आपराधिक अभिसूचना संकलन के लिए भ्रमणशील थी। टीम में उपनिरीक्षक धर्मेन्द्र सिंह, उपनिरीक्षक मो. हबीब अहमद सिद्दीकी, मुख्य आरक्षी सुनील कुमार, राजेश कुमार, दिलीप कुमार त्रिपाठी, पंकज सिंह, प्रभंजन पाण्डेय, पंकज तिवारी और आरक्षी चालक मनोज कुमार यादव शामिल थे।
इसी दौरान टीम को सुनील कुमार भारतीया उर्फ गुंगे के इलाके में होने की सूचना मिली। सूचना को गंभीरता से लेते हुए टीम ने बताए गए स्थान पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सामने आई पुरानी आपराधिक कहानी
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में सुनील कुमार भारतीया उर्फ गुंगे ने अपना हाल का पता ग्राम रंगपुरा, थाना फाफामऊ, प्रयागराज और मूल पता बैहराना खानपुर, थाना मऊआइमा, प्रयागराज बताया।
एसटीएफ के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह वर्ष 2019 से अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी और लूट की कई घटनाओं को अंजाम देता रहा है। इन घटनाओं को लेकर जीआरपी और फाफामऊ थाने में उसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी ने यह भी बताया कि वह पूर्व में जेल जा चुका है।
वर्ष 2025 में फाफामऊ थाने में उसके और उसके साथी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी मुकदमे में वह वांछित चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
अब एसटीएफ की गिरफ्तारी के बाद उसे फाफामऊ थाने में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में दाखिल किया गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।
10 मुकदमों में दर्ज है नाम
एसटीएफ के अनुसार सुनील कुमार भारतीया उर्फ गुंगे का ज्ञात आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ प्रयागराज की जीआरपी और फाफामऊ थाने में वर्ष 2019 से 2025 तक कुल 10 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।
इनमें वर्ष 2019 का मु0अ0सं0 595/2019, धारा 379/411 आईपीसी, जीआरपी प्रयागराज में दर्ज है।
वर्ष 2020 में जीआरपी प्रयागराज में मु0अ0सं0 16/2020, धारा 379/411 आईपीसी; मु0अ0सं0 35/2020, धारा 380/411 आईपीसी और मु0अ0सं0 127/2020, धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट के मुकदमे दर्ज हैं।
फाफामऊ थाने में वर्ष 2023 में मु0अ0सं0 27/2023, 148/2023 और 154/2023 दर्ज हुए, जिनमें धारा 392/411/413 आईपीसी लगाई गई थी।
इसके बाद जीआरपी प्रयागराज में वर्ष 2024 का मु0अ0सं0 325/2024, धारा 305सी/317(2) बीएनएस दर्ज है।
वर्ष 2025 में फाफामऊ थाने में मु0अ0सं0 284/2025, धारा 110/115(2)/351(2)/352 बीएनएस और मु0अ0सं0 348/2025, धारा 2/3 यूपी गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है।
अब स्थानीय पुलिस करेगी आगे की कार्रवाई
एसटीएफ ने गिरफ्तारी के बाद आरोपी सुनील कुमार भारतीया उर्फ गुंगे को फाफामऊ थाने में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में दाखिल कर दिया है। अब उसके खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।
एक लाख रुपये के इनामी आरोपी की गिरफ्तारी को प्रयागराज में फरार और पुरस्कार घोषित अपराधियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के लिहाज से अहम माना जा रहा है। हालांकि, अब आगे की जांच में यह भी स्पष्ट होगा कि आरोपी से जुड़े पुराने मामलों में उसकी भूमिका और उसके कथित साथियों के नेटवर्क के बारे में क्या और जानकारी सामने आती है।
फिलहाल इतना साफ है कि जिस आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस लंबे समय से तलाश कर रही थी, वह फाफामऊ के उसी इलाके में मिला, जहां एसटीएफ की टीम ने सूचना के आधार पर पहुंचकर कार्रवाई की। अब गिरफ्तारी के बाद जांच की अगली कड़ी इस बात पर टिकी है कि पुराने मुकदमों और कथित आपराधिक नेटवर्क से जुड़े कौन-कौन से राज सामने आते हैं।
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