दिल्ली पुलिस की कोतवाली थाना अंतर्गत रेड फोर्ट पुलिस पोस्ट टीम ने दो कुख्यात स्नैचरों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपियों के कब्जे से आठ चोरी के दोपहिया वाहन, एक स्नैच किया गया मोबाइल, अवैध हथियार और चाकू बरामद हुए हैं। पूछताछ में कई स्नैचिंग और वाहन चोरी की वारदातों का खुलासा हुआ है।
राजधानी दिल्ली में लगातार बढ़ रही वाहन चोरी और मोबाइल स्नैचिंग की घटनाओं के बीच दिल्ली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कोतवाली थाना क्षेत्र की रेड फोर्ट पुलिस पोस्ट (PP Red Fort) की टीम ने दो शातिर स्नैचरों को गिरफ्तार कर चोरी और लूट की कई वारदातों का खुलासा किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से आठ चोरी के दोपहिया वाहन (पांच मोटरसाइकिल और तीन स्कूटी), एक स्नैच किया गया वीवो मोबाइल फोन, एक देसी तमंचा, दो जिंदा कारतूस और एक बटनदार चाकू बरामद किया है। पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई से वाहन चोरी और स्नैचिंग के कुल नौ मामलों का खुलासा हुआ है।
गुप्त सूचना से शुरू हुआ ऑपरेशन
दिल्ली पुलिस के अनुसार 12 और 13 जुलाई 2026 की दरम्यानी रात रेड फोर्ट पुलिस पोस्ट में तैनात हेड कांस्टेबल रोहित को गुप्त सूचना मिली कि दो शातिर स्नैचर गोल्डन जुबली पार्क, आउटर रिंग रोड के आसपास आने वाले हैं।
सूचना मिलते ही पीपी रेड फोर्ट प्रभारी एसआई आयुष बजाज के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम में पीएसआई सत्यजीत, एएसआई मोहम्मद रहमान, हेड कांस्टेबल रोहित शर्मा, हेड कांस्टेबल नितिन सरोहा, कांस्टेबल विपुल, कांस्टेबल अजय, कांस्टेबल प्रमोद कुमार और कांस्टेबल निशांत शामिल थे।
पूरे अभियान की निगरानी थाना कोतवाली के एसएचओ इंस्पेक्टर सुमन कुमार ने की, जबकि एसीपी कोतवाली शंकर बनर्जी के मार्गदर्शन में कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने गोल्डन जुबली पार्क के पास रणनीतिक तरीके से घेराबंदी की।
कुछ समय बाद ट्रांस यमुना की ओर से एक मोटरसाइकिल पर दो संदिग्ध युवक आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन दोनों ने रुकने के बजाय तेज रफ्तार में भागने का प्रयास किया।
पुलिस के अनुसार भागते समय आरोपियों ने जानबूझकर कांस्टेबल विपुल को मोटरसाइकिल से टक्कर मार दी। हालांकि इस दौरान उनकी बाइक असंतुलित होकर सड़क पर गिर गई।
इसके बाद दोनों आरोपी पैदल भागने लगे, लेकिन पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया।
दोनों आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आरिश उर्फ आरिस (25 वर्ष) और शाहिद उर्फ अकबर (26 वर्ष) के रूप में हुई। दोनों दिल्ली के श्रीराम कॉलोनी, खजूरी खास के रहने वाले हैं।
तलाशी के दौरान पुलिस ने उनके कब्जे से एक अवैध देसी तमंचा, दो जिंदा कारतूस, एक बटनदार चाकू और एक वीवो मोबाइल फोन बरामद किया।

जांच में पता चला कि जिस मोटरसाइकिल पर दोनों सवार थे, वह राजौरी गार्डन थाना क्षेत्र से चोरी की गई थी। वहीं बरामद मोबाइल फोन वजीराबाद थाना क्षेत्र में दर्ज स्नैचिंग के मामले से संबंधित पाया गया।
यमुना खादर से बरामद हुए सात और वाहन
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने चोरी के अन्य वाहन यमुना खादर स्थित रैन बसेरा के पास छिपा रखे हैं।
उनकी निशानदेही पर पुलिस ने वहां से चार मोटरसाइकिल और तीन स्कूटी बरामद कीं।
सभी वाहनों का सत्यापन करने पर पता चला कि ये दिल्ली के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से चोरी किए गए थे।
इसके बाद थाना कोतवाली में एफआईआर संख्या 560/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और आर्म्स एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई।

ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
पूछताछ में आरोपियों ने कई अहम खुलासे किए।
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी पहले चोरी की मोटरसाइकिल या स्कूटी का इंतजाम करते थे और फिर उन्हीं वाहनों का इस्तेमाल कर मोबाइल फोन या अन्य कीमती सामान की स्नैचिंग करते थे।
दो से तीन वारदातों के बाद वे चोरी किए गए वाहनों को सुनसान स्थानों पर छोड़ देते थे, ताकि पुलिस उनकी पहचान तक न पहुंच सके।
आरोपियों ने यह भी बताया कि उन्होंने करीब एक महीने पहले उत्तर प्रदेश के लोनी (गाजियाबाद) क्षेत्र से किसी अज्ञात व्यक्ति से देसी तमंचा और चाकू खरीदा था। वारदात के दौरान यदि कोई विरोध करता था तो उसे डराने या हमला करने के लिए इन हथियारों का इस्तेमाल करते थे।
दोनों का आपराधिक इतिहास भी लंबा
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी पहले से कई आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं।
आरिश उर्फ आरिस स्कूल छोड़ चुका है और शराब का आदी बताया गया है। वह खजूरी खास थाना क्षेत्र से एक्सटर्नी (Externee) भी रह चुका है। उसके खिलाफ दिल्ली के विभिन्न थानों में लूट, स्नैचिंग और आर्म्स एक्ट से जुड़े 10 मामले दर्ज हैं।

वहीं शाहिद उर्फ अकबर भी स्कूल छोड़ चुका है और शराब की लत का शिकार है। उसके खिलाफ लूट, स्नैचिंग और आर्म्स एक्ट के चार मामले पहले से दर्ज बताए गए हैं।
नौ मामलों का हुआ खुलासा
दिल्ली पुलिस के अनुसार इस कार्रवाई से वजीराबाद, राजौरी गार्डन, लाजपत नगर, ख्याला, भजनपुरा, रोहिणी नॉर्थ, नबी करीम, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और सीलमपुर थाना क्षेत्रों में दर्ज कुल नौ वाहन चोरी और स्नैचिंग के मामलों का खुलासा हुआ है।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि दोनों आरोपियों का किसी बड़े संगठित स्नैचिंग गिरोह से संबंध तो नहीं है और क्या वे अन्य राज्यों में भी वारदातों में शामिल रहे हैं।
फिलहाल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और पूछताछ के आधार पर आगे और भी खुलासे हो सकते हैं।
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