दिल्ली पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने कथित तौर पर नवीन बाली–नीरज बवाना गैंग से जुड़े एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के पास से तीन सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल, पांच देसी पिस्तौल, 30 जिंदा कारतूस और चोरी की स्कूटी बरामद हुई है। पुलिस को आशंका है कि आरोपी अलीपुर में प्रतिद्वंद्वी गोगी गैंग के एक सदस्य पर हमले की योजना बना रहा था। मामले की जांच जारी है।
को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी कथित तौर पर नवीन बाली–नीरज बवाना गैंग से जुड़ा है और अलीपुर में प्रतिद्वंद्वी गोगी गैंग के एक सदस्य की हत्या करने की योजना बना रहा था। पुलिस की समय रहते की गई कार्रवाई से इस कथित साजिश को नाकाम करने का दावा किया गया है। हालांकि, प्रस्तावित हमले और आरोपी के गैंग से संबंधों की पुष्टि अभी जांच का विषय है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार युवक की पहचान हर्ष पुत्र सुनील कुमार, निवासी नांगल ठाकरान, बवाना, दिल्ली के रूप में हुई है। उसके पास से कुल आठ आग्नेयास्त्र, 30 जिंदा कारतूस और एक चोरी की सुजुकी एक्सेस स्कूटी बरामद की गई है।
गुप्त सूचना के बाद बिछाया गया जाल
दिल्ली पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल, नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट को एक कथित शूटर की गतिविधियों के संबंध में विशेष गुप्त सूचना मिली थी। सूचना में आशंका जताई गई थी कि नवीन बाली–नीरज बवाना गैंग से जुड़ा संदिग्ध व्यक्ति अलीपुर की ओर जा सकता है, जहां कथित तौर पर उसे प्रतिद्वंद्वी गोगी गैंग के एक सदस्य को निशाना बनाना था।
सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई। पूरी कार्रवाई एसीपी ऑपरेशन नॉर्थ विशेष धत्तरवाल और इंस्पेक्टर STF एवं एंटी-नारकोटिक्स सेल नॉर्थ आशीष दुबे की निगरानी में की गई। टीम में एसआई जगबीर, एसआई प्रवीण, एएसआई विजय, हेड कांस्टेबल आशीष, हेड कांस्टेबल राहुल, कांस्टेबल दीपांशु और कांस्टेबल विनीत शामिल थे।
पुलिस टीम ने कश्मीरी गेट स्थित युधिष्ठिर सेतु के नीचे रिंग रोड के पास रणनीतिक तरीके से घेराबंदी की।

रात 11:55 बजे स्कूटी से पहुंचा संदिग्ध
पुलिस के अनुसार, 22 अक्टूबर 2026 की रात करीब 11:55 बजे नीले रंग की सुजुकी एक्सेस स्कूटी पर सवार एक युवक सिविल लाइंस की ओर से आया और पुल के नीचे रुक गया। मुखबिर द्वारा पहचान किए जाने के बाद पुलिस टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।
पूछताछ और पहचान के दौरान उसका नाम हर्ष सामने आया। तलाशी लेने पर उसकी कमर के बाईं ओर एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल मिली, जिसमें पांच जिंदा कारतूस भरे हुए थे।
इसके बाद उसके पास मौजूद काले रंग के बैग की तलाशी ली गई। पुलिस के मुताबिक, बैग से दो और सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल, पांच देसी पिस्तौल और 25 जिंदा कारतूस बरामद हुए। इस तरह कुल बरामद हथियारों की संख्या आठ और जिंदा कारतूसों की संख्या 30 हो गई।
आठ हथियार और 30 कारतूस बरामद
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, आरोपी के कब्जे से बरामद सामान में शामिल हैं:
तीन सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल।
पांच देसी पिस्तौल।
7.65 एमएम के 20 जिंदा कारतूस।
8 एमएम के 10 जिंदा कारतूस।
एक चोरी की सुजुकी एक्सेस स्कूटी।

स्कूटी के नंबर की जांच करने पर पता चला कि उसके चोरी होने की रिपोर्ट आदर्श नगर थाने में दर्ज FIR संख्या 023918/26 से संबंधित है। पुलिस ने इस मामले में कश्मीरी गेट थाने में 23 अक्टूबर 2026 को FIR संख्या 478/2026 दर्ज की है। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पूछताछ में क्या बताया आरोपी ने?
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान हर्ष ने खुलासा किया कि वह नवीन बाली गैंग के निर्देश पर यमुना पार के इलाके में गया था, जहां से उसने बरामद हथियार और कारतूस हासिल किए। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने यह भी बताया कि उसे एक सहयोगी के साथ मिलकर अलीपुर जाना था, जहां एक व्यक्ति की हत्या करने की योजना थी।
हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आरोपी के इन कथित खुलासों की पुष्टि के लिए आगे जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित तौर पर किस व्यक्ति को निशाना बनाया जाना था, हथियार किसने उपलब्ध कराए और इस मामले में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
पहले भी तीन आपराधिक मामलों में नाम
पुलिस के मुताबिक, हर्ष का नाम पहले भी तीन आपराधिक मामलों में सामने आ चुका है। ये मामले बवाना थाना, कंझावला थाना और बाहरी नॉर्थ जिले के एनआईए थाने में दर्ज बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार, इन मामलों में आर्म्स एक्ट, डकैती और अपहरण से संबंधित आरोप शामिल हैं।
फिलहाल पुलिस बरामद हथियारों के स्रोत का पता लगाने, आरोपी के कथित सहयोगियों की पहचान करने और उसके गैंग संबंधों की जांच में जुटी है। अब जांच का अहम पहलू यह है कि हथियारों की यह खेप कहां से आई, इसे किसे सौंपा जाना था और क्या अलीपुर में किसी हमले की वास्तविक तैयारी की जा रही थी।
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