रोहिणी DIU ने नकली करेंसी सिंडिकेट का भंडाफोड़ कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार 10.50 लाख रुपये के संदिग्ध नकली नोट और प्रिंटिंग उपकरण बरामद हुए।
दिल्ली पुलिस की रोहिणी जिला DIU ने नकली भारतीय करेंसी की सप्लाई और सर्कुलेशन से जुड़े कथित सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे और उनसे जुड़े ठिकानों से करीब 10.50 लाख रुपये कीमत के संदिग्ध नकली 500 रुपये के नोट बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान नकली नोट तैयार करने में कथित तौर पर इस्तेमाल किए जा रहे कई उपकरण और डिजिटल डिवाइस भी बरामद किए हैं। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।
जापानी पार्क के पास तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, 30 सितंबर 2026 को रोहिणी DIU की टीम को थाना प्रशांत विहार इलाके में नकली भारतीय मुद्रा की सप्लाई की सूचना मिली थी।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने जापानी पार्क के पास छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान तीन आरोपियों पुष्कर राज पुरबिया उर्फ ‘डॉक्टर’, गोसाई राम और साहिल खरब को पकड़ा गया।
पुलिस के मुताबिक, इनके पास से 500 रुपये मूल्यवर्ग के संदिग्ध नकली नोट और नकली करेंसी तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री बरामद हुई। इसके बाद थाना प्रशांत विहार में FIR नंबर 282/2026 दर्ज की गई।

पूछताछ के बाद राजस्थान से चौथा आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने बताया कि शुरुआती गिरफ्तारी के बाद आरोपियों से पूछताछ और तकनीकी निगरानी के आधार पर नरेंद्र कुमार को राजस्थान के चूरू से गिरफ्तार किया गया।
जांच के दौरान आरोपियों से जुड़े ठिकानों पर तलाशी भी ली गई। पुलिस के अनुसार, इन स्थानों से प्रिंटिंग उपकरण, डिजिटल डिवाइस, प्रिंटिंग सामग्री और अन्य सामान बरामद हुआ, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर नकली नोट तैयार करने में किया जाता था।
पुलिस के मुताबिक, पूरी कार्रवाई के दौरान 500 रुपये के संदिग्ध नकली नोटों की 21 गड्डियां बरामद हुईं, जिनकी कुल कीमत करीब 10 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है।
ये सामान हुआ बरामद
पुलिस के अनुसार आरोपियों से और उनके ठिकानों से निम्न सामान बरामद किया गया है—
- करीब 10.50 लाख रुपये के संदिग्ध नकली भारतीय नोट
- 2 कलर प्रिंटर
- 1 पेपर-कटिंग मशीन
- 2 HP लैपटॉप
- 1 नोट-काउंटिंग मशीन

- स्क्रीन प्रिंटिंग सामग्री
- 1 डेस्कटॉप कंप्यूटर और मॉनिटर
- 1 Lenovo LCD मॉनिटर
- 1 iBall CPU
- खाली कागज, रिबन और अन्य प्रिंटिंग सामग्री
- कथित हाई-सिक्योरिटी फीचर वाले खाली सिक्योरिटी पेपर
पुलिस का कहना है कि बरामद डिजिटल उपकरणों में मौजूद डेटा की जांच की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक ऐसे काम करता था कथित नेटवर्क
जांच में पुलिस को आरोपियों के बीच अलग-अलग भूमिकाओं का पता चलने का दावा किया गया है। पुलिस के मुताबिक, कुछ आरोपी कथित तौर पर नकली नोट तैयार करने के लिए सामग्री जुटाने, किराए पर ठिकाने की व्यवस्था करने और नोटों की सप्लाई व सर्कुलेशन में शामिल थे।
पुलिस का यह भी दावा है कि आरोपियों ने नकली नोट तैयार करने की प्रक्रिया सीखने के लिए ऑनलाइन माध्यमों और सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया।
हालांकि, इन सभी आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
गिरफ्तार आरोपियों की प्रोफाइल
पुष्कर राज पुरबिया उर्फ ‘डॉक्टर’, उम्र 56 वर्ष, जयपुर का रहने वाला है और पुलिस के अनुसार प्रॉपर्टी डीलर के तौर पर काम करता था। पुलिस ने उसके खिलाफ राजस्थान में एक धोखाधड़ी का मामला और Negotiable Instruments Act की धारा 138 के तहत चार मामलों में पूर्व संलिप्तता बताई है।

गोसाई राम, उम्र 22 वर्ष, राजस्थान के बाड़मेर का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक वह संदिग्ध नकली करेंसी तैयार करने के लिए सामग्री जुटाने और इसकी प्रक्रिया सीखने में कथित तौर पर शामिल था।
साहिल खरब, उम्र 28 वर्ष, सोनीपत, हरियाणा का निवासी है। पुलिस के अनुसार वह ग्रेजुएट है और अपने परिवार की दुकान पर काम करता था। उस पर नकली नोट तैयार करने की सामग्री जुटाने और ठिकाने की व्यवस्था में मदद करने का आरोप है।
नरेंद्र कुमार, उम्र 31 वर्ष, चूरू, राजस्थान का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक वह अन्य आरोपियों के संपर्क में था और संदिग्ध नकली करेंसी तैयार करने के लिए सामग्री जुटाने में कथित तौर पर मदद करता था।
पूरे नेटवर्क की तलाश जारी
रोहिणी DIU की इस कार्रवाई के बाद अब पुलिस की जांच का फोकस इस कथित नेटवर्क के पूरे सर्कुलेशन सिस्टम पर है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि संदिग्ध नकली नोट कहां तैयार किए जा रहे थे, इन्हें कहां सप्लाई किया जाना था और अब तक कितनी नकली करेंसी बाजार में पहुंचाई जा चुकी है।
साथ ही पुलिस अन्य संभावित आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की कोशिश कर रही है।
पुलिस के अनुसार मामले में आगे की जांच जारी है। बरामद नोटों और सामग्री को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
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