दिल्ली के नॉर्थ जिले में थाना वजीराबाद पुलिस ने घरों में चोरी के दो मामलों का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों को CCTV फुटेज, तकनीकी निगरानी और स्थानीय सूचना के आधार पर ऋषिकेश के शिवपुरी से लेकर भजनपुरा तक ट्रैक किया गया। उनके कब्जे से ₹42,670 नकद, सोने-चांदी के आभूषण, चोरी में इस्तेमाल स्कूटी और घरों के ताले तोड़ने के औजार सहित कई सामान बरामद किए गए हैं।
घर में चोरी की वारदात के बाद आरोपी दिल्ली से निकलकर उत्तराखंड के ऋषिकेश पहुंच गए, लेकिन पुलिस की जांच से बच नहीं सके। थाना वजीराबाद के अंतर्गत पुलिस चौकी संगम विहार की टीम ने CCTV कैमरों की फुटेज, संदिग्धों की गतिविधियों की निगरानी और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई से चोरी के दो मामले सुलझाए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, 10 अक्टूबर 2026 को वजीराबाद निवासी संजीव भौमिक ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके घर से अज्ञात लोग सोने-चांदी के आभूषण और नकदी चोरी कर ले गए हैं। शिकायत के आधार पर थाना वजीराबाद में FIR संख्या 80086467/2026, दिनांक 10 अक्टूबर 2026, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
सफेद स्कूटी पर आए थे संदिग्ध, फिर शुरू हुई तलाश
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस चौकी संगम विहार के प्रभारी SI नवीन सिंधु के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम में ASI अनिल, HC दीपक, HC संदीप, HC रोहताश, HC अंकित बैंसला, कांस्टेबल आशुतोष, कांस्टेबल नीरज और महिला कांस्टेबल अनुपमा शामिल थीं।
पूरी कार्रवाई थाना वजीराबाद के SHO इंस्पेक्टर प्रशांत आनंद की निगरानी और ACP बुराड़ी शशिकांत गौड़ के मार्गदर्शन में की गई।
जांच के दौरान घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई। पुलिस के मुताबिक, फुटेज में दो संदिग्ध सफेद स्कूटी पर आते दिखाई दिए। इसके बाद टीम ने उनके संभावित रास्तों पर लगे सैकड़ों CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच की और उनकी आवाजाही का पता लगाने की कोशिश की।

लगातार ट्रैकिंग और स्थानीय स्तर पर पूछताछ के बाद संदिग्धों की गतिविधियां दिल्ली के भजनपुरा स्थित एक मकान तक पहुंचीं। जांच में एक संदिग्ध की पहचान समीर उर्फ सद्दाम, निवासी भजनपुरा, दिल्ली के रूप में हुई।
दिल्ली से ऋषिकेश पहुंचा आरोपी, 15 अक्टूबर को गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, तकनीकी जानकारी और स्थानीय सूत्रों से पता चला कि दोनों संदिग्ध 14 अक्टूबर 2026 की सुबह दिल्ली से उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित शिवपुरी चले गए थे। इसके बाद पुलिस टीम ने उनकी तलाश तेज की।
तकनीकी निगरानी की मदद से पुलिस ने 15 अक्टूबर 2026 को शिवपुरी, ऋषिकेश से समीर उर्फ सद्दाम को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान समीर ने कथित तौर पर वारदात में अपने साथी मुजम्मिल उर्फ मोनू, उम्र 26 वर्ष, की संलिप्तता के बारे में जानकारी दी।
इसके बाद पुलिस ने उसी दिन भजनपुरा, दिल्ली से मुजम्मिल उर्फ मोनू को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों की निशानदेही पर उनके घरों से चोरी किए गए आभूषण और नकदी बरामद की गई।
चोरी के सामान के साथ सोना पिघलाने का उपकरण भी बरामद
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास से ₹42,670 नकद के अलावा सोने की एक चेन, एक मंगलसूत्र, पांच अंगूठियां और सोने की दो जोड़ी बालियां बरामद हुईं। चांदी के सामान में दो चेन, चार जोड़ी चुटकियां, एक चम्मच, दो सिक्के, एक कमरबंद, एक सिंदूरदानी और एक जोड़ी पायलनुमा चांदी के कंगन शामिल बताए गए हैं।
इसके अतिरिक्त एक महिला का पर्स, घर में सेंधमारी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले औजार, शिकायतकर्ता के घर का टूटा हुआ ताला, सोना पिघलाने के लिए इस्तेमाल होने वाला गैस बर्नर, एक इलेक्ट्रिक वजन मशीन, वारदात में इस्तेमाल स्कूटी और घटना के समय पहने गए बताए जा रहे कपड़े भी बरामद किए गए हैं।
सोना पिघलाने के उपकरण और वजन मशीन की बरामदगी ने जांच में एक और महत्वपूर्ण पहलू जोड़ा है। हालांकि, बरामद सामान के संबंध में पुलिस की ओर से दी गई जानकारी को जांच के निष्कर्षों के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।

हरदेव नगर की चोरी से भी जुड़ा मामला
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर हरदेव नगर इलाके में एक अन्य घर से आभूषण चोरी करने की बात भी बताई। इस मामले में थाना वजीराबाद में 21 सितंबर 2026 को ई-FIR संख्या 80080272/2026, BNS की धारा 305 के तहत दर्ज की गई थी।
पुलिस का दावा है कि दोनों मामलों में आरोपियों की भूमिका सामने आने के बाद कुल दो चोरी के मामले सुलझाए गए हैं।
फर्जी नंबर प्लेट लगाकर पुलिस को चकमा देने की कोशिश
जांच के दौरान आरोपियों के कथित तरीके के बारे में भी जानकारी सामने आई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी चोरी की गई स्कूटी का इस्तेमाल इलाके में घूमने, कम आवाजाही वाली गलियों में घरों की पहचान करने और कमजोर सुरक्षा वाले मकानों को निशाना बनाने के लिए करते थे।
पहचान छिपाने और पुलिस की पकड़ से बचने के लिए उन्होंने स्कूटी की मूल नंबर प्लेट हटाकर उस पर कथित तौर पर फर्जी नंबर प्लेट लगा दी थी। चोरी के बाद सामान को अपने घरों में छिपाने की बात भी पुलिस ने कही है।
दोनों आरोपी स्कूल छोड़ चुके बताए गए हैं। समीर उर्फ सद्दाम की उम्र 23 वर्ष और मुजम्मिल उर्फ मोनू की उम्र 26 वर्ष है। दोनों भजनपुरा, दिल्ली के निवासी हैं।
पुलिस की कार्रवाई से दो मामले सुलझाने का दावा
वजीराबाद पुलिस की इस कार्रवाई में CCTV फुटेज का विश्लेषण, रास्तों की ट्रैकिंग, स्थानीय खुफिया जानकारी और तकनीकी निगरानी अहम कड़ी साबित हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की गिरफ्तारी और बरामदगी से दो घरों में चोरी की वारदातों की जांच में सफलता मिली है।
फिलहाल, पुलिस द्वारा बताए गए आरोप और बरामदगी जांच का हिस्सा हैं। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया संबंधित जांच और न्यायिक कार्यवाही के अनुसार आगे बढ़ेगी।
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