ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने ननवा का राजपुर और अटाई मुरादपुर में कार्रवाई कर 62,500 वर्गमीटर जमीन से अवैध निर्माण हटाया। जमीन की अनुमानित कीमत 125 करोड़ रुपये है।
ग्रेटर नोएडा में जमीन पर कब्जा कर अवैध कॉलोनी बसाने की कोशिश कर रहे कॉलोनाइजरों के मंसूबों पर एक बार फिर प्राधिकरण का बुल्डोजर भारी पड़ा है। बुधवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की टीम ने दो अलग-अलग गांवों में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 62,500 वर्गमीटर जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया। कार्रवाई के दौरान मौके पर किए गए अवैध निर्माण और प्लॉटिंग के लिए तैयार की गई संरचनाओं को बुल्डोजर से ध्वस्त कर दिया गया।
सबसे अहम बात यह है कि जिस जमीन को कब्जामुक्त कराया गया है, उसकी अनुमानित कीमत करीब 125 करोड़ रुपये बताई जा रही है। ऐसे में सवाल सिर्फ अवैध निर्माण का नहीं, बल्कि इतनी बड़ी कीमत वाली जमीन पर कब्जे के पीछे चल रही पूरी तैयारी का भी है।
दो गांव, एक जैसी कहानी और करोड़ों की जमीन
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुताबिक, कार्रवाई ननवा का राजपुर और अटाई मुरादपुर गांव में की गई। दोनों ही स्थानों पर कॉलोनाइजर अधिसूचित क्षेत्र में अवैध तरीके से प्लॉटिंग करने की कोशिश कर रहे थे।
ननवा का राजपुर गांव में खसरा संख्या 40 और 41 की करीब 37,500 वर्गमीटर जमीन पर अवैध निर्माण किया जा रहा था। आरोप है कि कॉलोनाइजर इस जमीन पर बाउंड्री बनाकर आगे अवैध कॉलोनी बसाने की तैयारी में थे।

प्राधिकरण को इसकी जानकारी मिलने के बाद परियोजना विभाग के वर्क सर्किल-8 की टीम को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वरिष्ठ प्रबंधक नागेंद्र सिंह के नेतृत्व में प्रबंधक राकेश बाबू और मिथिलेश कुमार सहित प्राधिकरण की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने वहां किए गए अवैध निर्माण को बुल्डोजर से ध्वस्त कर दिया।
लेकिन कार्रवाई यहीं खत्म नहीं हुई।
अटाई मुरादपुर में भी कब्जे की कोशिश
इसके बाद प्राधिकरण की टीम अटाई मुरादपुर गांव पहुंची। यहां खसरा संख्या 626 की करीब 25,000 वर्गमीटर जमीन पर अतिक्रमण किया जा रहा था। इस जमीन पर भी अवैध निर्माण और प्लॉटिंग की तैयारी की जा रही थी।
प्राधिकरण की टीम ने यहां भी बुल्डोजर चलाकर अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। दोनों स्थानों पर हुई कार्रवाई के बाद कुल मिलाकर करीब 62,500 वर्गमीटर जमीन को अतिक्रमण से मुक्त करा लिया गया।
प्राधिकरण के आकलन के मुताबिक इस जमीन की अनुमानित कीमत करीब 125 करोड़ रुपये है।
यानी अगर समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो करोड़ों रुपये की इस जमीन पर अवैध कॉलोनी विकसित होने की पूरी संभावना थी। सवाल यही है कि आखिर इन जमीनों पर कब्जे की तैयारी कितने समय से चल रही थी और क्या प्लॉटिंग शुरू होने के बाद आम लोगों को भी इन जमीनों को बेचने की कोशिश की जाती?
सीईओ के निर्देश के बाद लगातार कार्रवाई
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने अधिसूचित क्षेत्र में अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इन्हीं निर्देशों के तहत प्राधिकरण की टीम लगातार अवैध कब्जों और अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान चला रही है।

प्राधिकरण का कहना है कि अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी तरह का अवैध निर्माण या अनधिकृत प्लॉटिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जहां भी ऐसी गतिविधियां सामने आएंगी, वहां कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ग्रेटर नोएडा और आसपास के इलाकों में जमीन की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में सरकारी या प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र की जमीन पर अवैध कब्जा कर उसे प्लॉटिंग के जरिए बेचने का खेल आम खरीदारों के लिए भी बड़ा जोखिम बन सकता है।
एसीईओ ने खरीदारों को भी चेताया
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने साफ कहा है कि ग्रेटर नोएडा के अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति को अवैध निर्माण करने की इजाजत नहीं है।
उन्होंने लोगों से अपील की है कि ग्रेटर नोएडा में कहीं भी जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण से संपर्क कर पूरी जानकारी जरूर हासिल करें। खास तौर पर अवैध कॉलोनियों में जमीन खरीदने से बचने की सलाह दी गई है।
दरअसल, अक्सर सस्ते प्लॉट का लालच देकर लोगों को ऐसी जमीनों पर निवेश के लिए तैयार कर लिया जाता है, जहां न तो वैध लेआउट होता है और न ही निर्माण की अनुमति। बाद में कार्रवाई होने पर खरीदार की पूरी जमा-पूंजी फंस सकती है।
इसी वजह से प्राधिकरण ने लोगों से साफ कहा है कि अपनी गाढ़ी कमाई अवैध कॉलोनियों में न फंसाएं।
अब आगे क्या?
बुल्डोजर की कार्रवाई से फिलहाल दो जगहों पर अवैध प्लॉटिंग की कोशिश को रोक दिया गया है और करोड़ों रुपये की जमीन को कब्जामुक्त करा लिया गया है। लेकिन बड़ा सवाल अब भी यही है कि क्या सिर्फ निर्माण ध्वस्त करने से यह पूरा खेल खत्म हो जाएगा?
क्या उन लोगों तक भी कार्रवाई पहुंचेगी, जो अधिसूचित जमीन पर कब्जा कर उसे प्लॉटिंग के जरिए बेचने की योजना बना रहे थे? और क्या आने वाले दिनों में प्राधिकरण ऐसे दूसरे इलाकों में भी इसी तरह की कार्रवाई करेगा?
फिलहाल इतना साफ है कि ग्रेटर नोएडा में जमीन पर अवैध कब्जा कर कॉलोनी बसाने वालों के लिए प्राधिकरण ने अपना रुख सख्त कर लिया है। 62,500 वर्गमीटर जमीन की यह कार्रवाई सिर्फ बुल्डोजर चलाने की कार्रवाई नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए भी चेतावनी है जो करोड़ों की जमीन पर कब्जे के जरिए अवैध कॉलोनी बसाने की कोशिश कर रहे हैं।
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