लखनऊ विकास प्राधिकरण ने सोमवार को अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चौक, वजीरगंज, ठाकुरगंज, दुबग्गा, PGI और सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्रों में अभियान चलाया। एलडीए के अनुसार, बिना मानचित्र स्वीकृत कराए किए जा रहे कुल 13 अवैध व्यावसायिक एवं आवासीय निर्माणों को सील कर दिया गया। कार्रवाई प्रवर्तन जोन-2 और प्रवर्तन जोन-7 की टीमों ने की।
लखनऊ में अवैध निर्माणों के खिलाफ लखनऊ विकास प्राधिकरण यानी LDA ने बड़ी कार्रवाई की है। शहर के अलग-अलग इलाकों में सोमवार को चलाए गए अभियान के दौरान प्राधिकरण ने कुल 13 अवैध व्यावसायिक और आवासीय निर्माणों को सील कर दिया। यह कार्रवाई उन निर्माण कार्यों के खिलाफ की गई, जो एलडीए से आवश्यक मानचित्र स्वीकृति कराए बिना किए जा रहे थे।
अभियान की खास बात यह रही कि कार्रवाई किसी एक इलाके तक सीमित नहीं रही। चौक, वजीरगंज, ठाकुरगंज, दुबग्गा, PGI और सुशांत गोल्फ सिटी समेत लखनऊ के छह अलग-अलग क्षेत्रों में टीमों ने पहुंचकर अवैध निर्माणों की जांच की और नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर सीलिंग की कार्रवाई की।
एक तरफ पुराने लखनऊ के घनी आबादी वाले इलाकों में कार्रवाई हुई, तो दूसरी ओर PGI और सुशांत गोल्फ सिटी जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में भी एलडीए की टीम ने बिना स्वीकृत मानचित्र के चल रहे निर्माण कार्यों पर शिकंजा कसा।
एलडीए की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे निर्माण अब प्राधिकरण की नजर से बचना आसान नहीं होगा।

प्रवर्तन जोन-2 के जोनल अधिकारी देवांश त्रिवेदी के अनुसार, PGI और सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्रों में सोमवार को विशेष अभियान चलाया गया।
इस दौरान टीम ने अलग-अलग स्थानों पर हो रहे निर्माण कार्यों की जांच की। जांच के दौरान ऐसे कई व्यावसायिक और आवासीय निर्माण सामने आए, जिनके संबंध में एलडीए से आवश्यक मानचित्र स्वीकृति नहीं ली गई थी।
एलडीए की कार्रवाई में हैदर अली, राकेश, हेमराज, राहुल सिंह, प्रकाश चन्द्र बजाज, सोमनाथ अग्रहरि, राम किशोर यादव, भूपेन्द्र सिंह चौधरी और अन्य द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्यों को कार्रवाई के दायरे में लिया गया।
प्रवर्तन जोन-2 की टीम ने इस अभियान के दौरान कुल 6 अवैध व्यावसायिक एवं आवासीय निर्माणों को सील कर दिया।
यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि कार्रवाई केवल किसी एक प्रकार के निर्माण तक सीमित नहीं थी। एलडीए के अनुसार, इसमें व्यावसायिक और आवासीय दोनों तरह के निर्माण शामिल थे। यानी जिन स्थानों पर बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण किया जा रहा था, वहां नियमों के उल्लंघन की प्रकृति के आधार पर कार्रवाई की गई।
PGI और सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र में तेजी से बढ़ते निर्माण और विकास गतिविधियों के बीच एलडीए की यह कार्रवाई काफी अहम मानी जा रही है।
लखनऊ के पुराने और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में भी एलडीए का अभियान जारी रहा। प्रवर्तन जोन-7 के जोनल अधिकारी माधवेश कुमार ने बताया कि सोमवार को चौक, वजीरगंज, ठाकुरगंज और दुबग्गा थाना क्षेत्रों में कार्रवाई की गई।

टीम ने इन इलाकों में बिना एलडीए से मानचित्र स्वीकृत कराए किए जा रहे निर्माण कार्यों को चिन्हित किया। जांच और कार्रवाई के बाद कुल 7 अवैध निर्माणों को सील कर दिया गया।
एलडीए के अनुसार, इन निर्माणों से जुड़े लोगों में प्रदीप गोयल, कुश मिश्रा, रियाज, रितेश, पूनम कुमार, यूनुस अब्दुल्ला और अन्य शामिल हैं।
इन सभी मामलों में आरोप है कि एलडीए से आवश्यक मानचित्र स्वीकृति कराए बिना निर्माण कार्य किया जा रहा था। इसके बाद प्रवर्तन टीम ने मौके पर पहुंचकर संबंधित निर्माणों को सील करने की कार्रवाई की।
चौक, वजीरगंज और ठाकुरगंज जैसे पुराने इलाकों में निर्माण से जुड़े नियमों का पालन कई बार एक बड़ी चुनौती बन जाता है। वहीं दुबग्गा जैसे तेजी से विकसित होते क्षेत्रों में नए आवासीय और व्यावसायिक निर्माण लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में प्राधिकरण के लिए यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि विकास कार्य स्वीकृत मानकों और नियमों के अनुसार हों।
सोमवार को चलाए गए इस अभियान को अगर आंकड़ों में देखें तो कार्रवाई दो प्रमुख प्रवर्तन जोन में की गई।
प्रवर्तन जोन-2 के अंतर्गत PGI और सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्रों में 6 अवैध निर्माण सील किए गए।

वहीं प्रवर्तन जोन-7 के अंतर्गत चौक, वजीरगंज, ठाकुरगंज और दुबग्गा थाना क्षेत्रों में 7 अवैध निर्माणों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई।
इस तरह पूरे दिन चले अभियान में कुल 13 अवैध व्यावसायिक और आवासीय निर्माण एलडीए की कार्रवाई की जद में आए।
एलडीए की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, कार्रवाई का आधार बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण किया जाना था। शहरी विकास व्यवस्था में किसी भी निर्माण के लिए संबंधित प्राधिकरण से आवश्यक स्वीकृति लेना महत्वपूर्ण माना जाता है, ताकि भवन निर्माण तय नियमों, स्वीकृत योजना और विकास मानकों के अनुरूप हो।
एलडीए की सोमवार की कार्रवाई केवल 13 निर्माणों को सील करने तक सीमित घटना नहीं है। यह शहर में लगातार हो रहे निर्माण कार्यों के बीच एक बड़ा संदेश भी देती है।
लखनऊ जैसे तेजी से विस्तार करते महानगर में नए आवासीय प्रोजेक्ट, दुकानें, कॉम्प्लेक्स और अन्य निर्माण लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण न केवल नियामक व्यवस्था को चुनौती देते हैं, बल्कि भविष्य में भवनों की वैधता और अन्य शहरी व्यवस्थाओं से जुड़े सवाल भी खड़े कर सकते हैं।
इसी वजह से प्राधिकरण समय-समय पर अभियान चलाकर ऐसे निर्माणों को चिन्हित करता है, जिनमें आवश्यक स्वीकृतियों और नियमों का पालन नहीं किया गया हो।

सोमवार का अभियान इसी दिशा में एक बड़ी कार्रवाई के रूप में सामने आया है।
13 अवैध निर्माणों पर सीलिंग की कार्रवाई के बाद अब नजर इस बात पर रहेगी कि एलडीए का अभियान आने वाले दिनों में किन अन्य इलाकों तक पहुंचता है। क्योंकि शहर के अलग-अलग हिस्सों में निर्माण गतिविधियां लगातार जारी हैं और प्राधिकरण की प्रवर्तन कार्रवाई भी समय-समय पर सामने आती रही है।
फिलहाल सोमवार को हुई कार्रवाई में PGI से लेकर सुशांत गोल्फ सिटी और चौक से लेकर दुबग्गा तक कुल 13 निर्माणों पर सील लग चुकी है।
सवाल अब यह है कि क्या यह केवल एक दिन की कार्रवाई है या फिर लखनऊ में बिना स्वीकृत मानचित्र के हो रहे अन्य निर्माण भी जल्द एलडीए के निशाने पर आएंगे?
एलडीए की इस कार्रवाई ने इतना जरूर स्पष्ट कर दिया है कि बिना आवश्यक मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे व्यावसायिक और आवासीय निर्माणों पर प्राधिकरण की निगरानी जारी है।
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