ग्रेटर नोएडा के छपरौला रेलवे ओवरब्रिज और टेकजोन-4 में अब अंधेरे से राहत मिलने वाली है। प्राधिकरण करीब 3 करोड़ रुपये की लागत से हाईमास्ट और 693 नई एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाएगा। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद करीब तीन महीने में दोनों परियोजनाएं पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
रात के समय छपरौला रेलवे ओवरब्रिज से गुजरने वाले लोगों के लिए लंबे समय से बना अंधेरा अब जल्द खत्म होने वाला है। जिस रास्ते पर स्ट्रीट लाइट और हाईमास्ट की कमी के चलते राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता था, वहां अब रोशनी का इंतजाम करने की तैयारी तेज हो गई है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने छपरौला आरओबी और उसके आसपास के हिस्से के साथ-साथ टेकजोन-4 की सड़कों को भी रोशन करने का फैसला लिया है।
प्राधिकरण की योजना के मुताबिक छपरौला रेलवे ओवरब्रिज और उसके आसपास 7 हाईमास्ट लाइटें लगाई जाएंगी। इसके अलावा आरओबी से लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग-91 (NH-91) तक जाने वाली लिंक रोड पर 132 एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। दूसरी ओर, टेकजोन-4 की 24 और 30 मीटर चौड़ी सड़कों पर 561 अतिरिक्त स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी।
यानी दोनों परियोजनाओं को मिलाकर कुल 693 नई एलईडी स्ट्रीट लाइटें और 7 हाईमास्ट लगाए जाने हैं। इन कामों पर प्राधिकरण करीब 3 करोड़ रुपये खर्च करेगा।
लंबे समय से बनी थी अंधेरे की समस्या
छपरौला रेलवे ओवरब्रिज और एनएच-91 को जोड़ने वाली लिंक रोड पर रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने की समस्या लंबे समय से सामने आती रही है। अंधेरा होने के कारण वाहन चालकों को सड़क पर आगे की स्थिति स्पष्ट दिखाई नहीं देती, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
स्थानीय लोगों की मांग भी यही रही है कि इस महत्वपूर्ण मार्ग पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की जाए। यह रास्ता आसपास के क्षेत्रों के लोगों के आवागमन के लिए महत्वपूर्ण है और रात के समय यहां से गुजरने वाले लोगों के लिए रोशनी की व्यवस्था सुरक्षा से सीधे जुड़ा विषय बन जाती है।
मामले में पुलिस की ओर से भी इस मार्ग पर हाईमास्ट और स्ट्रीट लाइट लगाने का सुझाव दिया गया है। इसके बाद प्राधिकरण ने इसे प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने की दिशा में कदम उठाया है।
टेकजोन-4 की सड़कों पर भी बढ़ेगी रोशनी
सिर्फ छपरौला ही नहीं, बल्कि टेकजोन-4 के लोग भी लंबे समय से प्रमुख सड़कों पर स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग कर रहे थे। क्षेत्र की 24 मीटर और 30 मीटर चौड़ी सड़कों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं होने से रात में आवागमन को लेकर लोगों को परेशानी होती थी।
अब प्राधिकरण इन सड़कों पर 561 अतिरिक्त स्ट्रीट लाइटें लगाने जा रहा है। इससे टेकजोन-4 की प्रमुख सड़कों पर रात के समय दृश्यता बेहतर होने की उम्मीद है और लोगों को आवागमन में राहत मिलेगी।
सीईओ ने दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने दोनों स्थानों की स्थिति को देखते हुए विद्युत अभियांत्रिकी विभाग को तत्काल हाईमास्ट और स्ट्रीट लाइट लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद विद्युत अभियांत्रिकी विभाग के डिवीजन-1 की ओर से दोनों परियोजनाओं के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं।
अब निगाह टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और जमीन पर काम शुरू होने पर है। प्राधिकरण के मुताबिक करीब एक से डेढ़ महीने में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
इसके बाद लगभग तीन महीने के भीतर दोनों स्थानों पर हाईमास्ट और स्ट्रीट लाइट लगाने का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
करीब 3 करोड़ रुपये होंगे खर्च
दोनों परियोजनाओं पर प्राधिकरण करीब 3 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इसमें छपरौला आरओबी और एनएच-91 लिंक रोड की प्रकाश व्यवस्था के साथ टेकजोन-4 की प्रमुख सड़कों पर नई स्ट्रीट लाइटें लगाना शामिल है।
प्राधिकरण की ओर से कोशिश है कि केवल लाइटें लगाने तक ही काम सीमित न रहे, बल्कि तय समयसीमा में पूरी परियोजना को जमीन पर उतारा जाए, ताकि लोगों को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।
एसीईओ ने भी समय पर काम पूरा करने के दिए निर्देश
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ प्रेरणा सिंह ने भी दोनों स्थानों पर निर्धारित समयसीमा के भीतर हाईमास्ट और स्ट्रीट लाइट लगाने के निर्देश दिए हैं।
ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि टेंडर प्रक्रिया कितनी तेजी से पूरी होती है और मौके पर काम कब शुरू होता है। फिलहाल प्राधिकरण की योजना स्पष्ट है—छपरौला आरओबी के अंधेरे को खत्म करना और टेकजोन-4 की प्रमुख सड़कों को नई रोशनी से जोड़ना।
अगर योजना तय समय के मुताबिक आगे बढ़ती है तो आने वाले करीब तीन महीनों में इन दोनों क्षेत्रों की तस्वीर रात के समय काफी बदल सकती है। लोगों को उम्मीद है कि नई प्रकाश व्यवस्था से न सिर्फ सड़कें रोशन होंगी, बल्कि रात में सफर करने वालों की सुरक्षा भी बेहतर होगी।
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