नोएडा के सेक्टर-46 स्थित सदर सराय कॉलोनी में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ प्राधिकरण ने बड़ी कार्रवाई की। संयुक्त अभियान के दौरान अवैध रूप से बनाए गए कमरों और नालियों को ध्वस्त कर करीब 2500 वर्गमीटर भूमि खाली कराई गई। दोबारा कब्जा न हो, इसके लिए साइट स्टाफ को नियमित निरीक्षण और प्रतिदिन रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
नोएडा में सरकारी और प्राधिकरण की भूमि पर हो रहे अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में बुधवार को सेक्टर-46 स्थित सदर सराय कॉलोनी में नोएडा प्राधिकरण की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए करीब 2500 वर्गमीटर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया।
कार्रवाई को लेकर खास बात यह रही कि अभियान अकेले किसी एक विभाग की टीम ने नहीं चलाया, बल्कि वर्क सर्किल-3, भूलेख विभाग और नोएडा पुलिस की संयुक्त मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। मौके पर अवैध रूप से किए गए निर्माण को हटाया गया और जमीन को खाली कराया गया।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब नोएडा में अवैध निर्माण और अतिक्रमण को लेकर प्राधिकरण लगातार सख्ती दिखा रहा है। अधिकारियों का उद्देश्य सिर्फ मौजूदा निर्माण को हटाना नहीं, बल्कि खाली कराई गई भूमि पर दोबारा कब्जा होने से रोकना भी है।
अवैध कमरे और नालियां भी तोड़ी गईं
सदर सराय कॉलोनी में कार्रवाई के दौरान मौके पर बने अवैध कमरों और नालियों को ध्वस्त किया गया। प्राधिकरण की टीम ने अवैध रूप से किए गए निर्माण को हटाकर लगभग 2500.00 वर्गमीटर क्षेत्रफल की भूमि खाली कराई।
कार्रवाई के दौरान टीम ने यह सुनिश्चित किया कि अतिक्रमण वाले हिस्से को पूरी तरह से खाली कराया जाए। अवैध निर्माण हटाए जाने के बाद संबंधित क्षेत्र को भविष्य में फिर से कब्जे में लेने की कोशिशों पर नजर रखने की जिम्मेदारी भी साइट स्टाफ को सौंपी गई है।
यानी प्राधिकरण की कार्रवाई सिर्फ बुलडोजर चलाने तक सीमित नहीं रहने वाली है। अब असली चुनौती यह होगी कि जिस जमीन को कब्जामुक्त कराया गया है, वहां दोबारा अवैध निर्माण या अतिक्रमण न हो।
इस अभियान में वर्क सर्किल-3 और भूलेख विभाग की टीम मौके पर मौजूद रही। इसके साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नोएडा पुलिस की भी मौजूदगी रही।
संयुक्त कार्रवाई का उद्देश्य अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को प्रभावी तरीके से पूरा करना रहा। इस दौरान अवैध रूप से निर्मित ढांचों को हटाकर जमीन को खाली कराया गया।
प्राधिकरण की ओर से इस तरह की संयुक्त कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि अतिक्रमण से जुड़े मामलों में संबंधित विभागों के बीच समन्वय बना रहे और कार्रवाई के दौरान किसी तरह की बाधा उत्पन्न न हो।
2500 वर्गमीटर जमीन हुई खाली, अब निगरानी की बारी
कार्रवाई के बाद करीब 2500 वर्गमीटर भूमि अतिक्रमण से मुक्त कराई गई है। लेकिन प्राधिकरण ने यह भी समझा है कि सिर्फ जमीन खाली करा देना पर्याप्त नहीं है।
अक्सर अतिक्रमण हटाए जाने के बाद दोबारा उसी स्थान पर निर्माण या कब्जे की कोशिश की जाती है। इसी संभावना को देखते हुए संबंधित साइट स्टाफ को विशेष निर्देश दिए गए हैं।

उन्हें कहा गया है कि खाली कराई गई जमीन का नियमित रूप से निरीक्षण किया जाए और किसी भी तरह के नए अतिक्रमण या अवैध निर्माण की स्थिति में तत्काल जानकारी दी जाए।
इसके अलावा साइट स्टाफ को प्रतिदिन की रिपोर्ट संबंधित अवर अभियंता को प्रस्तुत करने के लिए भी निर्देशित किया गया है।
इस व्यवस्था का मकसद साफ है—
एक बार कब्जा हटाने के बाद जमीन दोबारा कब्जे में न जाए।
रोजाना रिपोर्ट से तय होगी कार्रवाई की अगली कड़ी
प्राधिकरण द्वारा साइट स्टाफ को दैनिक रिपोर्ट देने का निर्देश इस कार्रवाई का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा सकता है। इससे संबंधित अधिकारी को मौके की स्थिति की नियमित जानकारी मिलती रहेगी।
यदि निरीक्षण के दौरान दोबारा निर्माण या अतिक्रमण की कोशिश सामने आती है तो उस पर समय रहते कार्रवाई की जा सकती है।
इससे यह भी स्पष्ट है कि प्राधिकरण अब केवल शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करने के बजाय कुछ संवेदनशील स्थानों पर नियमित निगरानी की व्यवस्था को मजबूत करना चाहता है।
अवैध निर्माण के खिलाफ नोएडा में बढ़ी सख्ती
नोएडा और आसपास के इलाकों में तेजी से हो रहे शहरी विस्तार के बीच जमीन की कीमत और मांग लगातार महत्वपूर्ण मुद्दा बनी हुई है। ऐसे में प्राधिकरण की जमीन पर अवैध कब्जे और अनधिकृत निर्माण की शिकायतें प्रशासन के लिए चुनौती बनती हैं।
सदर सराय कॉलोनी में हुई कार्रवाई इसी चुनौती से निपटने की दिशा में एक कदम है।
हालांकि किसी भी अवैध निर्माण को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित अभिलेखों और सक्षम प्राधिकरण की कार्रवाई के आधार पर ही तय होती है, लेकिन इस मामले में प्राधिकरण ने मौके पर मौजूद अवैध निर्माण को हटाते हुए करीब 2500 वर्गमीटर भूमि खाली कराने की कार्रवाई की है।
अब सवाल—क्या दोबारा कब्जा करने की कोशिश होगी?
कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस जमीन को आज खाली कराया गया है, क्या वहां भविष्य में फिर से अतिक्रमण की कोशिश होगी?
प्राधिकरण ने इस सवाल का जवाब निगरानी व्यवस्था के जरिए देने की कोशिश की है। साइट स्टाफ को नियमित निरीक्षण और दैनिक रिपोर्टिंग की जिम्मेदारी दी गई है।
अब निगाह इस बात पर रहेगी कि खाली कराई गई भूमि कितने समय तक अतिक्रमण मुक्त रहती है और निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी साबित होती है।
फिलहाल सेक्टर-46 की सदर सराय कॉलोनी में हुई यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ प्राधिकरण कार्रवाई के साथ-साथ पोस्ट-डिमोलिशन मॉनिटरिंग पर भी जोर दे रहा है।
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