लखनऊ विकास प्राधिकरण ने अवैध निर्माण और बिना अनुमति की जा रही प्लॉटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। गोसाईंगंज के ग्राम मंगहुवा में करीब 15 बीघा क्षेत्रफल में की जा रही तीन अवैध प्लॉटिंग को बुलडोजर से ध्वस्त किया गया। वहीं अलीगंज, मड़ियांव और सैरपुर थाना क्षेत्रों में नियमों के विपरीत किए जा रहे पांच अवैध निर्माणों को सील कर दिया गया।
लखनऊ में जमीन खरीदकर अपना आशियाना बनाने का सपना देखने वालों के बीच एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हुआ है—कहीं जिस जमीन पर लोग अपना भविष्य बनाने की तैयारी कर रहे हैं, वहां बिना अनुमति के ही पूरी कॉलोनी तो नहीं बसाई जा रही? इसी सवाल के बीच लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने बुधवार को अवैध प्लॉटिंग और नियमों के विपरीत किए जा रहे निर्माणों के खिलाफ अभियान चलाया।
कार्रवाई का सबसे बड़ा असर गोसाईंगंज क्षेत्र में दिखाई दिया, जहां प्राधिकरण की टीम ने करीब 15 बीघा क्षेत्रफल में की जा रही तीन अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया। वहीं शहर के अलग-अलग इलाकों में पांच ऐसे निर्माण भी सील किए गए, जिन्हें प्राधिकरण के नियमों के विपरीत किया जा रहा था।
LDA की इस कार्रवाई के बाद अवैध रूप से जमीन काटकर प्लॉट बेचने और बिना जरूरी अनुमति के निर्माण कराने वालों में हलचल मच गई है। प्राधिकरण का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माणों के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

प्रवर्तन जोन-2 के जोनल अधिकारी देवांश त्रिवेदी के अनुसार, बुधवार को गोसाईंगंज के ग्राम मंगहुवा में अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान जंग बहादुर, देवेश मिश्रा, रामदेव प्रधान, डिम्पल और अन्य लोगों द्वारा करीब 15 बीघा क्षेत्रफल में की जा रही तीन अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया।
कार्रवाई के दौरान प्राधिकरण की टीम ने मौके पर विकसित किए जा रहे अवैध प्लॉटिंग संबंधी कार्यों को हटाया। ऐसी कार्रवाई का मकसद उन जमीनों पर अनधिकृत तरीके से विकसित की जा रही कॉलोनियों को रोकना है, जहां नियमानुसार प्राधिकरण की अनुमति या निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया हो।
गोसाईंगंज जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में जमीन की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में खाली जमीनों पर सड़क बनाकर, प्लॉट काटकर और कॉलोनी विकसित करने की गतिविधियां भी सामने आती रही हैं। LDA की बुधवार की कार्रवाई इसी तरह की गतिविधियों के खिलाफ सख्त संदेश के तौर पर देखी जा रही है।

कार्रवाई सिर्फ गोसाईंगंज तक सीमित नहीं रही। प्रवर्तन जोन-4 की टीम ने भी बुधवार को अभियान चलाकर अलीगंज, मड़ियांव और सैरपुर थाना क्षेत्रों में नियमों के विपरीत किए जा रहे निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की।
प्रवर्तन जोन-4 के जोनल अधिकारी अतुल कृष्ण सिंह ने बताया कि अभियान के दौरान अलग-अलग स्थानों पर किए जा रहे पांच अवैध निर्माणों को सील किया गया।
प्राधिकरण के मुताबिक, इन निर्माणों से जुड़े लोगों में डॉ. चन्द्रसेन वर्मा, संजय गुप्ता, जयकरन, मोहम्मद अहमद, बालक राम और अन्य शामिल हैं।
LDA की टीम ने इन निर्माणों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर दिया। प्राधिकरण की ओर से की गई इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संकेत दिया गया है कि बिना निर्धारित नियमों और अनुमति के निर्माण करने वालों के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी।

शहर के विस्तार के साथ जमीन की कीमतें बढ़ती हैं और इसी के साथ अनधिकृत कॉलोनियों का खतरा भी बढ़ जाता है। कई बार आम लोग कम कीमत में प्लॉट मिलने के लालच में ऐसी जमीन खरीद लेते हैं, लेकिन बाद में उन्हें सड़क, नाली, बिजली, सीवर, नक्शे की स्वीकृति और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
यही वजह है कि किसी भी जमीन पर प्लॉट खरीदने या निर्माण शुरू करने से पहले यह देखना बेहद जरूरी है कि वह जमीन संबंधित विकास प्राधिकरण के नियमों के अनुरूप है या नहीं और वहां निर्माण या प्लॉटिंग के लिए आवश्यक अनुमति ली गई है या नहीं।
बुधवार की कार्रवाई में एक तरफ जहां करीब 15 बीघा क्षेत्रफल में तीन अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त की गईं, वहीं दूसरी तरफ पांच अवैध निर्माणों को सील किया गया। यानी एक ही दिन में LDA के अलग-अलग प्रवर्तन जोनों ने अवैध निर्माण गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए यह संदेश देने की कोशिश की कि नियमों को नजरअंदाज कर निर्माण करना आसान नहीं होगा।

LDA की इस कार्रवाई के बाद अब बड़ा सवाल यही है कि क्या ऐसे अवैध निर्माण और प्लॉटिंग के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा? खासकर उन इलाकों में, जहां शहर तेजी से फैल रहा है और कृषि या खाली जमीन पर अनधिकृत कॉलोनियां विकसित होने की आशंका बनी रहती है।
फिलहाल बुधवार की कार्रवाई ने यह जरूर साफ कर दिया है कि लखनऊ विकास प्राधिकरण अवैध प्लॉटिंग और नियमों के विपरीत किए जा रहे निर्माणों को लेकर सक्रिय है।
गोसाईंगंज के ग्राम मंगहुवा में करीब 15 बीघा जमीन पर तीन अवैध प्लॉटिंग का ध्वस्तीकरण और अलीगंज, मड़ियांव व सैरपुर में पांच निर्माणों को सील किया जाना इसी अभियान का हिस्सा है।
अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में LDA की प्रवर्तन टीमें किन इलाकों का रुख करती हैं और कितने ऐसे निर्माण या प्लॉटिंग उनके निशाने पर आते हैं, जो नियमों को दरकिनार कर विकसित किए जा रहे हैं।
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