ग्रेटर नोएडा में सफाई कर्मियों की हड़ताल के बीच प्राधिकरण ने पूरी प्रशासनिक मशीनरी को मैदान में उतार दिया है। सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर स्वास्थ्य और परियोजना विभाग के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं सफाई व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। लापरवाही मिलने पर दो ठेकेदारों पर तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जबकि मैकेनिकल स्वीपिंग, क्यूआरटी और अतिरिक्त संसाधनों के जरिए शहर को स्वच्छ बनाए रखने की कवायद तेज कर दी गई है।
ग्रेटर नोएडा में मैन्युअल स्वीपिंग से जुड़े सफाई कर्मियों की हड़ताल के बीच शहर की स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) ने अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एनजी रवि कुमार के निर्देश पर न केवल स्वास्थ्य विभाग बल्कि परियोजना विभाग की पूरी टीम को भी मैदान में उतार दिया गया है। एसीईओ, ओएसडी, प्रधान महाप्रबंधक, महाप्रबंधक, वरिष्ठ प्रबंधक और प्रबंधकों सहित वरिष्ठ अधिकारी स्वयं विभिन्न सेक्टरों और वर्क सर्किलों का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं।
प्राधिकरण ने साफ संदेश दिया है कि हड़ताल की स्थिति में भी शहर की सफाई व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसी कड़ी में सफाई कार्य में लापरवाही बरतने वाले दो ठेकेदारों पर कुल 3 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

जानकारी के अनुसार, 1 जुलाई से कुछ ठेकेदारों के अधीन कार्यरत मैन्युअल स्वीपिंग के सफाई कर्मी वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं। इस कारण शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका थी। हालांकि, प्राधिकरण ने समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था तैयार कर पूरे प्रशासनिक अमले को सक्रिय कर दिया।
सीईओ एनजी रवि कुमार ने निर्देश दिए कि शहर के किसी भी हिस्से में कूड़ा या गंदगी नहीं दिखनी चाहिए। इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग और परियोजना विभाग के अधिकारियों को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंप दी गई।

आठों वर्क सर्किल में वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती
स्वास्थ्य विभाग की ओर से वर्क सर्किल-1, 2 और 3 की जिम्मेदारी वरिष्ठ प्रबंधक चेतराम सिंह और प्रबंधक रोहित गुप्ता को दी गई है। वर्क सर्किल-4 और 5 की जिम्मेदारी वरिष्ठ प्रबंधक राजेश गौतम और प्रबंधक संध्या सिंह को सौंपी गई है। वहीं वर्क सर्किल-6 और 7 में वरिष्ठ प्रबंधक सन्नी यादव और प्रबंधक विवेक किशोर तथा वर्क सर्किल-8 में वरिष्ठ प्रबंधक राजेश गौतम और प्रबंधक दिव्या चौधरी निगरानी कर रहे हैं।
इसी प्रकार परियोजना विभाग की ओर से भी प्रत्येक वर्क सर्किल के लिए वरिष्ठ प्रबंधकों और प्रबंधकों की अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। इन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण करें और जहां भी गंदगी दिखाई दे, वहां तत्काल सफाई सुनिश्चित कराएं।

हड़ताल के कारण उत्पन्न स्थिति को देखते हुए रविवार जैसे अवकाश के दिन भी प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी फील्ड में मौजूद रहे। अधिकारियों ने विभिन्न सेक्टरों और सार्वजनिक स्थानों का निरीक्षण किया और जहां सफाई की आवश्यकता महसूस हुई, वहां तत्काल सफाई कर्मियों को बुलाकर व्यवस्था दुरुस्त कराई।
निरीक्षण करने वाले अधिकारियों में एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस, एसीईओ सुमित यादव, प्रधान महाप्रबंधक संदीप चंद्रा, जीएम स्वास्थ्य आर.के. भारती, वरिष्ठ प्रबंधक चेतराम सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक राजेश गौतम, सहायक प्रबंधक गौरव बघेल सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।

लापरवाही पर ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
प्राधिकरण ने सफाई कार्य में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। बिमल राज आउटसोर्सिंग प्राइवेट लिमिटेड पर कुल 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
इसमें जोन-5 में सफाई व्यवस्था संतोषजनक न मिलने पर जीएम स्वास्थ्य आर.के. भारती ने 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया, जबकि ईकोटेक-3, सेक्टर-2 और सेक्टर-3 में गंदगी पाए जाने पर वरिष्ठ प्रबंधक चेतराम सिंह ने 1 लाख रुपये का दंड लगाया।
प्राधिकरण ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में यदि किसी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था में लापरवाही पाई गई तो संबंधित ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट तक किया जा सकता है।
12 घंटे तक चलेगा सफाई अभियान
सफाई कर्मियों की कमी को देखते हुए प्राधिकरण ने सफाई कार्य की अवधि भी बढ़ा दी है। अब शहर में सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक, यानी लगभग 12 घंटे सफाई अभियान चलाया जा रहा है।
इसके साथ ही डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण का कार्य बिना किसी बाधा के जारी रखा गया है। मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों की संख्या बढ़ाई गई है और कूड़ा उठाने वाले वाहनों की भी अतिरिक्त व्यवस्था की गई है।

क्यूआरटी और उद्यान विभाग भी मैदान में
स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्राधिकरण ने क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) और उद्यान विभाग की टीमों को भी सफाई अभियान में शामिल किया है। इन टीमों को उन क्षेत्रों में तत्काल कार्रवाई के लिए लगाया गया है, जहां गंदगी की शिकायतें मिल रही हैं।
साथ ही ठेकेदारों को पर्याप्त संख्या में सफाई कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
हर शाम होगी समीक्षा बैठक
प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस और एसीईओ सुमित यादव प्रतिदिन शाम को दिनभर की प्रगति की समीक्षा बैठक कर रहे हैं। इस बैठक में विभिन्न वर्क सर्किलों से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर अगले दिन की रणनीति तय की जाती है।

अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जिस क्षेत्र में गंदगी मिलेगी, वहां संबंधित प्रभारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
ग्रेटर नोएडा वासियों से भी सहयोग की अपील
एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने शहरवासियों से भी स्वच्छता अभियान में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में कूड़ा या गंदगी दिखाई दे तो नागरिक तत्काल उस क्षेत्र के सुपरवाइजर या प्राधिकरण को इसकी सूचना दें, ताकि समय रहते सफाई कराई जा सके।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और हड़ताल के बावजूद नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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