उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने पर्यटन भवन में आयोजित समारोह में लेखिका रूचि चौहान के प्रथम काव्य संग्रह ‘मन के मौसम’ का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक नारी मन की संवेदनाओं, संघर्ष, प्रेम, विरह और आत्मबल को सहज भाषा में अभिव्यक्त करती है तथा समाज और विशेष रूप से महिलाओं के लिए प्रेरणादायी सिद्ध होगी।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने बुधवार को लखनऊ स्थित पर्यटन भवन के सभागार में आयोजित एक गरिमामय समारोह में लेखिका रूचि चौहान द्वारा रचित प्रथम काव्य संग्रह ‘मन के मौसम’ का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने लेखिका को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह काव्य संग्रह न केवल साहित्य प्रेमियों के लिए एक महत्वपूर्ण रचना है, बल्कि नारी समाज और आधी आबादी के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनेगा।
कार्यक्रम में साहित्य, समाज और संस्कृति से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तियों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष बना दिया। समारोह के दौरान वक्ताओं ने पुस्तक की विषयवस्तु, लेखिका की संवेदनशील अभिव्यक्ति और नारी जीवन के विविध आयामों को शब्द देने की उनकी क्षमता की सराहना की।
'मन के मौसम' में नारी मन की कोमल भावनाओं का सजीव चित्रण
पुस्तक का विमोचन करते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि ‘मन के मौसम’ में नारी मन की कोमल भावनाओं को अत्यंत सहज, संवेदनशील और प्रभावशाली ढंग से कविता के माध्यम से अभिव्यक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि इस काव्य संग्रह की विशेषता यह है कि इसमें नारी के जीवन से जुड़े अनेक भावनात्मक पक्षों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है, जिससे पाठक स्वयं को इन अनुभूतियों से जुड़ा हुआ महसूस करता है।
उन्होंने कहा कि यह पुस्तक केवल कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि महिलाओं के अनुभवों, भावनाओं और संघर्षों का साहित्यिक दस्तावेज भी है।

प्रेम, विरह, संघर्ष और शोषण जैसे विषयों को मिली जगह
जयवीर सिंह ने कहा कि इस काव्य संग्रह में नारी हृदय की सूक्ष्म संवेदनाओं, विविध अनुभूतियों, प्रेम, मिलन, वियोग, त्रासदी और शोषण जैसे विषयों को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है। इसके साथ ही लेखिका ने नारी जीवन के उन पहलुओं को भी स्पर्श किया है, जिन पर अक्सर साहित्य में कम चर्चा होती है।
उन्होंने विशेष रूप से लेखिका के शब्द चयन की सराहना करते हुए कहा कि कई स्थानों पर भावनाएं शब्दों के साथ इस तरह प्रवाहित होती हैं कि पाठक सीधे उन अनुभूतियों से जुड़ जाता है। उनके अनुसार, लेखिका की भाषा सहज होने के बावजूद गहरी संवेदनात्मक प्रभाव छोड़ती है।
प्रथम काव्य संग्रह पर मंत्री ने जताई उम्मीद
पर्यटन मंत्री ने बताया कि ‘मन के मौसम’ रूचि चौहान का पहला काव्य संग्रह है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में उनका साहित्यिक संसार और अधिक व्यापक होगा तथा वे समाज में महिलाओं से जुड़े संघर्ष, चुनौतियों और विडंबनाओं को भी अपनी रचनाओं के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करेंगी।
उन्होंने पुस्तक की लोकप्रियता की कामना करते हुए कहा कि यह कृति अधिक से अधिक पाठकों तक पहुंचे और समाज में सकारात्मक सोच तथा संवेदनशीलता को बढ़ावा दे।
स्वाति सिंह ने नारी की सृजन शक्ति को बताया समाज की आधारशिला
कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व मंत्री स्वाति सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि ईश्वर ने नारी को सृजन की अद्भुत शक्ति प्रदान की है। उन्होंने कहा कि नारी के बिना समाज और परिवार की कल्पना अधूरी है। एक महिला कभी मां, कभी बहन, कभी पत्नी और कभी बेटी के रूप में समाज को दिशा और गति देने का कार्य करती है।
उन्होंने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है और जब कोई महिला अपने अनुभवों और भावनाओं को कविता के माध्यम से व्यक्त करती है, तो वह अनेक लोगों के जीवन को प्रेरित करने का माध्यम बन जाता है।

प्रख्यात कवि पंकज प्रसून ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लेखिका रूचि चौहान की सराहना की। उन्होंने कहा कि ‘मन के मौसम’ में प्रेम, विरह, संघर्ष और जीवन की कोमल संवेदनाओं को अत्यंत मार्मिक और प्रभावशाली शैली में प्रस्तुत किया गया है।
उन्होंने कहा कि एक सफल कविता वही होती है जो पाठक के मन में लंबे समय तक अपनी छाप छोड़ सके, और इस दृष्टि से यह काव्य संग्रह उल्लेखनीय है। उन्होंने लेखिका को उनके प्रथम काव्य संग्रह के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं और भविष्य में और उत्कृष्ट साहित्यिक रचनाओं की कामना की।
कार्यक्रम का संचालन डी.एस. चौहान ने किया
समारोह का सफल संचालन लेखिका रूचि चौहान के पति डी.एस. चौहान ने किया। कार्यक्रम के दौरान साहित्य, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक लोगों ने पुस्तक के प्रकाशन पर प्रसन्नता व्यक्त की और लेखिका को शुभकामनाएं दीं।
कई गणमान्य लोग रहे उपस्थित
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक आशीष कुमार, वरिष्ठ नेता अशोक सिंह, डॉ. संग्राम सिंह, नाबार्ड परिवार के सदस्य, शिक्षक, साहित्य प्रेमी तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने लेखिका को उनके उज्ज्वल साहित्यिक भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और पुस्तक के व्यापक पाठक वर्ग तक पहुंचने की कामना की।
‘मन के मौसम’ का विमोचन केवल एक पुस्तक का लोकार्पण नहीं, बल्कि नारी संवेदनाओं, साहित्यिक अभिव्यक्ति और सामाजिक चेतना को सम्मान देने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी बन गया।
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