उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने बिहार पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाकर एनडीपीएस एक्ट के गंभीर मामले में वांछित अभियुक्त विकास कुमार को लखनऊ के शहीद पथ से गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ पूर्वी चंपारण के रामगढ़वा थाने में मादक पदार्थ तस्करी का मुकदमा दर्ज है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को गोमतीनगर विस्तार थाने में दाखिल कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने अंतरराज्यीय समन्वय का एक और सफल उदाहरण प्रस्तुत करते हुए बिहार के पूर्वी चंपारण जनपद में दर्ज मादक पदार्थ तस्करी के गंभीर मामले में वांछित अभियुक्त को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई बिहार पुलिस के अनुरोध पर की गई, जिसमें उत्तर प्रदेश एसटीएफ और बिहार पुलिस की संयुक्त टीम ने सटीक खुफिया सूचना के आधार पर आरोपी को दबोचने में सफलता हासिल की।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान विकास कुमार, पुत्र स्वर्गीय शिवजी साहनी, निवासी मलाही टोला, वार्ड संख्या-13, मोतिहारी, जिला पूर्वी चंपारण (बिहार) के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ बिहार के रामगढ़वा थाने में कांड संख्या 341/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8, 18, 21(C), 22(C) और 29 में मुकदमा दर्ज है और वह लंबे समय से फरार चल रहा था।
बिहार पुलिस के अनुरोध पर शुरू हुई कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) के पुलिस अधीक्षक ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उत्तर प्रदेश एसटीएफ से संपर्क किया था। इसके बाद एसटीएफ ने आरोपी की गतिविधियों पर निगरानी शुरू की और उसकी लोकेशन से जुड़ी सूचनाएं एकत्रित कीं।
यह पूरी कार्रवाई उत्तर प्रदेश एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में संचालित की गई। खुफिया सूचना संकलन के बाद संयुक्त टीम ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए रणनीति तैयार की।
शहीद पथ से हुई गिरफ्तारी
22 जुलाई 2026 को एसटीएफ की टीम को विश्वसनीय सूचना मिली कि वांछित अभियुक्त विकास कुमार लखनऊ के शहीद पथ, मल्टीलेवल चौकी के निकट, थाना गोमतीनगर विस्तार क्षेत्र में मौजूद है।
सूचना को सत्य मानते हुए उत्तर प्रदेश एसटीएफ और बिहार पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को बिना किसी अप्रिय घटना के गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए गोमतीनगर विस्तार थाने में दाखिल कराया गया।
एसटीएफ की टीम ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
इस संयुक्त अभियान में उत्तर प्रदेश एसटीएफ की विशेष टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्रवाई में पुलिस निरीक्षक मनीष कुमार, आरक्षी अमित, बीएमपी बृकेश कुमार यादव तथा उपनिरीक्षक तेज बहादुर सिंह के नेतृत्व में एसटीएफ की टीम लगातार खुफिया सूचनाएं जुटा रही थी।
इसके अतिरिक्त उपनिरीक्षक हरीश सिंह चौहान, मुख्य आरक्षी सरताज अहमद, मुख्य आरक्षी आलोक रंजन तथा मुख्य आरक्षी इन्द्र प्रताप भी इस ऑपरेशन का हिस्सा रहे।
टीम ने सूचनाओं का विश्लेषण कर आरोपी की सटीक लोकेशन का पता लगाया और संयुक्त कार्रवाई को सफल बनाया।
पूछताछ में आरोपी ने घटना में संलिप्तता स्वीकार की
प्रारंभिक पूछताछ के दौरान गिरफ्तार अभियुक्त ने संबंधित घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
हालांकि पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की विस्तृत पूछताछ, नेटवर्क की जानकारी और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच संबंधित विवेचक द्वारा की जाएगी।
यह भी पता लगाया जाएगा कि आरोपी किस स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ा था तथा उसके संपर्क किन-किन राज्यों तक फैले हुए हैं।
गिरफ्तारी के दौरान क्या-क्या बरामद हुआ
गिरफ्तार अभियुक्त के कब्जे से पुलिस ने कुछ नकदी और अन्य सामान भी बरामद किया है।
बरामदगी में शामिल हैं—
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₹10,590 भारतीय मुद्रा
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₹110 नेपाली मुद्रा
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एक मोबाइल फोन
पुलिस इन बरामद वस्तुओं की भी जांच करेगी ताकि आरोपी के नेटवर्क, संपर्कों और गतिविधियों के बारे में और जानकारी प्राप्त की जा सके।
एनडीपीएस एक्ट के गंभीर प्रावधानों में दर्ज है मुकदमा
गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज है।
इन धाराओं के अंतर्गत मादक पदार्थों का अवैध उत्पादन, कब्जा, परिवहन, व्यापार और आपराधिक साजिश जैसे आरोप शामिल हैं। ऐसे मामलों में दोष सिद्ध होने पर कठोर कारावास और भारी आर्थिक दंड का प्रावधान है।
ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया शुरू
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को गोमतीनगर विस्तार थाने में दाखिल कर आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं।
अब आरोपी को बिहार ले जाने के लिए ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आगे की विवेचना एवं न्यायालयीन कार्रवाई रामगढ़वा थाना, जिला पूर्वी चंपारण (मोतिहारी), बिहार द्वारा की जाएगी।
अंतरराज्यीय समन्वय से अपराधियों पर शिकंजा
यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश एसटीएफ और बिहार पुलिस के बीच बेहतर समन्वय का उदाहरण मानी जा रही है।
हाल के वर्षों में अंतरराज्यीय अपराध, विशेषकर मादक पदार्थों की तस्करी, साइबर अपराध और संगठित अपराध के मामलों में विभिन्न राज्यों की पुलिस एजेंसियां संयुक्त अभियान चलाकर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस प्रकार की संयुक्त कार्रवाई से फरार अपराधियों की गिरफ्तारी में तेजी आती है और अंतरराज्यीय अपराध नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
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