तिलपता गांव में निर्माणाधीन दो मंजिला दुकान गिरने के मामले में सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए गए, लेकिन अब GNIDA ने अपना आधिकारिक पक्ष स्पष्ट किया है। प्राधिकरण का कहना है कि संबंधित निर्माण पहले से ही निर्धारित मानकों के विपरीत था और इस संबंध में नोटिस भी जारी किया जा चुका था।
ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर क्षेत्र स्थित तिलपता गांव में निर्माणाधीन दो मंजिला दुकान गिरने की घटना चर्चा का विषय बनी रही। घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो तेजी से वायरल हुए, जिनमें दावा किया गया कि नाले की खुदाई के दौरान निर्माणाधीन दुकान धराशायी हो गई। वायरल वीडियो के आधार पर विभिन्न तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं और लोगों के बीच कई सवाल भी उठने लगे। हालांकि, अब इस पूरे मामले में ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया है।

प्राधिकरण के महाप्रबंधक (सिविल) ए.के. सिंह के अनुसार, संबंधित निर्माण पहले से ही निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया था। निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि निर्माण नाले की निर्धारित भूमि के भीतर किया जा रहा था, जिससे भविष्य में जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका थी। इसी कारण निर्माणकर्ता को पहले ही नोटिस जारी कर नियमों का पालन करने और आवश्यक निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया था।

GNIDA का कहना है कि तेजी से विकसित हो रहे ग्रेटर नोएडा में आधुनिक और सुरक्षित शहरी अवसंरचना विकसित करना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से विभिन्न क्षेत्रों में नालों के निर्माण, चौड़ीकरण और सफाई का कार्य नियमित रूप से कराया जा रहा है, ताकि बरसात के दौरान जलभराव जैसी समस्याओं से नागरिकों को राहत मिल सके और शहर की जल निकासी व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
प्राधिकरण का मानना है कि यदि नालों की निर्धारित भूमि पर निर्माण होने दिया जाए तो भविष्य में न केवल जल निकासी व्यवस्था बाधित होगी, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं पर भी गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। इसी वजह से ऐसे मामलों में समय-समय पर निरीक्षण कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाती है और संबंधित पक्षों को नियमों के अनुसार निर्माण करने के लिए निर्देशित किया जाता है।

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