लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने शहर में अवैध व्यावसायिक निर्माणों और अग्नि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शारदा नगर स्थित होटल समादा के बेसमेंट में संचालित अवैध बैंक्वेट हॉल को सील कर दिया। इसके साथ ही सुशांत गोल्फ सिटी, बिजनौर और मोहनलालगंज में तीन अन्य अवैध व्यावसायिक निर्माणों पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई।
राजधानी में अवैध निर्माणों और अग्नि सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में एलडीए ने बुधवार को शारदा नगर स्थित होटल समादा के बेसमेंट में संचालित एक अवैध बैंक्वेट हॉल को सील कर दिया।

इसके अलावा सुशांत गोल्फ सिटी, बिजनौर और मोहनलालगंज क्षेत्र में बिना मानचित्र स्वीकृति के बनाए जा रहे तीन व्यावसायिक निर्माणों पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई।
यह कार्रवाई एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर प्रवर्तन जोन-2 की टीम द्वारा की गई। अधिकारियों का कहना है कि राजधानी में अवैध व्यावसायिक गतिविधियों और भवन निर्माण नियमों के उल्लंघन के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
अग्नि सुरक्षा जांच के दौरान सामने आई बड़ी अनियमितता
हाल के दिनों में बहुमंजिला इमारतों, होटलों, बैंक्वेट हॉल, कोचिंग सेंटर और अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इन्हीं चिंताओं को देखते हुए एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने शहरभर में विशेष जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए थे।

निर्देशों के बाद एलडीए और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने राजधानी के विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इसी दौरान शारदा नगर के रूचिखंड-द्वितीय स्थित होटल समादा की भी जांच की गई। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को पता चला कि होटल के स्वीकृत मानचित्र के विपरीत बेसमेंट का उपयोग अवैध रूप से बैंक्वेट हॉल के रूप में किया जा रहा था।
अधिकारियों के अनुसार, बेसमेंट का उपयोग जिस उद्देश्य के लिए स्वीकृत किया गया था, उसके विपरीत वहां व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। यह न केवल भवन नियमों का उल्लंघन था, बल्कि आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर चिंता का विषय माना गया।

प्रवर्तन जोन-2 के जोनल अधिकारी रवि नंदन सिंह ने बताया कि होटल प्रबंधन की ओर से संचालित इस अवैध बैंक्वेट हॉल को लेकर पहले ही नोटिस जारी किया गया था। होटल प्रबंधन से स्वीकृत मानचित्र और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया था।
हालांकि, निर्धारित समय के भीतर संबंधित पक्ष की ओर से कोई संतोषजनक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद मामला विहित प्राधिकारी न्यायालय में पहुंचा, जहां उपलब्ध तथ्यों और रिकॉर्ड के आधार पर बैंक्वेट हॉल को सील करने के आदेश पारित किए गए।
न्यायालय के आदेश के अनुपालन में एलडीए की प्रवर्तन टीम ने बुधवार को मौके पर पहुंचकर बेसमेंट में संचालित अवैध बैंक्वेट हॉल को सील कर दिया।

तीन अन्य अवैध व्यावसायिक निर्माण भी हुए सील
एलडीए की कार्रवाई केवल होटल समादा तक सीमित नहीं रही। प्रवर्तन जोन-2 की टीम ने सुशांत गोल्फ सिटी, बिजनौर और मोहनलालगंज थाना क्षेत्रों में भी अभियान चलाया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कुछ स्थानों पर बिना प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराए व्यावसायिक निर्माण किए जा रहे थे। जांच के बाद मोहित मिश्रा, दिलीप कुमार त्रिपाठी, पंकज गुप्ता एवं अन्य से जुड़े तीन अवैध व्यावसायिक निर्माणों को सील कर दिया गया।
एलडीए का कहना है कि बिना स्वीकृत मानचित्र के किसी भी प्रकार का व्यावसायिक निर्माण भवन उपविधियों का उल्लंघन है और ऐसे मामलों में भविष्य में भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
अग्नि सुरक्षा नियमों पर विशेष फोकस
हाल के वर्षों में विभिन्न शहरों में होटलों, कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों और व्यावसायिक इमारतों में आग लगने की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ऐसे में एलडीए और अग्निशमन विभाग संयुक्त रूप से यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि राजधानी में संचालित प्रतिष्ठान भवन निर्माण मानकों और अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन करें।

विशेषज्ञों का मानना है कि बेसमेंट का उपयोग यदि स्वीकृत उद्देश्य के विपरीत किया जाता है, तो आग जैसी आपात स्थिति में लोगों की सुरक्षित निकासी प्रभावित हो सकती है। यही कारण है कि ऐसे मामलों में प्रशासन अब पहले की तुलना में अधिक सख्ती दिखा रहा है।
एलडीए अधिकारियों का कहना है कि राजधानी में अवैध निर्माण, अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी भवन में स्वीकृत मानचित्र से अलग निर्माण या उपयोग पाया जाता है, तो संबंधित संपत्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण ने भवन स्वामियों और व्यवसाय संचालकों से अपील की है कि वे निर्माण कार्य शुरू करने से पहले आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करें और भवन का उपयोग केवल स्वीकृत उद्देश्य के अनुसार ही करें। ऐसा न करने पर सीलिंग, ध्वस्तीकरण और अन्य कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
एलडीए के इस अभियान को राजधानी में भवन सुरक्षा, शहरी नियोजन और नियमों के प्रभावी पालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में शहर के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह का निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान जारी रहेगा।
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