यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने ग्रेटर नोएडा के अधिसूचित क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम चपरगढ़ की 60 मीटर ग्रीन बेल्ट से लगभग 50,000 वर्गमीटर सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया। प्राधिकरण के अनुसार मुक्त कराई गई भूमि का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 250 करोड़ रुपये है।
यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने अधिसूचित क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ शुक्रवार को बड़ा प्रवर्तन अभियान चलाते हुए ग्राम चपरगढ़ स्थित 60 मीटर ग्रीन बेल्ट पर किए गए अवैध कब्जे को हटाकर लगभग 50,000 वर्गमीटर सरकारी भूमि को कब्जामुक्त करा लिया। प्राधिकरण के अनुसार मुक्त कराई गई इस भूमि का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 250 करोड़ रुपये है।
यह कार्रवाई 10 जुलाई 2026 को माननीय मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर तथा अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी राजेश कुमार सिंह के नेतृत्व में संचालित की गई। अभियान का उद्देश्य अधिसूचित क्षेत्र में नियोजित विकास कार्यों को बाधारहित बनाना और सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से सुरक्षित करना था।

ग्रीन बेल्ट पर था अवैध कब्जा
प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार ग्राम चपरगढ़ में स्थित 60 मीटर चौड़ी ग्रीन बेल्ट पर कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया था। यह भूमि यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण की अर्जित एवं विधिवत कब्जा प्राप्त संपत्ति है। इसके बावजूद वहां अवैध अतिक्रमण कर उपयोग किया जा रहा था।
प्रवर्तन टीम ने मौके पर पहुंचकर नियमानुसार कार्रवाई की और अवैध कब्जे को हटाते हुए पूरी भूमि को दोबारा प्राधिकरण के कब्जे में ले लिया।
250 करोड़ रुपये की बताई गई बाजार कीमत
यमुना प्राधिकरण के अनुसार कब्जामुक्त कराई गई भूमि का क्षेत्रफल लगभग 50,000 वर्गमीटर है। यदि इस भूमि का बाजार मूल्य 50,000 रुपये प्रति वर्गमीटर के हिसाब से आंका जाए तो इसकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 250 करोड़ रुपये बैठती है।
प्राधिकरण का कहना है कि यह कार्रवाई केवल अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि अधिसूचित क्षेत्र में सुनियोजित विकास, हरित क्षेत्र की सुरक्षा और सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

प्रशासन और पुलिस ने मिलकर चलाया अभियान
अभियान को सफल बनाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों और प्राधिकरण की विभिन्न शाखाओं ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।
कार्रवाई के दौरान—
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उप जिलाधिकारी कृष्ण गोपाल त्रिपाठी
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उप जिलाधिकारी हरी प्रताप सिंह
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उप जिलाधिकारी शिव अवतार सिंह
मौके पर मौजूद रहे।
इसके अलावा प्राधिकरण के प्रोजेक्ट विभाग, भूलेख विभाग और प्रवर्तन दल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई।
पीएसी और भारी पुलिस बल रहा तैनात
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल और प्रांतीय सशस्त्र बल (PAC) की भी तैनाती की गई थी।

प्राधिकरण के अनुसार प्रशासन और पुलिस के समन्वय के चलते पूरा अभियान शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ और किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं हुई।
YEIDA की सख्त चेतावनी
यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अधिसूचित क्षेत्र अथवा प्राधिकरण की कब्जा प्राप्त भूमि पर किसी भी प्रकार का—
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अवैध कब्जा,
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अवैध निर्माण,
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अथवा अवैध कॉलोनी का विकास
किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्राधिकरण ने यह भी कहा कि भविष्य में भी ऐसे मामलों की पहचान कर नियमित रूप से प्रवर्तन अभियान चलाए जाएंगे और नियमों के तहत कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
अधिकारियों का कहना है कि अधिसूचित क्षेत्र में योजनाबद्ध विकास को प्रभावित करने वाले किसी भी अवैध निर्माण या अतिक्रमण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।
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