उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने वर्ष 2019 से लखनऊ के सरोजनी नगर थाना क्षेत्र में टैक्सी चालक की हत्या के मामले में फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी मोनू यादव उर्फ अभिमन्यु यादव को राजस्थान के डीडवाना से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पूछताछ में वारदात के बाद फरारी के दौरान अपने ठिकाने बदलने की पूरी कहानी बताई है।
करीब सात वर्षों से पुलिस और जांच एजेंसियों की आंखों में धूल झोंक रहा 50 हजार रुपये का इनामी आरोपी आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने वर्ष 2019 में लखनऊ के सरोजनी नगर क्षेत्र में टैक्सी चालक की हत्या और लूट के सनसनीखेज मामले में फरार चल रहे आरोपी मोनू यादव उर्फ अभिमन्यु यादव को राजस्थान के डीडवाना जिले से गिरफ्तार कर लिया है।
एसटीएफ के अनुसार आरोपी पिछले कई वर्षों से लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। वारदात के बाद वह पहले बेंगलुरु भाग गया और वहां कुछ समय तक कंडक्टरी का काम किया। बाद में राजस्थान पहुंचकर एक निजी उद्योग में काम करने लगा, ताकि उसकी पहचान छिपी रहे। लगातार खुफिया निगरानी और सूचना तंत्र के आधार पर एसटीएफ ने आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया।
2019 में टैक्सी चालक की हत्या से दहल गया था लखनऊ
यह मामला वर्ष 2019 का है, जब लखनऊ के सरोजनी नगर थाना क्षेत्र में एक टैक्सी चालक की हत्या कर उसकी गाड़ी लूट ली गई थी। पुलिस जांच में सामने आया था कि आरोपियों ने एयरपोर्ट जाने के बहाने टैक्सी बुक की थी और रास्ते में चालक की हत्या कर दी थी।
मृतक चालक की पहचान शुभम पाण्डेय के रूप में हुई थी, जो गोरखपुर जिले के बड़हलगंज क्षेत्र का निवासी था और टैक्सी चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था।
घटना के बाद आरोपियों ने शव को नहर में फेंक दिया और टैक्सी लेकर वाराणसी की ओर फरार हो गए। इस सनसनीखेज वारदात के बाद सरोजनी नगर थाने में अपहरण, हत्या, लूट, साक्ष्य मिटाने और आपराधिक षड्यंत्र सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
सात साल तक पुलिस को देता रहा चकमा
घटना के बाद पुलिस और एसटीएफ लगातार आरोपी की तलाश में जुटी रही, लेकिन वह बार-बार अपना ठिकाना बदलता रहा। उसकी गिरफ्तारी पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था।
एसटीएफ की विभिन्न इकाइयों को आरोपी की तलाश और खुफिया सूचना जुटाने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में एसटीएफ की कानपुर फील्ड यूनिट लगातार आरोपी की गतिविधियों पर नजर रख रही थी।
राजस्थान में मजदूरी करते हुए पकड़ा गया आरोपी
एसटीएफ को सूचना मिली कि फरार आरोपी राजस्थान के डीडवाना जिले में एक निजी उद्योग में काम कर रहा है। सूचना की पुष्टि होने के बाद एसटीएफ की टीम ने वहां पहुंचकर सत्या इंडस्ट्रीज, खंडेलवाल स्वीट्स परिसर में दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के समय आरोपी वहां सामान्य कर्मचारी के रूप में काम कर रहा था। प्रारंभिक पूछताछ में उसने अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की, लेकिन जांच और सत्यापन के बाद उसकी पहचान मोनू यादव उर्फ अभिमन्यु यादव के रूप में हुई।
पूछताछ में कबूला पूरा घटनाक्रम
एसटीएफ की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अपने साथियों मिथिलेश पाण्डेय, छोटू सिंह और मोहन यादव के साथ मिलकर 14 जुलाई 2019 की रात एयरपोर्ट जाने के बहाने टैक्सी बुक की थी।
आरोपियों की योजना शुरू से ही टैक्सी लूटने की थी। रास्ते में उन्होंने चालक शुभम पाण्डेय की हत्या कर दी और शव को नहर में फेंक दिया। इसके बाद टैक्सी लेकर वाराणसी पहुंच गए।
कुछ समय बाद जब उन्हें पता चला कि पुलिस ने हत्या और लूट का मुकदमा दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश तेज हो गई है, तो आरोपी बेंगलुरु भाग गया।
बेंगलुरु से राजस्थान तक बदलता रहा पहचान और ठिकाना
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि बेंगलुरु में उसने अपनी पहचान छिपाकर कंडक्टर के रूप में काम किया। कुछ समय बाद वहां से भी निकलकर राजस्थान पहुंच गया, जहां डीडवाना स्थित एक निजी उद्योग में नौकरी करने लगा।
एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा, ताकि पुलिस उसकी लोकेशन तक न पहुंच सके। हालांकि आधुनिक खुफिया तंत्र और लगातार सूचना संकलन के चलते आखिरकार उसकी गिरफ्तारी संभव हो सकी।
पहले भी दर्ज हैं कई मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मोनू यादव के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 2017 में बलिया में मारपीट और धमकी का मामला दर्ज हुआ था। इसके अलावा वर्ष 2019 के इस हत्या और लूटकांड में वह मुख्य आरोपी रहा। फरार रहने के कारण उसके खिलाफ वर्ष 2022 में न्यायालय के आदेशों की अवहेलना से संबंधित एक और मुकदमा भी दर्ज किया गया।
स्थानीय पुलिस करेगी आगे की कार्रवाई
एसटीएफ ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद लखनऊ कमिश्नरेट की सरोजनी नगर थाना पुलिस को सौंप दिया है। अब स्थानीय पुलिस न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई करेगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में आरोपी के अन्य साथियों और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच पहले ही की जा चुकी है। अब मुख्य फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले की कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
एसटीएफ की इस कार्रवाई को लंबे समय से लंबित एक गंभीर हत्या के मामले में बड़ी सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि फरार और इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
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