नोएडा के सेक्टर-93बी में सीवर बना मौत का जाल! सफाईकर्मी की दर्दनाक मौत के बाद अथॉरिटी का बड़ा एक्शन, ठेकेदार पर FIR और JE बर्खास्त
सेक्टर-93बी के गेझा गांव में सीवर सफाई के दौरान हादसा, रेस्क्यू के बावजूद नहीं बच सकी सफाईकर्मी शिवा की जान। नोएडा अथॉरिटी ने ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू की।
नोएडा के सेक्टर-93बी स्थित गेझा गांव में सीवर सफाई के दौरान सफाईकर्मी शिवा की मौत हो गई। घटना के बाद नोएडा अथॉरिटी ने ठेकेदार कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने, ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। लापरवाही के आरोप में संविदा JE को बर्खास्त कर अन्य अधिकारियों को भी नोटिस जारी किया गया है।
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गौतमबुद्ध नगर के नोएडा में एक बार फिर सीवर सफाई के दौरान हुई दर्दनाक घटना ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सेक्टर-93बी के गेझा गांव स्थित टी-पॉइंट पर गहरी सीवर लाइन की सफाई के दौरान सफाईकर्मी शिवा की मौत हो गई। रेस्क्यू टीम ने काफी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस घटना के बाद नोएडा अथॉरिटी ने तत्काल सख्त कार्रवाई करते हुए संबंधित ठेकेदार कंपनी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने का नोटिस जारी किया गया है। मामले में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित संविदा अवर अभियंता (JE) की सेवाएं भी तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं।
नोएडा अथॉरिटी के अनुसार, 14 जुलाई को जलखंड-3 के अंतर्गत सेक्टर-93बी और गेझा गांव के पास स्थित टी-पॉइंट पर गहरी सीवर लाइन की सफाई का कार्य चल रहा था। सफाई का जिम्मा M/s Shivji Constructions Co. को दिया गया था।
प्राधिकरण का कहना है कि सफाईकर्मी शिवा सुरक्षा बेल्ट, ऑक्सीजन मास्क और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के साथ सीवर में उतरे थे। सफाई के दौरान वह सीवर के भीतर पहले से मौजूद तारों के जाल में फंस गए। इसके बाद मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
हालांकि, घटना के शुरुआती प्रत्यक्षदर्शी विवरणों और कुछ स्थानीय दावों में यह भी आरोप लगाया गया कि सफाईकर्मी को पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के बिना सीवर में उतारा गया था और जहरीली गैस के कारण उनकी हालत बिगड़ी। इन दावों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। मामले की जांच जारी है।
रेस्क्यू ऑपरेशन चला, लेकिन नहीं बच सकी जान
घटना की सूचना मिलते ही थाना फेज-2 पुलिस और फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची। संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाकर शिवा को काफी प्रयास के बाद सीवर से बाहर निकाला गया।
उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और सफाई व्यवस्था में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर बहस छिड़ गई है।
ठेकेदार पर एफआईआर, ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी
घटना के बाद नोएडा अथॉरिटी ने संविदाकार कंपनी M/s Shivji Constructions Co. के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।
प्राधिकरण ने कंपनी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने का नोटिस जारी किया गया है। यदि प्रक्रिया पूरी होती है तो भविष्य में कंपनी को नोएडा अथॉरिटी के किसी भी सरकारी कार्य का ठेका नहीं मिल सकेगा।
अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
अधिकारियों पर भी गिरी कार्रवाई की गाज
नोएडा अथॉरिटी ने केवल ठेकेदार पर ही कार्रवाई नहीं की, बल्कि विभागीय जवाबदेही भी तय की है।
मामले में संबंधित संविदा अवर अभियंता (JE) राकेश कुमार की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। वहीं संबंधित प्रबंधक के सेवा अभिलेख में प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा वरिष्ठ प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
अथॉरिटी ने संकेत दिए हैं कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे भी अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
सुरक्षा मानकों पर फिर उठे सवाल
देशभर में सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान होने वाली दुर्घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। कानून और दिशा-निर्देश स्पष्ट रूप से कहते हैं कि किसी भी कर्मचारी को जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में पर्याप्त सुरक्षा उपकरण, गैस की जांच और आवश्यक बचाव व्यवस्था के बिना सीवर में नहीं उतारा जाना चाहिए।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या मौके पर सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन किया गया था? जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे की वास्तविक वजह क्या थी और किस स्तर पर चूक हुई।
परिवार को मिलेगी सहायता
नोएडा अथॉरिटी ने आश्वासन दिया है कि मृतक सफाईकर्मी शिवा के परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता और अन्य सभी पात्र लाभ उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सीवर सफाई कार्यों की निगरानी और सुरक्षा मानकों को और सख्ती से लागू किया जाएगा।
यह हादसा केवल एक कर्मचारी की मौत नहीं, बल्कि उन हजारों सफाईकर्मियों की सुरक्षा से जुड़ा बड़ा सवाल भी है, जो हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर शहर की सफाई व्यवस्था को सुचारु बनाए रखते हैं। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि जिम्मेदारी तय करने के साथ-साथ सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन और आधुनिक मशीनों के अधिकतम उपयोग पर भी गंभीरता से काम करना होगा।
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