वाराणसी के शिवपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने “स्कूल चलो अभियान” की शुरुआत की। इस दौरान छात्रों को किताबें वितरित की गईं, निपुण विद्यालयों और मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया और शिक्षा सुधारों पर सरकार की प्राथमिकताएं सामने रखी गईं।
नए शैक्षिक सत्र 2026-27 की शुरुआत के साथ उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बार फिर बड़ा संदेश दिया है। वाराणसी के शिवपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने “स्कूल चलो अभियान” का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने शैक्षिक नवाचार एवं उपलब्धियों की पुस्तिका का भी विमोचन किया, जो राज्य में शिक्षा के बदलते स्वरूप और प्रगति को दर्शाती है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों के बीच पहुंचकर उन्हें पाठ्यपुस्तकें और शैक्षणिक सामग्री वितरित की। कक्षा एक के छात्र विकास और अंशिका गुप्ता, कक्षा दो की छात्रा श्रेया सोनकर, कक्षा तीन की छात्रा कजरी, कक्षा चार की छात्रा दीपशिखा, कक्षा पांच की छात्रा रोली सोनकर, कक्षा छह की छात्राएं श्रेया यादव और कली केशरी, कक्षा सात की छात्रा रुचि यादव और कक्षा आठ की छात्रा साक्षी गुप्ता को खुद मुख्यमंत्री ने सामग्री देकर उनका उत्साह बढ़ाया।
इस मौके पर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों और छात्रों को भी सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने जनपद के पांच “निपुण विद्यालयों” के प्रधानाध्यापकों—प्राथमिक विद्यालय नयापुर, प्राथमिक विद्यालय सगुनाहा, प्राथमिक विद्यालय फरीदपुर, कंपोजिट विद्यालय भसार और कंपोजिट विद्यालय महमूरगंज—को प्रमाण पत्र प्रदान किए। साथ ही पांच “निपुण विद्यार्थियों”—अभय कुमार पटेल, जानवी, श्रेयांश, नैंसी और सरस्वती—को भी सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने “स्कूल चलो अभियान” के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह अभियान 6 से 14 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को स्कूल से जोड़ने और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का एक व्यापक प्रयास है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रह जाए।
मंत्री संदीप सिंह ने पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में हुए व्यापक सुधारों का उल्लेख करते हुए बताया कि बुनियादी सुविधाओं के विकास, स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार, ड्रॉपआउट दर में कमी और नामांकन अनुपात में वृद्धि जैसे कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि निपुण भारत अभियान के तहत उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। इस अभियान का उद्देश्य बच्चों में बुनियादी भाषा और गणितीय दक्षता विकसित करना है, जिससे उनकी शिक्षा की नींव मजबूत हो सके।
बालिकाओं की शिक्षा को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मंत्री ने बताया कि राज्य में संचालित 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय को कक्षा 8 से बढ़ाकर कक्षा 12 तक अपग्रेड किया जा रहा है। साथ ही जिन ब्लॉकों में अभी ये विद्यालय नहीं हैं, वहां नए स्कूल स्थापित करने की योजना भी बनाई गई है।

प्री-प्राइमरी शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंत्री ने बताया कि “बाल वाटिका” की शुरुआत की गई है, जहां 3 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा दी जाएगी, जिससे उनका शुरुआती विकास बेहतर तरीके से हो सके।
कार्यक्रम के दौरान समाज के सभी वर्गों से अपील करते हुए मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि “स्कूल चलो अभियान” केवल सरकार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का अभियान है। उन्होंने अभिभावकों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों से इसमें सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया, ताकि हर बच्चा स्कूल पहुंचे और शिक्षित बने।
उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में आए बदलावों पर भी जोर दिया और कहा कि वर्ष 2017 से पहले की “नकल वाली शिक्षा” प्रणाली की तुलना में वर्तमान सरकार ने नकलविहीन परीक्षाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को प्राथमिकता दी है। इसका परिणाम यह है कि आज उत्तर प्रदेश के छात्र प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं और उनका भविष्य अधिक सुरक्षित हो रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में शिक्षा को राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत नींव बताते हुए कहा कि “स्कूल चलो अभियान” केवल नामांकन बढ़ाने का प्रयास नहीं, बल्कि बच्चों को संस्कारयुक्त, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने का एक बड़ा मिशन है।
उन्होंने विश्वास जताया कि इस अभियान के माध्यम से प्रदेश के हर बच्चे तक शिक्षा की रोशनी पहुंचेगी और उत्तर प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा।
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