उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच मुरादाबाद जिले की छह विधानसभा सीटों पर टिकट को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा, सपा, कांग्रेस और बसपा से अब तक कुल 174 लोगों के नाम दावेदारी में सामने आए हैं। कांग्रेस से सबसे ज्यादा 62 और सपा से सबसे कम 33 दावेदार बताए जा रहे हैं। ठाकुरद्वारा सीट 38 दावेदारों के साथ सबसे आगे है, जबकि कुंदरकी में सबसे कम 19 नाम चर्चा में हैं।
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव अभी दूर हो सकते हैं, लेकिन सियासी गलियारों में टिकट की दौड़ अभी से तेज होती दिखाई दे रही है। राजनीतिक दल संगठन को चुनावी मोड में लाने में जुटे हैं और इसी के साथ उन नेताओं की सक्रियता भी बढ़ने लगी है, जिनकी नजर विधानसभा की टिकट पर टिकी है।
मुरादाबाद जिले की छह विधानसभा सीटों से सामने आ रहे आंकड़े कम से कम इतना जरूर बता रहे हैं कि चुनावी मैदान तैयार होने से पहले ही टिकट के लिए दावेदारों की कतार लंबी होने लगी है।
जिले की छह विधानसभा सीटों पर भाजपा, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की इच्छा रखने वाले 174 दावेदारों के नाम सामने आए हैं। इनमें कांग्रेस सबसे आगे है, जबकि सपा से दावेदारों की संख्या सबसे कम बताई जा रही है।
लेकिन दिलचस्प बात यह है कि सभी छह सीटों पर दावेदारों की संख्या एक जैसी नहीं है। कहीं टिकट को लेकर घमासान ज्यादा है तो कहीं मुकाबला फिलहाल सीमित दिखाई दे रहा है।
किस पार्टी से कितने दावेदार?
मुरादाबाद की छह विधानसभा सीटों के लिए सामने आए दावेदारों के आंकड़ों पर नजर डालें तो कांग्रेस से 62, बसपा से 42, भाजपा से 37 और सपा से 33 लोगों ने टिकट की इच्छा जताई है।
यानी चार प्रमुख दलों में कांग्रेस से दावेदारों की संख्या सबसे अधिक है। वहीं समाजवादी पार्टी से सबसे कम दावेदार सामने आए हैं।
हालांकि, यहां एक महत्वपूर्ण बात भी है। राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्षों का कहना है कि अभी प्रदेश नेतृत्व की ओर से आधिकारिक तौर पर टिकट के लिए आवेदन नहीं लिए जा रहे हैं। ऐसे में सामने आए ये नाम औपचारिक आवेदन की अंतिम सूची नहीं माने जा सकते।
दरअसल, पार्टी से जुड़े पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और अन्य नेता अपने-अपने स्तर पर टिकट के लिए प्रयास कर रहे हैं। कोई खुलकर अपनी दावेदारी पेश कर रहा है तो कोई अभी पर्दे के पीछे रहकर संगठन में अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटा है।

मुरादाबाद जिले में कुल छह विधानसभा सीटें हैं। मौजूदा समय में इनमें से चार सीटों पर समाजवादी पार्टी और दो सीटों पर भाजपा का कब्जा है।
ऐसे में आगामी चुनाव को लेकर सभी दलों के लिए इन छह सीटों का अपना राजनीतिक महत्व है। खासकर मौजूदा विधायकों के सामने अपनी सीट बचाने की चुनौती होगी, जबकि विपक्षी दल सत्ता समीकरण बदलने की कोशिश करेंगे।
यही वजह है कि टिकट की दौड़ में सिर्फ नए चेहरे ही नहीं हैं। दावेदारों की सूची में मौजूदा विधायक, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद और राजनीतिक दलों के पूर्व एवं वर्तमान पदाधिकारी भी शामिल बताए जा रहे हैं।
यानी टिकट की लड़ाई केवल पार्टी बनाम पार्टी नहीं है। एक ही पार्टी के भीतर कई चेहरे एक-दूसरे के सामने दावेदारी मजबूत करने में जुटे हुए हैं।
ठाकुरद्वारा में सबसे ज्यादा घमासान
अब बात उस सीट की, जहां टिकट के लिए सबसे ज्यादा नाम सामने आए हैं।
ठाकुरद्वारा विधानसभा सीट इस समय मुरादाबाद जिले में टिकट की सबसे बड़ी होड़ वाली सीट बनकर सामने आई है। यहां भाजपा, सपा, कांग्रेस और बसपा से मिलाकर अब तक 38 दावेदारों के नाम चर्चा में हैं।
38 दावेदारों का आंकड़ा यह संकेत देता है कि इस सीट पर टिकट हासिल करने के लिए नेताओं के बीच अंदरूनी प्रतिस्पर्धा काफी दिलचस्प हो सकती है।
लेकिन जिले की तस्वीर सिर्फ ठाकुरद्वारा तक सीमित नहीं है।
मुरादाबाद नगर में 36 दावेदार
मुरादाबाद नगर विधानसभा सीट पर भी टिकट को लेकर कम हलचल नहीं है। यहां चारों प्रमुख दलों से मिलाकर 36 दावेदारों के नाम सामने आए हैं।
यानी ठाकुरद्वारा के बाद मुरादाबाद नगर ऐसी सीट है, जहां टिकट की दौड़ काफी लंबी दिखाई दे रही है।
बिलारी में 33 नाम
बिलारी विधानसभा सीट से भी 33 दावेदार टिकट की इच्छा जताते हुए चर्चा में हैं।
यह संख्या बताती है कि जिले की कई सीटों पर चुनावी तैयारियों के साथ-साथ पार्टी के भीतर टिकट को लेकर समीकरण बनाने का काम भी शुरू हो चुका है।
देहात सीट पर 25 दावेदार
मुरादाबाद देहात विधानसभा सीट पर अब तक 25 दावेदारों के नाम सामने आए हैं।
ग्रामीण क्षेत्र से जुड़ी इस सीट पर भी नेताओं की सक्रियता बढ़ती दिखाई दे रही है और टिकट के लिए अलग-अलग स्तर पर कोशिशें शुरू हो गई हैं।
कांठ में 23 दावेदार
कांठ विधानसभा सीट पर फिलहाल 23 दावेदार सामने आए हैं।
यहां भी मौजूदा राजनीतिक समीकरणों के बीच कई चेहरे पार्टी के टिकट की उम्मीद लगाए हुए हैं।
कुंदरकी में सबसे कम दावेदार
अब जिले की सबसे कम दावेदारी वाली सीट की बात करें तो वह है कुंदरकी विधानसभा सीट।
यहां भाजपा, सपा, कांग्रेस और बसपा से मिलाकर अब तक 19 दावेदारों के नाम चर्चा में हैं। छहों सीटों में यही सबसे कम संख्या है।
अभी टिकट की घोषणा नहीं, लेकिन दावेदारी शुरू
मुरादाबाद में सामने आए ये आंकड़े एक शुरुआती राजनीतिक तस्वीर पेश करते हैं। अभी राजनीतिक दलों की ओर से आधिकारिक टिकट प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है और न ही यह तय है कि सामने आए सभी चेहरे अंतिम दौड़ में रहेंगे।
फिर भी चुनावी राजनीति में टिकट की दावेदारी जितनी जल्दी शुरू होती है, उतनी ही तेजी से नेताओं की सक्रियता भी बढ़ती है।
किसी के लिए यह मौजूदा सीट बचाने की लड़ाई है, किसी के लिए लंबे राजनीतिक इंतजार के बाद विधानसभा पहुंचने का मौका और किसी के लिए पार्टी के भीतर अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने का प्रयास।
फिलहाल मुरादाबाद की छह सीटों पर 174 दावेदारों के नाम सामने आ चुके हैं। लेकिन असली सवाल अभी बाकी है—जब पार्टियां आधिकारिक तौर पर टिकट की प्रक्रिया शुरू करेंगी, तब यह आंकड़ा कहां तक पहुंचेगा और इनमें से आखिर कितने चेहरों को पार्टी नेतृत्व अपनी पसंद बनाएगा?
सबसे ज्यादा दावेदारों वाली ठाकुरद्वारा सीट पर टिकट किसे मिलेगा, कांग्रेस के 62 दावेदारों में से कौन बाजी मारेगा, और क्या मौजूदा विधायक अपनी-अपनी सीटों पर दोबारा मैदान में उतर पाएंगे—इन सवालों के जवाब चुनावी तस्वीर साफ होने के साथ ही सामने आएंगे।
फिलहाल इतना जरूर है कि चुनावी बिगुल बजने से पहले ही मुरादाबाद में टिकट की सियासत ने दस्तक दे दी है।
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