गौतमबुद्धनगर में मतदाताओं को उनके घर के निकट मतदान केंद्र उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ी पहल शुरू हो गई है। जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में हाईराइज सोसायटियों, सेक्टरों और श्रमिक बाहुल्य क्षेत्रों में नए मतदेय स्थलों की स्थापना पर विस्तार से चर्चा हुई। निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार 1200 मतदाताओं के मानक के आधार पर नए मतदान केंद्रों के चिन्हांकन की प्रक्रिया जारी है।
लोकतंत्र के सबसे महत्वपूर्ण पर्व—मतदान—को अधिक सुगम, सुलभ और मतदाता-अनुकूल बनाने की दिशा में गौतमबुद्धनगर प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुपालन में जिला प्रशासन ने बहुमंजिली आवासीय सोसायटियों, सेक्टरों और श्रमिक बाहुल्य क्षेत्रों में रहने वाले मतदाताओं को उनके निवास के निकट मतदान केंद्र उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
इसी उद्देश्य से जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आरडब्ल्यूए (रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) तथा एओए (अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन) के अध्यक्षों, सचिवों और संबंधित पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों, नए मतदेय स्थलों के निर्धारण और मतदाताओं की सुविधा से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
1200 मतदाताओं के मानक पर होगी नई व्यवस्था
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप मतदेय स्थलों के पुनर्संयोजन (रैशनलाइजेशन) और आवश्यकतानुसार नए मतदान केंद्रों के चिन्हांकन की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए प्रति मतदान केंद्र लगभग 1200 मतदाताओं का मानक निर्धारित किया गया है।
उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बहुमंजिली आवासीय सोसायटियों और विकसित सेक्टरों में रहने वाले मतदाताओं को मतदान के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े। यदि मतदान केंद्र घर के निकट होंगे, तो मतदान प्रतिशत बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी।

हाईराइज सोसायटियों को मिलेगा विशेष लाभ
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जिले में तेजी से विकसित हो रही हाईराइज आवासीय सोसायटियों में बड़ी संख्या में मतदाता निवास करते हैं। ऐसे स्थानों पर यदि 300 से 1200 मतदाता निवास करते हैं और वहां सुरक्षित वातावरण के साथ आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं, तो नए मतदेय स्थल स्थापित करने पर विचार किया जाएगा।
उन्होंने आरडब्ल्यूए एवं एओए प्रतिनिधियों से अनुरोध किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों का आकलन कर ऐसे उपयुक्त स्थलों की जानकारी प्रशासन को उपलब्ध कराएं, जहां मतदान केंद्र स्थापित किए जा सकते हैं।
दो दिन में मांगे गए सुझाव और प्रस्ताव
बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी आरडब्ल्यूए, एओए या संबंधित संस्था के पास नए मतदान केंद्रों की स्थापना को लेकर कोई व्यवहारिक और जनहितकारी सुझाव है, तो उसे अगले दो दिनों के भीतर जिला निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने बताया कि सुझाव लिखित रूप में जिला निर्वाचन कार्यालय में जमा किए जा सकते हैं या ई-मेल adeo-gbn@nic.in पर भी भेजे जा सकते हैं। प्राप्त सभी प्रस्तावों का परीक्षण भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाएगा और पात्र पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
श्रमिक बाहुल्य क्षेत्रों को भी मिलेगी प्राथमिकता
बैठक का एक महत्वपूर्ण विषय श्रमिक बाहुल्य क्षेत्रों में मतदान सुविधा बढ़ाना भी रहा।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि बहुमंजिली सोसायटियों के आसपास बड़ी संख्या में श्रमिक परिवार भी निवास करते हैं। ऐसे क्षेत्रों में भी मतदान केंद्रों की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि प्रत्येक पात्र मतदाता बिना किसी कठिनाई के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।
उन्होंने अधिकारियों और आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों से ऐसे क्षेत्रों की पहचान कर व्यवहारिक सुझाव देने का आग्रह किया।
मतदाता सुविधा बढ़ाने पर जोर
प्रशासन का मानना है कि मतदान केंद्रों की दूरी कम होने से बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगजनों और पहली बार मतदान करने वाले युवाओं को विशेष सुविधा मिलेगी।

निकट मतदान केंद्र उपलब्ध होने से मतदान के दिन भीड़ का बेहतर प्रबंधन संभव होगा और मतदाताओं को लंबी दूरी तय करने या यातायात संबंधी कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
मतदेय स्थलों के निर्धारण की प्रक्रिया पर विस्तृत प्रस्तुति
बैठक के दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने उपस्थित प्रतिनिधियों को मतदेय स्थलों के निर्धारण की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी।
उन्होंने निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 1200 मतदाताओं के मानक, मतदान केंद्रों के पुनर्संयोजन की प्रक्रिया, भवन चयन के मानदंड, सुरक्षा व्यवस्था तथा मतदान केंद्रों के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाओं के संबंध में विस्तार से प्रस्तुतीकरण दिया।
प्रतिनिधियों को यह भी बताया गया कि नए मतदान केंद्रों का चयन पूरी तरह निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों और प्रशासनिक मानकों के अनुसार किया जाएगा।
सभी हितधारकों से सहयोग की अपील
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और जनसहभागिता आधारित बनाने के लिए सभी आरडब्ल्यूए, एओए और स्थानीय संगठनों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है और मतदान केंद्रों की बेहतर व्यवस्था मतदाता सहभागिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी भालचंद्र त्रिपाठी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी अजीत कुमार सिंह, प्रभारी सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उप जिलाधिकारी (सदर न्यायिक) अरुण कुमार, तहसीलदार जेवर प्रतीक चौहान, ईओ दादरी शालिनी गुप्ता, सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं आरडब्ल्यूए तथा एओए के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
लोकतंत्र को और मजबूत बनाने की दिशा में पहल
गौतमबुद्धनगर प्रशासन की यह पहल केवल नए मतदान केंद्र स्थापित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य मतदान प्रक्रिया को अधिक सुलभ, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाना है। यदि प्रस्तावित योजना सफल होती है, तो जिले के हजारों मतदाताओं को अपने घर के निकट मतदान केंद्र की सुविधा मिलेगी, जिससे मतदान प्रतिशत बढ़ने और लोकतांत्रिक भागीदारी को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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