गौतमबुद्ध नगर में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर जिला प्रशासन अब पूरी तरह सख्त हो गया है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक में ब्लैक स्पॉट, ई-डीएआर पोर्टल, सड़क सुरक्षा उपायों और यातायात नियमों के पालन को लेकर कई अहम निर्देश जारी किए गए। अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी गई कि सड़क सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गौतमबुद्ध नगर में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने अब सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के कारणों, ब्लैक स्पॉट की स्थिति, ई-डीएआर (e-DAR) पोर्टल की प्रगति और सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सड़क हादसों को रोकने के लिए केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
बैठक के दौरान सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) डॉ. उदित नारायण ने जनपद में सड़क सुरक्षा की वर्तमान स्थिति, दुर्घटना संभावित स्थलों की जानकारी तथा ई-डीएआर पोर्टल पर दर्ज मामलों की प्रगति से जिलाधिकारी को अवगत कराया। समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि ई-डीएआर पोर्टल के माध्यम से चिन्हित कई ब्लैक स्पॉट के लिए संबंधित विभागों द्वारा अब तक न तो शॉर्ट टर्म और न ही लॉन्ग टर्म कार्ययोजना समय पर उपलब्ध कराई गई है।
इस पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित विभागों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक ब्लैक स्पॉट के लिए विस्तृत और समयबद्ध कार्ययोजना तत्काल तैयार कर प्रस्तुत की जाए, ताकि दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुधार कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि जनहित का अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर सड़क दुर्घटनाओं की संभावना अधिक है, वहां आवश्यक सुरक्षा उपाय तत्काल सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने सड़क सुरक्षा संकेतक, रिफ्लेक्टर, स्पीड लिमिट बोर्ड, स्पष्ट रोड मार्किंग, पर्याप्त स्ट्रीट लाइट, क्रैश बैरियर और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण लगाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इन स्थानों का नियमित निरीक्षण किया जाए और सुधार कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी दुर्घटना की संभावना को कम किया जा सके।
बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग, यातायात पुलिस, लोक निर्माण विभाग तथा संबंधित विकास प्राधिकरणों को संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ओवरस्पीडिंग, ओवरलोडिंग, अवैध पार्किंग, गलत दिशा में वाहन चलाने तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी और निरंतर कार्रवाई की जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े प्रत्येक मामले की जानकारी ई-डीएआर (Electronic Detailed Accident Report) पोर्टल पर समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से दर्ज की जाए। उनका कहना था कि सड़क दुर्घटनाओं का सटीक डिजिटल रिकॉर्ड भविष्य की योजनाओं और दुर्घटना रोकथाम की रणनीति तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि केवल प्रवर्तन कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने सार्वजनिक स्थलों, स्कूलों, कॉलेजों, बाजारों और प्रमुख चौराहों पर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। अभियान के दौरान लोगों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने और अन्य यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण मानवीय लापरवाही होती है। यदि लोग स्वयं यातायात नियमों का पालन करें और प्रशासन भी प्रभावी निगरानी बनाए रखे, तो सड़क हादसों की संख्या में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
बैठक में अधिकारियों ने सड़क सुरक्षा से संबंधित वर्तमान चुनौतियों और उनके समाधान पर भी विस्तार से चर्चा की। विभिन्न विभागों को आपसी समन्वय बढ़ाने, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की नियमित समीक्षा करने तथा निर्धारित समय के भीतर सभी आवश्यक सुधार कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि जनपद में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाए। ई-डीएआर पोर्टल, डिजिटल मॉनिटरिंग और डेटा आधारित विश्लेषण के माध्यम से दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर समय रहते सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अजीत कुमार सिंह, डीसीपी आर.के. गौतम, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) डॉ. उदित नारायण, ओएसडी नोएडा इन्दु प्रकाश सिंह सहित परिवहन विभाग, यातायात पुलिस, लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
गौतमबुद्ध नगर जैसे तेजी से विकसित हो रहे जिले में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन की यह सक्रियता महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि यदि ब्लैक स्पॉट पर समय रहते सुधार कार्य पूरे किए जाते हैं, यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराया जाता है और लोगों में जागरूकता बढ़ाई जाती है, तो सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि सड़क सुरक्षा अब केवल औपचारिक बैठक का विषय नहीं रहेगी, बल्कि इसे जनहित से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण अभियानों में शामिल करते हुए सभी विभागों की जवाबदेही तय की जाएगी।
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