ग्रेटर नोएडा में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग का पवेलियन युवाओं के लिए ज्ञान, करियर और संस्कृति का अनोखा केंद्र बना। प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकों से लेकर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और डिजिटल अनुभव तक, पवेलियन पर पूरे पांच दिन युवाओं की खास भीड़ देखने को मिली।
उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में जहां अलग-अलग उत्पादों, उद्योगों और कारोबारी गतिविधियों ने लोगों का ध्यान खींचा, वहीं सूचना एवं जनसंपर्क विभाग का पवेलियन युवाओं के लिए एक अलग ही आकर्षण का केंद्र बना रहा। यहां सिर्फ देखने और घूमने का माहौल नहीं था, बल्कि किताबों के जरिए ज्ञान, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उपयोगी सामग्री, प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और डिजिटल तकनीक के माध्यम से उत्तर प्रदेश को करीब से जानने का मौका भी मिला।
यही वजह रही कि ट्रेड शो के पांचों दिनों में पवेलियन पर युवाओं की आवाजाही लगातार बनी रही। कोई प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए किताबें तलाशता नजर आया तो कोई प्रदेश की संस्कृति और धार्मिक स्थलों की झलक के साथ सेल्फी लेने में व्यस्त दिखा।
पुस्तकों में तलाशते दिखे करियर की राह
पवेलियन में लगाई गई पुस्तक प्रदर्शनी युवाओं के बीच खास आकर्षण का केंद्र रही। यहां भारतीय इतिहास, संस्कृति, राजनीतिक विज्ञान, उभरते भारत, उभरते उत्तर प्रदेश और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी विभिन्न पुस्तकें उपलब्ध थीं।

कई युवा अपनी पसंद की किताब लेकर वहीं बैठकर पढ़ते नजर आए। कुछ युवाओं ने किताबें पसंद आने के बाद उनके प्रकाशकों और अन्य संबंधित जानकारी को अपने मोबाइल फोन में दर्ज किया, ताकि आगे उन्हें हासिल किया जा सके।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए उत्तर प्रदेश वार्षिकी विशेष आकर्षण बनी रही। उत्तर प्रदेश से संबंधित सामान्य ज्ञान और प्रदेश के विभिन्न पहलुओं को समझने के लिए इस तरह की प्रमाणिक सामग्री की उपयोगिता को युवाओं ने महसूस किया।
सिकंदराबाद से खास तौर पर पहुंचीं PCS अभ्यर्थी
पवेलियन पर पहुंचीं सिकंदराबाद की पीसीएस अभ्यर्थी निधि यादव भी उत्तर प्रदेश वार्षिकी की तलाश में ट्रेड शो पहुंचीं। उन्होंने बताया कि उनकी क्लासमेट ने उन्हें ट्रेड शो में उपलब्ध उत्तर प्रदेश वार्षिकी के बारे में जानकारी दी थी।
निधि इसी पुस्तक को देखने और लेने के लिए विशेष रूप से यहां पहुंचीं। उनके मुताबिक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान उत्तर प्रदेश से जुड़े सामान्य ज्ञान की प्रमाणिक सामग्री काफी उपयोगी रहती है।
सिर्फ उत्तर प्रदेश वार्षिकी ही नहीं, पवेलियन पर कई अन्य पुस्तकों ने भी युवाओं का ध्यान खींचा। ‘बनारस तेरे रंग हजार’, ‘योगी का राम राज्य’, ‘लोक आराधना की अभिव्यक्ति’, ‘तीर्थनामा अयोध्या’, ‘न्यू यूपी फॉर ए न्यू इंडिया’ और ‘विकसित यूपी विकसित भारत’ जैसी पुस्तकों में भी युवाओं की दिलचस्पी देखने को मिली।

इससे साफ नजर आया कि ट्रेड शो में आने वाला युवा वर्ग केवल मनोरंजन या खरीदारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रदेश के इतिहास, संस्कृति, विकास और समकालीन बदलावों को जानने में भी रुचि दिखाता रहा।
सेल्फी जोन ने भी खींची युवाओं की भीड़
पवेलियन में किताबों के साथ एक और आकर्षण था, जिसने युवाओं को अपनी ओर खींचा—सेल्फी जोन।
यहां युवाओं को प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को बैकग्राउंड में चुनकर अपनी तस्वीर लेने का मौका मिला। अयोध्या का राम मंदिर, वाराणसी का नमो घाट, वृंदावन का प्रेम मंदिर और सारनाथ जैसे स्थलों को सेल्फी के बैकग्राउंड के तौर पर चुना जा सकता था।
युवाओं में इसको लेकर ऐसा उत्साह दिखाई दिया कि कई लोगों को अपनी बारी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। भीड़ का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कुछ युवाओं को सेल्फी लेने के लिए करीब आधे घंटे तक लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
सेल्फी लेने के बाद सूचना विभाग की ओर से युवाओं को उपहार भी दिए गए, जिससे इस गतिविधि को लेकर उनका उत्साह और बढ़ गया।
इलेक्ट्रॉनिक ग्लोब पर दिखी ‘उभरते यूपी’ की तस्वीर
पवेलियन में तकनीक का इस्तेमाल भी युवाओं को आकर्षित करने में काम आया। यहां लगाए गए इलेक्ट्रॉनिक ग्लोब के जरिए युवाओं और बच्चों को उभरते भारत और उभरते उत्तर प्रदेश की तस्वीर दिखाने का प्रयास किया गया।

इलेक्ट्रॉनिक ग्लोब के साथ भी बच्चों और युवाओं में सेल्फी लेने का खास क्रेज देखने को मिला। डिजिटल माध्यम के जरिए प्रदेश के विकास और उसकी बदलती तस्वीर को समझने का यह तरीका युवा आगंतुकों को खासा पसंद आया।
पांच दिन में बदली पवेलियन की तस्वीर
पांच दिनों के दौरान सूचना एवं जनसंपर्क विभाग का पवेलियन सिर्फ सरकारी सूचना उपलब्ध कराने वाली जगह तक सीमित नहीं रहा। यहां ज्ञान, करियर, संस्कृति और तकनीक को एक साथ जोड़ने का प्रयास देखने को मिला।
एक तरफ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए किताबें थीं, तो दूसरी तरफ प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को करीब से देखने का डिजिटल अनुभव। सेल्फी जोन ने युवाओं को आकर्षित किया तो इलेक्ट्रॉनिक ग्लोब ने बच्चों और युवाओं को उत्तर प्रदेश तथा भारत की बदलती तस्वीर से जोड़ने का काम किया।
ट्रेड शो में युवाओं की लगातार मौजूदगी ने यह भी दिखाया कि जब मनोरंजन के साथ ज्ञान और करियर से जुड़ी सामग्री एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जाती है तो युवा उसमें सक्रिय रुचि लेते हैं।
इस लिहाज से सूचना विभाग का पवेलियन पांच दिनों तक केवल एक प्रदर्शनी स्थल नहीं, बल्कि युवाओं के लिए ज्ञान, करियर और उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ने का एक संवाद मंच बनकर सामने आया।
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