ग्रेटर नोएडा स्थित गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (GIMS) में 30 सितंबर 2026 को वर्ल्ड हार्ट डे के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। पेशेंट रजिस्ट्रेशन काउंटर और चरक हॉल में हुए कार्यक्रम में B.Sc. Nursing और M.Sc. Nursing के छात्रों व फैकल्टी ने भाग लिया। पोस्टर प्रेजेंटेशन, स्लोगन प्रतियोगिता, हार्ट हेल्थ क्विज और नुक्कड़ नाटक के जरिए हृदय रोगों से बचाव और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया गया।
ग्रेटर नोएडा में बुधवार को अस्पताल परिसर का माहौल सामान्य स्वास्थ्य सेवाओं से कुछ अलग नजर आया। Government Institute of Medical Sciences (GIMS), Greater Noida में वर्ल्ड हार्ट डे के अवसर पर लोगों को दिल की सेहत के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मकसद केवल हृदय रोगों की जानकारी देना नहीं था, बल्कि मरीजों, आम लोगों और छात्रों को यह समझाना भी था कि रोजमर्रा की जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव दिल को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
पेशेंट रजिस्ट्रेशन काउंटर और चरक हॉल में हुआ आयोजन
GIMS में 30 सितंबर 2026 को आयोजित कार्यक्रम पेशेंट रजिस्ट्रेशन काउंटर और चरक हॉल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नर्सिंग छात्रों और फैकल्टी सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही।
इस दौरान अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के साथ-साथ संस्थान के छात्रों और अन्य लोगों तक हृदय स्वास्थ्य से जुड़े जरूरी संदेश पहुंचाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में जागरूकता को केवल भाषण तक सीमित न रखकर अलग-अलग रचनात्मक गतिविधियों का सहारा लिया गया, जिससे स्वास्थ्य संबंधी संदेश आसानी से लोगों तक पहुंच सके।
पोस्टर से लेकर स्लोगन तक, छात्रों ने उठाया जागरूकता का बीड़ा
कार्यक्रम में B.Sc. Nursing और M.Sc. Nursing के छात्रों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। छात्रों ने हृदय स्वास्थ्य को केंद्र में रखते हुए विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित कीं।
इनमें पोस्टर प्रेजेंटेशन, स्लोगन प्रतियोगिता, हार्ट हेल्थ क्विज और नुक्कड़ नाटक प्रमुख रहे।

पोस्टर प्रेजेंटेशन के जरिए छात्रों ने हृदय स्वास्थ्य और हृदय रोगों से बचाव से जुड़े संदेशों को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया। वहीं स्लोगन प्रतियोगिता ने छात्रों को कम शब्दों में प्रभावी स्वास्थ्य संदेश लोगों तक पहुंचाने का अवसर दिया।
हार्ट हेल्थ क्विज के माध्यम से हृदय और उससे जुड़े जोखिम कारकों की जानकारी को रोचक तरीके से सामने लाया गया। इससे प्रतिभागियों को अपनी जानकारी परखने के साथ-साथ हृदय स्वास्थ्य से जुड़े जरूरी तथ्यों को समझने का अवसर भी मिला।
नुक्कड़ नाटक ने खींचा लोगों का ध्यान
कार्यक्रम की प्रमुख गतिविधियों में नुक्कड़ नाटक भी शामिल रहा। छात्रों ने नाटक के माध्यम से हृदय स्वास्थ्य और बचाव से जुड़े संदेशों को लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की।
नुक्कड़ नाटक जैसे माध्यम का इस्तेमाल इसलिए भी प्रभावी रहा क्योंकि इसमें स्वास्थ्य से जुड़ी बातों को रोजमर्रा की परिस्थितियों और संवाद के जरिए लोगों के सामने रखा जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने लोगों को हृदय रोगों से बचाव के लिए जागरूक रहने और स्वस्थ आदतों को अपनाने का संदेश दिया।
स्वस्थ खान-पान और नियमित व्यायाम पर जोर
वर्ल्ड हार्ट डे कार्यक्रम के दौरान स्वस्थ खान-पान और नियमित शारीरिक गतिविधि के महत्व को प्रमुखता से सामने रखा गया। लोगों को अपनी जीवनशैली में स्वास्थ्य के अनुकूल आदतें शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया।
इसके साथ ही तंबाकू से दूरी, तनाव प्रबंधन और हृदय से जुड़े जोखिम कारकों की समय रहते पहचान करने के महत्व पर भी जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि हृदय स्वास्थ्य की देखभाल केवल बीमारी सामने आने के बाद नहीं, बल्कि पहले से सावधानी बरतकर भी की जा सकती है। रोजमर्रा की आदतों और जीवनशैली पर ध्यान देकर हृदय संबंधी जोखिमों को कम करने की दिशा में कदम उठाया जा सकता है।

छात्रों को बनाया गया ‘हेल्थ एंबेसडर’
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य छात्रों को केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें स्वास्थ्य जागरूकता का माध्यम बनाना भी रहा। छात्रों को प्रेरित किया गया कि वे हृदय स्वास्थ्य से जुड़े संदेशों को अपने परिवार, साथियों, मरीजों और व्यापक समुदाय तक पहुंचाएं।
इस तरह नर्सिंग के छात्र अपने शैक्षणिक संस्थान से बाहर भी हृदय स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता फैलाने में भूमिका निभा सकते हैं।
जागरूकता से रोकथाम तक का संदेश
GIMS में आयोजित वर्ल्ड हार्ट डे कार्यक्रम ने हृदय स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता और रोकथाम दोनों पहलुओं पर जोर दिया। पोस्टर, स्लोगन, क्विज और नुक्कड़ नाटक जैसी गतिविधियों के जरिए आम लोगों, मरीजों और छात्रों को हृदय रोगों से जुड़े जोखिमों तथा स्वस्थ जीवनशैली के महत्व को समझाने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम में नर्सिंग छात्रों और फैकल्टी की सक्रिय भागीदारी ने इसे जन-जागरूकता के एक संवादात्मक मंच का रूप दिया। आयोजन के माध्यम से लोगों को स्वस्थ खान-पान, नियमित शारीरिक गतिविधि, तंबाकू से परहेज, तनाव प्रबंधन और हृदय संबंधी जोखिमों की समय रहते पहचान जैसे महत्वपूर्ण संदेशों से जोड़ा गया।
GIMS का यह आयोजन इस बात पर केंद्रित रहा कि हृदय की सेहत सिर्फ अस्पताल या डॉक्टर तक सीमित विषय नहीं है। इसे परिवार, समाज और रोजमर्रा की जिंदगी की आदतों से जोड़कर देखा जाना जरूरी है। कार्यक्रम में शामिल छात्रों को स्वास्थ्य संदेशों का वाहक बनाकर इसे अस्पताल परिसर से बाहर समुदाय तक पहुंचाने की दिशा में भी प्रेरित किया गया।
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