लखनऊ में सेना में भर्ती कराने के नाम पर युवकों से अवैध वसूली करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। एसटीएफ और कैंट पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर फर्जी दस्तावेज और नगदी बरामद की है।
उत्तर प्रदेश में सेना में भर्ती कराने के नाम पर बेरोजगार युवकों से ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को एसटीएफ और कैंट पुलिस ने गिरफ्तार किया है। 24 फरवरी 2026 को एसटीएफ, उत्तर प्रदेश को बड़ी सफलता मिली जब लखनऊ में चल रहे इस फर्जी भर्ती रैकेट का पर्दाफाश हुआ।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान आकाश कुमार उर्फ आलोक तिवारी के रूप में हुई है। आरोपी मूल रूप से कन्नौज जनपद का रहने वाला है। वह सेना में भर्ती होने आए युवकों को झांसा देकर मेडिकल टेस्ट पास कराने और चयन सुनिश्चित कराने के नाम पर मोटी रकम वसूलता था।
गिरफ्तारी का स्थान और समय
आरोपी को 24 फरवरी 2026 को शाम 6:24 बजे उस्मान चौक और सदर के बीच, थाना कैंट, जनपद लखनऊ क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
बरामदगी
पुलिस ने आरोपी के पास से 5 मूल अंकपत्र, एक फर्जी आधार कार्ड, एक वास्तविक आधार कार्ड, एक एटीएम कार्ड और 1430 रुपये नगद बरामद किए हैं।
कैसे करता था ठगी?
जांच में सामने आया कि आरोपी सेना भर्ती केंद्र के आसपास घूमकर ऐसे युवकों को चिन्हित करता था जो मेडिकल टेस्ट में पहली बार रिजेक्ट हो जाते थे। इसके बाद वह उन्हें मेडिकल पास कराने का लालच देता और एक से डेढ़ लाख रुपये तक वसूलता था।
आरोपी युवकों को इंजेक्शन लगाकर उनके हाथ अस्थायी रूप से सुन्न कर देता था ताकि मेडिकल टेस्ट में हाथों का कंपन न दिखे। टेस्ट के बाद वह उन्हें दोबारा मेडिकल के लिए भेजता। जो युवक पास हो जाते, उनसे पूरी रकम रख लेता और जो असफल रहते, उनके पैसे में से 10 से 20 हजार रुपये काटकर बाकी लौटा देता, ताकि वे शिकायत न करें।
इतना ही नहीं, आरोपी युवकों की मूल मार्कशीट भी अपने पास रख लेता था ताकि वे पुलिस में शिकायत दर्ज न करा सकें।
पुलिस कार्रवाई
इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व एसटीएफ के पुलिस उपाधीक्षक दीपक कुमार सिंह के निर्देशन में किया गया। गिरफ्तारी में उपनिरीक्षक तेज बहादुर सिंह, उपनिरीक्षक होशियार सिंह चौहान, मुंशी विनोद यादव सहित अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पूछताछ के बाद आरोपी के खिलाफ थाना कैंट, लखनऊ में मु0अ0सं0 20/2026 के तहत धारा 319(2), 318(4), 337, 338, 340(2) बीएनएस एवं आईटी एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। आगे की विधिक कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है और मामले की जांच जारी है।
यह घटना एक बार फिर युवाओं को सतर्क रहने की चेतावनी देती है कि सरकारी भर्ती के नाम पर किसी भी अनधिकृत व्यक्ति या दलाल के झांसे में न आएं।
COMMENTS