नोएडा के सेक्टर-10 से संचालित फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा, ठगी में इस्तेमाल लैपटॉप, 27 मोबाइल फोन और कॉलिंग डाटा शीट बरामद, कई राज्यों में दर्ज हैं शिकायतें।
कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना फेस-1 नोएडा क्षेत्र में संचालित एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने लैप्स बीमा पॉलिसी के पैसे वापस दिलाने के नाम पर लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाले तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 29 जनवरी 2026 को लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के आधार पर की गई।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान वरूण शर्मा (30 वर्ष), मदन गुप्ता (39 वर्ष) और प्रदीप वर्मा (33 वर्ष) के रूप में हुई है। तीनों को सेक्टर-10, फेस-1 नोएडा से दबोचा गया। पुलिस ने इनके कब्जे से 01 एसर कंपनी का लैपटॉप, 08 स्मार्ट मोबाइल फोन, 08 कीपैड मोबाइल फोन, 03 पीएनटी फोन और 15 कॉलिंग डाटा शीट बरामद की हैं।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी लोगों को फोन कर यह दावा करते थे कि उनकी लैप्स बीमा पॉलिसी, LIC पॉलिसी या रियल एस्टेट निवेश की रकम जल्द मैच्योर कराकर वापस दिलाई जाएगी। इसके लिए वे पीड़ितों से 10,500 रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक का निवेश कराते थे। ठगी की रकम फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी।

अब तक करीब 20 बैंक खातों में जमा 1 करोड़ 20 लाख रुपये फ्रीज़ कराए जा चुके हैं। आरोपियों के पास मिले लैपटॉप में हजारों लोगों की कॉलिंग डाटा शीट पाई गई, जिसे वरूण शर्मा ने 10 हजार रुपये में 5 हजार लोगों का डेटा खरीदकर कॉल सेंटर कर्मचारियों में बांटा था।
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के खिलाफ NCRP पोर्टल पर विभिन्न राज्यों में 20 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं। आरोपी ठगी की रकम से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा (बैटिंग) भी खेलते थे।
इस मामले में मु0अ0सं0-44/2026, धारा 318(4), 319, 336(3), 338, 340(2), 3(5) बीएनएस एवं 66(D) IT Act के तहत केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई जारी है।
COMMENTS