ग्राम कुशलिया में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खसरा संख्या 1061 और 1067 की सरकारी भूमि से कथित अवैध कब्जा हटाया। लगभग 1 करोड़ रुपये मूल्य की सार्वजनिक भूमि पर बने निर्माण को राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने ध्वस्त कर अतिक्रमण मुक्त कराया।
ग्राम कुशलिया में सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर किए गए कथित अवैध कब्जे के खिलाफ प्रशासन ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए निर्माण को हटवा दिया। राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कार्रवाई को अंजाम दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम कुशलिया के खसरा संख्या 1061 (रकबा 0.0630 हेक्टेयर), जो राजस्व अभिलेखों में खाद के गड्ढे के रूप में दर्ज है, तथा खसरा संख्या 1067 (रकबा 0.0250 हेक्टेयर), जो सार्वजनिक रास्ते के रूप में दर्ज है, पर वर्षों से कथित रूप से अवैध कब्जा किया गया था। इसी भूमि पर "फ़ैज़-ए-आम मदरसा मिस्बाह-उल-उलूम" नाम से निर्माण किया गया था।

मंगलवार दोपहर प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बुलडोजर और अन्य मशीनों की सहायता से अवैध निर्माण को हटाया गया। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा, जिससे कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रही और किसी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई।
अधिकारियों के अनुसार संबंधित भूमि सरकारी अभिलेखों में सार्वजनिक उपयोग के लिए दर्ज है और भूमि पर हुए कब्जे की अनुमानित बाजार कीमत लगभग एक करोड़ रुपये आंकी गई थी। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकारी एवं सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान लगातार जारी रहेगा और भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना गांव के विकास और आम लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक है। कार्रवाई के बाद अब संबंधित भूमि को पुनः उसके मूल राजस्व स्वरूप में सुरक्षित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या कब्जा न करें तथा ऐसे मामलों की जानकारी तत्काल संबंधित विभाग को दें।
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