दिल्ली पुलिस की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट स्पेशल स्टाफ टीम ने कथित ATM टैंपरिंग और कैश चोरी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ATM के कैश डिस्पेंसिंग सिस्टम में रबर रिंग लगाकर ग्राहकों का पैसा अंदर फंसा देते थे और ग्राहक के चले जाने के बाद चाबी से ATM खोलकर कैश निकाल लेते थे। आरोपियों के पास से एक देसी कट्टा, पांच जिंदा कारतूस और बजाज पल्सर N160 बाइक बरामद हुई है। पुलिस ने गुरुग्राम और दिल्ली के कपासहेड़ा इलाके में हुई घटनाओं का भी खुलासा किया है।
दिल्ली में ATM से कैश निकालने वाले ग्राहकों के साथ ठगी का एक ऐसा तरीका सामने आया है, जिसके बारे में शायद ही किसी ग्राहक ने सोचा होगा। मशीन में कार्ड डालकर PIN डालने के बाद खाते से रकम कट जाए, लेकिन ATM से कैश बाहर ही न आए—ऐसी स्थिति में ग्राहक आमतौर पर यही मानता है कि ट्रांजैक्शन फेल हो गया।
लेकिन पुलिस के मुताबिक, इसी भरोसे का फायदा उठाने के लिए दो आरोपी ATM के अंदर एक खास तरह की छेड़छाड़ करते थे। रबर रिंग के जरिए कैश डिस्पेंसिंग सिस्टम में रुकावट पैदा की जाती थी। ग्राहक को लगता था कि पैसे नहीं निकले और वह ATM से चला जाता था। उसके बाद आरोपी दोबारा वहां पहुंचकर कथित तौर पर मशीन खोलते और अंदर फंसा कैश निकाल लेते थे।
दिल्ली पुलिस की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट स्पेशल स्टाफ टीम ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गुप्त सूचना से शुरू हुआ ऑपरेशन
पुलिस के मुताबिक, 15 सितंबर 2026 को स्पेशल स्टाफ टीम को सूचना मिली थी कि अमन और सूरज नाम के दो व्यक्ति ATM से छेड़छाड़ और चोरी की गतिविधियों में कथित रूप से शामिल हैं और टैगोर रोड स्थित मिर्दार्ड वाली गली के पास एक बजाज पल्सर बाइक से पहुंचने वाले हैं।
सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर संदीप यादव, इंचार्ज स्पेशल स्टाफ, सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के नेतृत्व में टीम बनाई गई। टीम में SI विजय, SI सतीश, SI नरेश सहित कई पुलिसकर्मी शामिल थे। ऑपरेशन की निगरानी ACP ऑपरेशंस पदम सिंह राणा के निर्देशन में की गई।

पुलिस टीम ने कमला मार्केट स्थित MCD बिल्डिंग के पीछे, रिलायंस बिल्डिंग के सामने टैगोर रोड पर जाल बिछाया।
रात करीब 11:20 बजे गांधी मार्केट की ओर से एक बाइक पर दो लोग आते दिखाई दिए। मुखबिर ने दोनों की पहचान सूचना में बताए गए व्यक्तियों के तौर पर की। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन दोनों ने भागने की कोशिश की। कुछ दूरी तक पीछा करने के बाद पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया।
एक के पास देसी कट्टा, दूसरे के पास तीन कारतूस
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 22 वर्षीय अमन, निवासी एटा, उत्तर प्रदेश और 28 वर्षीय सूरज सिंह, निवासी आजमगढ़, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार तलाशी के दौरान सूरज सिंह के पास से एक अवैध देसी कट्टा और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। वहीं अमन के पास से तीन जिंदा कारतूस मिले। इस तरह कुल पांच जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
मामले में कमला मार्केट थाने में FIR नंबर 288/2026, धारा 25/54/59 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस ने इनके कब्जे से Bajaj Pulsar N160 मोटरसाइकिल भी बरामद की है, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर HR-26-FY-** बताया गया है।
Hitachi में काम करने के दौरान सीखा ATM का सिस्टम
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर ATM के कामकाज से अपनी पुरानी जानकारी का फायदा उठाने की बात बताई है।
पुलिस के मुताबिक, दोनों पहले Hitachi Company, Gurugram में ATM से जुड़े कैश ऑपरेशन का काम कर चुके थे। इसी दौरान उन्हें ATM मशीनों के संचालन और कैश डिस्पेंसिंग सिस्टम की जानकारी मिली।
पुलिस का दावा है कि पुराने संपर्कों के जरिए उन्हें ATM की चाबी मिलती थी। इसके बाद वे कम भीड़ वाले समय, खासकर शनिवार और रविवार को ऐसे ATM को निशाना बनाते थे जहां सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं होता था।
वे ATM के कैश डिस्पेंसिंग मैकेनिज्म में रबर रिंग लगाकर ऐसी रुकावट पैदा करते थे कि ग्राहक का कैश मशीन के सामान्य आउटलेट से बाहर नहीं निकलता था। ग्राहक के चले जाने के बाद आरोपी वापस आते, कथित तौर पर चाबी से ATM खोलते और अंदर फंसी रकम निकाल लेते।
पूछताछ में आरोपियों ने Axis Bank ATM, रेलवे रोड, गुरुग्राम और ICICI Bank ATM, कपासहेड़ा, दिल्ली समेत कई ATM से जुड़े मामलों की जानकारी दी है।

पुलिस के मुताबिक गुरुग्राम के सेक्टर-4 और 5 इलाके में Axis Bank के ATM तथा दिल्ली के कपासहेड़ा और आसपास के इलाकों में ICICI Bank के ATM को भी निशाना बनाया गया।
इस मामले में गुरुग्राम के सेक्टर-5 थाने में दर्ज FIR नंबर 212/2026, धारा 305/3(5) BNS को भी वर्कआउट किया गया है।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ में 19-20 अन्य समान घटनाओं का भी खुलासा हुआ है। इन मामलों में आरोपियों की वास्तविक भूमिका और नेटवर्क से संबंध की जांच की जा रही है।
तीसरा आरोपी फरार, नेटवर्क की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार सूरज ने पूछताछ में एक तीसरे व्यक्ति का भी जिक्र किया है, जो फिलहाल फरार है। पुलिस का दावा है कि इसी व्यक्ति ने आरोपियों को अवैध हथियार उपलब्ध कराया था और कथित तौर पर यह निर्देश दिया था कि पकड़े जाने या सामना होने की स्थिति में उसका इस्तेमाल कर भागने की कोशिश करें।
अमन ने B.Sc. तक पढ़ाई की है। उसने गुरुग्राम में Hitachi में करीब 7-8 महीने ATM संबंधी काम किया और जनवरी 2026 में SIS कंपनी में कैश-कलेक्शन कर्मचारी के तौर पर काम शुरू किया था। पुलिस के अनुसार अप्रैल 2026 में वह सूरज के साथ ATM टैंपरिंग गतिविधियों में शामिल हुआ और दिल्ली के राजोकरी में किराये पर रह रहा था।
सूरज ने भी B.Sc. तक पढ़ाई की है। वह जनवरी 2023 में Hitachi से जुड़ा था और करीब दो साल ATM संबंधी काम किया। पुलिस के मुताबिक इसी दौरान उसकी अमन और एक अन्य व्यक्ति से मुलाकात हुई थी। वह गुरुग्राम में किराये पर रह रहा था।
फिलहाल पुलिस तकनीकी और स्थानीय स्तर पर जांच आगे बढ़ा रही है, ताकि सामने आए अन्य मामलों से आरोपियों की कड़ी जोड़ी जा सके और कथित नेटवर्क में शामिल बाकी लोगों की पहचान हो सके।
ATM से पैसे न निकलें तो ग्राहक क्या करें?
पुलिस ने ATM ग्राहकों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी है। अगर खाते से पैसे कट जाएं लेकिन ATM से कैश बाहर न निकले तो ग्राहक इसे तुरंत असफल ट्रांजैक्शन मानकर वहां से न निकलें।
सबसे पहले बैंक का SMS या ट्रांजैक्शन अलर्ट देखकर यह जांचना चाहिए कि खाते से रकम वास्तव में डेबिट हुई है या नहीं। अगर पैसा कट गया है लेकिन कैश नहीं मिला, तो तुरंत संबंधित बैंक या ATM सेवा प्रदाता के पास शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
पुलिस के मुताबिक समय रहते शिकायत करने से बैंक ट्रांजैक्शन की जांच कर सकता है और यह भी पता लगाया जा सकता है कि रकम ATM के अंदर फंसी तो नहीं रह गई थी। ऐसे मामलों में ग्राहक की सतर्कता ही ठगी की कोशिश को समय रहते रोकने में मदद कर सकती है।
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