गुरुग्राम के सेक्टर-90 स्थित सफायर 90 मॉल में शुक्रवार रात गुरुग्राम पुलिस और हरियाणा राज्य महिला आयोग ने संयुक्त छापेमारी की। करीब छह घंटे चले अभियान में मॉल के 18 स्पा सेंटरों की जांच की गई। पुलिस के अनुसार, आठ सेंटरों में प्रथम दृष्टया संदिग्ध गैर-कानूनी गतिविधियों के साक्ष्य मिले हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल, भौतिक और दस्तावेजी साक्ष्य जब्त किए गए हैं।
रात करीब 10 बजे मॉल के आसपास अचानक पुलिस की हलचल बढ़ी। कुछ ही देर में सफायर 90 मॉल की घेराबंदी कर दी गई और एक-एक कर स्पा सेंटरों की जांच शुरू हुई। कार्रवाई इतनी देर तक चली कि रात कब सुबह में बदल गई, इसका अंदाजा भी नहीं लगा। शुक्रवार रात शुरू हुआ यह अभियान करीब सुबह 3 बजे तक चला।
गुरुग्राम के सेक्टर-90 स्थित सफायर 90 मॉल में चल रहे स्पा सेंटरों के खिलाफ यह संयुक्त कार्रवाई गुरुग्राम पुलिस और हरियाणा राज्य महिला आयोग ने की। पुलिस के मुताबिक, स्पा सेवाओं की आड़ में कथित गैर-कानूनी गतिविधियां संचालित किए जाने की सूचना के बाद यह ऑपरेशन चलाया गया।
कार्रवाई में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और राज्य महिला आयोग की टीम के साथ ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी मौजूद रहे। महिला आयोग की चेयरपर्सन उषा प्रियदर्शिनी अपनी टीम के साथ मौके पर मौजूद रहीं।
करीब छह घंटे चला ऑपरेशन, मॉल की घेराबंदी
पुलिस के अनुसार, अभियान करीब छह घंटे तक चला। कार्रवाई में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार टीम में करीब 70 से 100 पुलिसकर्मी शामिल रहे। इनमें लगभग 20 इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी भी शामिल थे।
ऑपरेशन की अगुवाई एसीपी मुख्यालय-एक अभिलक्ष जोशी ने की। पुलिस और प्रशासन की टीमों ने मॉल में संचालित स्पा सेंटरों को एक साथ जांच के दायरे में लिया।

अधिकारियों के अनुसार, अभियान का उद्देश्य किसी एक सेंटर तक सीमित कार्रवाई करना नहीं था, बल्कि मॉल में संचालित सभी संबंधित स्पा सेंटरों की जांच कर यह पता लगाना था कि वहां नियमों के अनुरूप काम हो रहा है या नहीं।
गुरुग्राम पुलिस के मुताबिक मॉल में संचालित 18 स्पा सेंटरों की जांच की गई। इनमें से आठ सेंटरों में प्रथम दृष्टया संदिग्ध गैर-कानूनी गतिविधियों के साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है।
हालांकि पुलिस ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि अंतिम जांच में किन धाराओं के तहत कितने लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी। पुलिस का कहना है कि मौके से मिले साक्ष्यों की विस्तृत जांच की जा रही है और उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
कार्रवाई के दौरान इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल उपकरणों के साथ-साथ भौतिक एवं दस्तावेजी साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं। पुलिस इन सामग्रियों की जांच कर रही है।
करीब 30 महिलाएं और 20 पुरुष मिले
छापेमारी के दौरान स्पा सेंटरों के अंदर से करीब 30 महिलाएं और 20 पुरुष मिले। इन सभी से पूछताछ की गई और उनकी भूमिका तथा वहां मौजूद होने की परिस्थितियों के बारे में जानकारी जुटाई गई।
पुलिस महिलाओं से यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वे किन परिस्थितियों में इन सेंटरों में काम कर रही थीं। वहीं मौके पर मिले पुरुषों की भूमिका को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
पुलिस का कहना है कि किसी व्यक्ति की भूमिका केवल मौके पर मौजूद होने के आधार पर तय नहीं की जा रही है। जब्त सामग्री और पूछताछ से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कुछ सेंटरों पर मिले ताले, पुलिस ने काटकर खोले
कार्रवाई के दौरान कुछ स्पा सेंटरों पर ताले भी लगे मिले। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कुछ संचालक सेंटर बंद कर मौके से चले गए थे।
इसके बाद पुलिस टीम ने कटर की मदद से ताले काटकर सेंटरों के अंदर प्रवेश किया और वहां जांच की। इस दौरान उपलब्ध सामग्री और दस्तावेजों की जांच की गई तथा आवश्यक साक्ष्यों को कब्जे में लिया गया।

यह पहलू भी अब जांच का हिस्सा है कि सेंटर बंद करने वाले संचालकों की भूमिका क्या थी और कार्रवाई से पहले उन्हें किस तरह की जानकारी मिली।
मालिक से मैनेजर तक की भूमिका की जांच
पुलिस अब केवल मौके पर मिले लोगों तक जांच सीमित नहीं रख रही है। स्पा सेंटरों के मालिकों, संचालकों, मैनेजरों और अन्य सहयोगियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
ACP अभिलक्ष जोशी के अनुसार, पुलिस आयुक्त और महिला आयोग की अध्यक्ष के निर्देश पर मिली सूचना के आधार पर यह संयुक्त ऑपरेशन चलाया गया। उन्होंने बताया कि कार्रवाई के दौरान संदिग्ध सामग्री और अन्य साक्ष्य मिले हैं, जिनकी जांच जारी है।
पुलिस के अनुसार, कार्रवाई Immoral Traffic (Prevention) Act के तहत की गई है। हालांकि आगे किन व्यक्तियों के खिलाफ कौन-कौन सी कानूनी धाराएं लगती हैं, यह जांच और साक्ष्यों के आधार पर तय किया जाएगा।
अब खेड़कीदौला थाना करेगा आगे की जांच
प्रारंभिक स्तर पर कार्रवाई की अगुवाई एसीपी मुख्यालय-एक अभिलक्ष जोशी ने की। अब मामले की आगे की जांच खेड़कीदौला थाना प्रभारी द्वारा की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि जब्त इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल, भौतिक और दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच के बाद संबंधित लोगों की भूमिका तय की जाएगी। यदि जांच में पर्याप्त साक्ष्य सामने आते हैं तो नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गुरुग्राम पुलिस ने यह भी कहा है कि वैध कारोबार की आड़ में चल रही कथित संगठित गैर-कानूनी गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।
फिलहाल सफायर 90 मॉल की इस देर रात चली कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब्त किए गए डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच में क्या सामने आता है। पुलिस की आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई से ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।
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