गौतमबुद्धनगर के दादरी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बिसाहड़ा में प्रस्तावित 100 शैय्यायुक्त चिकित्सालय निर्माण को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में भूमि चिन्हांकन, प्रशासनिक प्रक्रिया और विकास कार्यों पर चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए और अनुपस्थित अधिकारियों पर नाराजगी जताई।
बिसाहड़ा में 100 बेड अस्पताल निर्माण की तैयारी तेज, समीक्षा बैठक में डीएम ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
गौतमबुद्धनगर जिले के दादरी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बिसाहड़ा में प्रस्तावित 100 शैय्यायुक्त चिकित्सालय के निर्माण को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। लंबे समय से क्षेत्र के लोगों की मांग रहे इस बड़े स्वास्थ्य प्रोजेक्ट को लेकर शुक्रवार को महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में दादरी विधायक तेजपाल नागर की मौजूदगी में जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ अस्पताल निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में अस्पताल के लिए भूमि चिन्हांकन, राजस्व अभिलेखों की स्थिति, निर्माण प्रक्रिया और अन्य तकनीकी एवं प्रशासनिक बिंदुओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी जरूरी औपचारिकताएं जल्द पूरी कर शासन को रिपोर्ट भेजी जाए, ताकि अस्पताल निर्माण का कार्य शीघ्र शुरू हो सके।

क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा अस्पताल
दादरी विधानसभा क्षेत्र और आसपास के ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से एक बड़े सरकारी अस्पताल की जरूरत महसूस की जा रही थी। वर्तमान में गंभीर मरीजों को इलाज के लिए नोएडा, ग्रेटर नोएडा या दिल्ली का रुख करना पड़ता है। ऐसे में बिसाहड़ा में प्रस्तावित 100 बेड अस्पताल को क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि अस्पताल बनने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं अपने ही क्षेत्र में मिल सकेंगी। खासतौर पर महिलाओं, बुजुर्गों और गरीब परिवारों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
भूमि चिन्हांकन और प्रशासनिक प्रक्रिया पर हुई चर्चा
समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों ने अस्पताल निर्माण के लिए प्रस्तावित भूमि की उपलब्धता और उससे जुड़े राजस्व रिकॉर्ड की स्थिति की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से पूछा कि भूमि चिन्हांकन और अन्य प्रक्रियाओं में अब तक क्या प्रगति हुई है।
बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि अस्पताल निर्माण के लिए शासन स्तर पर किन-किन दस्तावेजों और स्वीकृतियों की आवश्यकता होगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी विभाग आपसी समन्वय बनाकर कार्य करें, ताकि परियोजना में किसी प्रकार की देरी न हो।
अनुपस्थित अधिकारियों पर जताई नाराजगी
बैठक के दौरान कुछ संबंधित अधिकारियों की अनुपस्थिति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने अनुपस्थित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगे जाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र की जनता से सीधे जुड़ी हुई है, इसलिए सभी अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभानी होगी।

विधायक तेजपाल नागर ने रखे विकास से जुड़े प्रस्ताव
बैठक में दादरी विधायक तेजपाल नागर ने अस्पताल निर्माण के अलावा विधानसभा क्षेत्र से जुड़े अन्य विकास कार्यों और जनसमस्याओं के मुद्दे भी उठाए। उन्होंने अधिकारियों के सामने कई प्रस्ताव रखते हुए क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत बताई।
विधायक ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ सड़क, जल निकासी, पेयजल और अन्य जनसुविधाओं पर भी तेजी से काम होना चाहिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास हो सके।
जल्द शुरू हो सकता है निर्माण कार्य
जिलाधिकारी ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि चिकित्सालय निर्माण हेतु प्रस्तावित भूमि का चिन्हांकन और अन्य सभी आवश्यक कार्रवाई तय समय सीमा में पूरी की जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नियमानुसार पूरी रिपोर्ट जल्द शासन को भेजी जाए, ताकि परियोजना की स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य में देरी न हो।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यदि सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी हो जाती हैं, तो आने वाले महीनों में अस्पताल निर्माण का कार्य शुरू हो सकता है।
बैठक में कई अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन मंगलेश दुबे, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार, उप जिलाधिकारी दादरी अनुज नेहरा, अधिशासी अभियंता नगर पालिका परिषद शालिनी गुप्ता, तहसीलदार दादरी प्रतीक चौहान, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी चंदन सोनी सहित लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों से जुड़ी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और परियोजना को जल्द पूरा कराने का भरोसा दिया।
ग्रामीणों में बढ़ी उम्मीद
बिसाहड़ा और आसपास के गांवों के लोगों में इस परियोजना को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर 100 बेड का अस्पताल बनता है तो उन्हें बेहतर इलाज के लिए दूर-दराज के शहरों में नहीं जाना पड़ेगा।
लोगों को उम्मीद है कि यह अस्पताल क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ आसपास के गांवों के विकास में भी अहम भूमिका निभाएगा।
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