गाजियाबाद के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मंदार ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर दुहाई इंटरचेंज टोल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान यातायात व्यवस्था, टोल प्रबंधन, वृक्षारोपण, सड़क चौड़ीकरण और नागरिक सुविधाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों को ट्रैफिक और जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए।
दुहाई इंटरचेंज टोल पर डीएम का निरीक्षण, ट्रैफिक व्यवस्था से लेकर सड़क विकास तक हर पहलू की हुई समीक्षा
गाजियाबाद में मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद प्रशासनिक सक्रियता लगातार बढ़ती नजर आ रही है। इसी क्रम में गाजियाबाद के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मंदार ने दुहाई इंटरचेंज टोल का स्थलीय निरीक्षण कर यातायात व्यवस्था, टोल प्रबंधन और विकास कार्यों की गहन समीक्षा की। यह इंटरचेंज एनएच-58 और मेरठ रोड को जोड़ने वाला बेहद महत्वपूर्ण यातायात केंद्र माना जाता है, जहां प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं।
जिलाधिकारी के निरीक्षण को लेकर प्रशासन पहले से ही सतर्क नजर आया। मौके पर विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे, जबकि टोल संचालन, सड़क सुरक्षा और यात्री सुविधाओं को लेकर विशेष चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर हुआ निरीक्षण
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यह निरीक्षण मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में किया गया। प्रदेश सरकार का फोकस इस समय यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने, जाम की समस्या कम करने और आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर है।
इसी उद्देश्य के तहत जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मंदार ने दुहाई इंटरचेंज टोल का दौरा किया और मौके पर मौजूद अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने टोल बूथों की कार्यप्रणाली, वाहनों की आवाजाही, सुरक्षा इंतजाम और नागरिक सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया।
टोल बूथ और यातायात व्यवस्था पर विशेष फोकस
दुहाई इंटरचेंज टोल गाजियाबाद और मेरठ के बीच यातायात का प्रमुख केंद्र है। यहां अक्सर भारी वाहनों और लंबी दूरी की ट्रैफिक मूवमेंट के कारण दबाव बना रहता है। ऐसे में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वाहनों की आवाजाही को अधिक से अधिक सुगम बनाया जाए।

निरीक्षण के दौरान ट्रैफिक जाम की संभावनाओं, टोल पर वाहनों की कतार और लेन प्रबंधन पर भी चर्चा हुई। डीएम ने स्पष्ट कहा कि आम लोगों को अनावश्यक देरी का सामना नहीं करना चाहिए और टोल संचालन पूरी तरह व्यवस्थित होना चाहिए।
सड़क चौड़ीकरण और कायाकल्प कार्य की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप किए गए सड़क चौड़ीकरण और कायाकल्प कार्यों की भी समीक्षा की गई। प्रशासन के अनुसार नमो भारत कॉरिडोर के नीचे मेरठ तिराहा से दुहाई तक लगभग 9 किलोमीटर लंबी सड़क को पहले की तुलना में अधिक चौड़ा और सुगम बनाया गया है।
पहले इस मार्ग पर गड्ढों और ट्रैफिक जाम की समस्या आम बात थी, लेकिन सड़क सुधार कार्यों के बाद स्थिति में काफी सुधार देखने को मिला है। प्रशासन का दावा है कि इससे दुहाई टोल और आसपास के क्षेत्रों में ट्रैफिक दबाव कम हुआ है और लोगों का यात्रा समय भी घटा है।

वृक्षारोपण और सौंदर्यीकरण कार्यों का लिया जायजा
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान टोल क्षेत्र में किए जा रहे वृक्षारोपण और सौंदर्यीकरण कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हरियाली बढ़ाने के साथ-साथ साफ-सफाई और रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाए।
इसके अलावा गैलरी, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय और अन्य यात्री सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। डीएम ने कहा कि टोल क्षेत्र केवल यातायात केंद्र ही नहीं, बल्कि जनता के लिए एक सुव्यवस्थित सार्वजनिक सुविधा केंद्र भी होना चाहिए।
अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान एनएचएआई, लोक निर्माण विभाग (PWD) और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि टोल और कनेक्टिंग मार्गों पर सुरक्षा और यात्री सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सड़क सुरक्षा संकेतक, बैरिकेडिंग, लाइटिंग और ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को लगातार मॉनिटर किया जाए। साथ ही खराब सड़क या तकनीकी खामियों को तत्काल ठीक कराने के निर्देश भी दिए गए।
जनसुनवाई और प्रशासनिक मॉनिटरिंग पर भी नजर
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जिलाधिकारी की जनसुनवाई और प्रशासनिक कार्यों की लाइव मॉनिटरिंग भी की जा रही है। इसका उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करना है।
इसी कारण जिले में विकास कार्यों और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े मामलों पर प्रशासनिक सक्रियता लगातार बढ़ी हुई दिखाई दे रही है।
आम जनता को मिलेगी राहत
स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण और यातायात सुधार कार्यों के बाद दुहाई क्षेत्र में पहले की तुलना में काफी राहत मिली है।

खासतौर पर ऑफिस टाइम और भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान जाम की समस्या में कमी आई है।
लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन की इस सक्रियता से आने वाले समय में दुहाई इंटरचेंज और आसपास के क्षेत्रों की यातायात व्यवस्था और अधिक बेहतर होगी।
गाजियाबाद में तेजी से बदल रही यातायात व्यवस्था
गाजियाबाद को दिल्ली-एनसीआर का महत्वपूर्ण ट्रांजिट हब माना जाता है। ऐसे में यहां की सड़क और ट्रैफिक व्यवस्था का असर लाखों यात्रियों पर पड़ता है। प्रशासन अब सड़क चौड़ीकरण, ट्रैफिक मैनेजमेंट और टोल सिस्टम को आधुनिक बनाने पर विशेष ध्यान दे रहा है।
दुहाई इंटरचेंज का निरीक्षण भी इसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
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