गाजियाबाद में उत्तर प्रदेश विधानसभा की सरकारी आश्वासन संबंधी समिति (2025-26) की बैठक में विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा हुई। समिति ने गरीब और बेसहारा लोगों के उत्पीड़न पर रोक, जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने, स्वच्छ पेयजल, हवा, सड़क और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ विभागों से निरीक्षण, जांच, नोटिस और कार्रवाई का विस्तृत रिकॉर्ड प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
गाजियाबाद में सरकारी योजनाओं और विभागीय कामकाज की निगरानी को लेकर हुई एक अहम बैठक में अधिकारियों के सामने कई स्पष्ट संदेश रखे गए। सवाल सिर्फ योजनाओं की प्रगति का नहीं था, बल्कि यह भी था कि सरकारी व्यवस्था का लाभ आखिर जमीन पर आम आदमी तक कितनी पारदर्शिता के साथ पहुंच रहा है।
इसी को लेकर महात्मा गांधी सभागार, कलेक्ट्रेट में उत्तर प्रदेश विधानसभा की सरकारी आश्वासन संबंधी समिति (2025-26) की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता/संयोजन उप समिति के संयोजक एवं विधायक मनोज कुमार प्रजापति ने किया। समिति के सदस्य रामखिलाड़ी सिंह, फहीम इरफान और राजेन्द्र कुमार भी मौजूद रहे।
बैठक में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक, मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ, डीएफओ ईशा तिवारी, जीडीए सचिव विवेक कुमार मिश्र, सीएमओ डॉ. सचिन चन्द्र वैश्य समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

समिति के सदस्यों के कलेक्ट्रेट पहुंचने पर विधायक एवं समिति के संयोजक मनोज कुमार प्रजापति को गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया गया। इसके बाद महात्मा गांधी सभागार में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने समिति के सदस्यों का पुष्पगुच्छ, प्रतीक चिन्ह और पटका पहनाकर स्वागत एवं सम्मान किया।
इसके बाद शुरू हुई बैठक में गाजियाबाद से जुड़े कई महत्वपूर्ण विभागों के कामकाज और सरकारी आश्वासनों के अनुपालन की बिंदुवार समीक्षा की गई।
GDA से लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य तक, कई विभागों की समीक्षा
बैठक में आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के तहत गाजियाबाद विकास प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। इसके अलावा कारागार, खाद्य एवं रसद, गृह, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, नगर विकास, लोक निर्माण, राजस्व, जल निगम (नगरीय), नगर पालिका परिषद खोड़ा, नगर पंचायत डासना, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति, पंचायती राज, पर्यावरण, बेसिक शिक्षा, भूतत्व एवं खनिकर्म, माध्यमिक शिक्षा, समाज कल्याण, वन, सिंचाई और जल निगम (ग्रामीण) सहित अन्य विभागों के कार्यों की भी समीक्षा की गई।
समिति ने अधिकारियों से सिर्फ प्रगति रिपोर्ट नहीं मांगी, बल्कि जमीनी स्तर पर हुई जांच और कार्रवाई का पूरा रिकॉर्ड सामने रखने को कहा।
समिति ने GDA, प्रदूषण नियंत्रण, जिला आपूर्ति, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग समेत संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में किए गए निरीक्षण, जांच, कार्रवाई, जारी नोटिस, नोटिस के बाद की कार्रवाई, सीलिंग और सील खुलने से संबंधित विस्तृत विवरण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।
यानी किसी मामले में केवल नोटिस जारी कर देने से काम पूरा नहीं माना जाएगा। उसके बाद क्या कार्रवाई हुई, संस्था या व्यक्ति के खिलाफ क्या कदम उठाया गया और सीलिंग के बाद स्थिति क्या रही—इन सभी बिंदुओं का रिकॉर्ड रखने पर जोर दिया गया।
गरीब और कमजोर लोगों के उत्पीड़न पर सख्त संदेश
बैठक का सबसे अहम संदेश गरीब, कमजोर, बेसहारा और बेसहाय लोगों को लेकर रहा। समिति ने सभी विभागाध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी दशा में ऐसे लोगों का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए।
समिति ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र लाभार्थी तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। योजना का लाभ दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति का शोषण नहीं होना चाहिए और पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से मिलना चाहिए।
आयुष्मान कार्ड धारकों और बुनियादी सुविधाओं पर भी जोर
समिति ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आयुष्मान कार्ड धारकों को सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में इलाज के दौरान किसी तरह की असुविधा न हो।
इसके साथ ही जनता को स्वच्छ पेयजल, स्वच्छ हवा, साफ-सुथरी सड़कें, सुरक्षा, मूलभूत सुविधाएं और सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना अधिकारियों की नैतिक जिम्मेदारी बताया गया। समिति ने इसमें किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।

समिति ने सरकार की आवास योजना, पीएम स्वनिधि योजना और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने को कहा। उद्देश्य यह है कि जिन लोगों को योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए, वे जानकारी के अभाव में उससे वंचित न रह जाएं।
बैठक में हिण्डन नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए हरसंभव प्रयास करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
अधिकारियों से मांगा शासन के निर्देशों के अनुपालन का हिसाब
बैठक के दौरान विभिन्न विभागों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। समिति ने अधिकारियों से विभागीय कार्यों की प्रगति और शासन की ओर से दिए गए निर्देशों के अनुपालन की जानकारी ली।
बैठक के अंत में समिति के सदस्यों ने अधिकारियों की ओर से प्रस्तुत जानकारी और अब तक की गई कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया।
समापन से पहले जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने उत्तर प्रदेश विधानसभा की सरकारी आश्वासन संबंधी समिति के सभी सदस्यों और उपस्थित अधिकारियों का बैठक में शामिल होने तथा मार्गदर्शन देने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
अब निगाह इस बात पर रहेगी कि बैठक में दिए गए निर्देश कागजों तक सीमित रहते हैं या गाजियाबाद में गरीबों तक योजनाओं की पहुंच, स्वास्थ्य सुविधाओं, प्रदूषण नियंत्रण, सड़क, पानी और पर्यावरण के मोर्चे पर इसका असर जमीन पर भी दिखाई देता है।
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