ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी फर्नीचर मार्केट में बृहस्पतिवार देर रात CNC लकड़ी कटिंग की दुकान में अचानक आग लग गई। आग और धुएं के बीच दुकान के अंदर फंसे दो युवकों को दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। दोनों बेहोशी की हालत में मिले। अस्पताल में अल्तमस को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि अमन की हालत गंभीर होने पर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया।
ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी इलाके में बृहस्पतिवार देर रात अचानक उठी आग की लपटों ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। फर्नीचर मार्केट में CNC लकड़ी कटिंग की एक दुकान में आग उस वक्त लगी, जब दुकान के अंदर दो युवक सो रहे थे। बाहर आग तेजी से फैल रही थी और अंदर धुआं भरता जा रहा था। कुछ ही देर में दोनों युवक जिंदगी और मौत के बीच फंस गए।
आग की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची। बचाव अभियान शुरू किया गया और दमकल कर्मियों ने दुकान के भीतर घुसकर दोनों युवकों की तलाश की। कुछ देर की मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला गया। दोनों उस समय बेहोश थे और माना जा रहा है कि धुएं के कारण उनका दम घुट गया था।
दुकान के अंदर फंसी थी जिंदगी
घटना बिसरख कोतवाली क्षेत्र के शाहबेरी स्थित फर्नीचर मार्केट की है। देर रात CNC लकड़ी कटिंग की दुकान में अचानक आग लगने की सूचना मिली। दुकान में लकड़ी, फर्नीचर और कटिंग से जुड़ा सामान मौजूद था। ज्वलनशील सामग्री के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया।
सबसे गंभीर बात यह थी कि आग लगने के समय दुकान के अंदर दो युवक मौजूद थे। मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप चौबे के अनुसार, दोनों युवक दुकान के अंदर सो रहे थे। आग और धुएं के बीच वे बाहर नहीं निकल सके।
दमकल कर्मियों ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया। अंदर तलाशी के दौरान दोनों युवक बेहोशी की हालत में मिले। उनकी पहचान अल्तमस और अमन के रूप में हुई। दोनों को बाहर निकालकर तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया।
अस्पताल पहुंचते ही एक युवक की मौत
रेस्क्यू के बाद दोनों युवकों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अल्तमस को बचाया नहीं जा सका। चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक अल्तमस की मौत का कारण धुएं के कारण दम घुटना बताया जा रहा है। हालांकि मौत की अंतिम वजह पोस्टमार्टम और चिकित्सकीय जांच के बाद स्पष्ट होगी।
वहीं अमन की हालत गंभीर बताई गई है। उसकी स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे बेहतर उपचार के लिए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल अमन का इलाज जारी है और परिवार उसकी जिंदगी बचने की उम्मीद लगाए बैठा है।
सात दमकल गाड़ियां भेजी गईं, एक से बुझी आग
आग की गंभीरता को देखते हुए दमकल विभाग ने तत्काल कार्रवाई की। मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप चौबे के मुताबिक, घटना की सूचना मिलने के बाद दमकल की सात गाड़ियां मौके के लिए रवाना की गई थीं।
हालांकि मौके पर पहुंची एक ही फायर टेंडर की मदद से आग पर काबू पा लिया गया। आग पूरी तरह बुझाए जाने के बाद राहत और बचाव अभियान चलाया गया। बाकी दमकल वाहनों की आवश्यकता नहीं पड़ी।
बचाव अभियान के दौरान किसी अतिरिक्त हादसे से बचने के लिए इलाके की बिजली आपूर्ति भी बंद कराई गई। पुलिस और फायर सर्विस ने विद्युत विभाग से संपर्क कर पूरे क्षेत्र की बिजली कटवाई, ताकि आग बुझाने और अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने के दौरान करंट से जुड़ा कोई खतरा न रहे।
लकड़ी और फोम के कारण तेजी से फैली आग
जिस दुकान में आग लगी, वहां लकड़ी, फर्नीचर और लकड़ी कटिंग से संबंधित सामान रखा हुआ था। इसके अलावा फोम और अन्य ज्वलनशील सामग्री होने की वजह से आग तेजी से फैलने की आशंका जताई जा रही है। आग की चपेट में आने से दुकान में रखा फर्नीचर और लकड़ी कटिंग का सामान जलकर नष्ट हो गया।
हालांकि अभी तक आग लगने की वास्तविक वजह सामने नहीं आई है। शॉर्ट सर्किट, मशीनरी या किसी अन्य कारण से आग लगी, इसका पता जांच के बाद ही चल सकेगा।
पुलिस ने शुरू की जांच, पोस्टमार्टम की कार्रवाई
हादसे के बाद पुलिस ने मृतक अल्तमस के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस और दमकल विभाग आग लगने के कारणों की जांच कर रहे हैं।
साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि दुकान में अग्नि सुरक्षा के क्या इंतजाम थे और रात में वहां युवकों के रुकने की व्यवस्था कैसे थी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शाहबेरी में फिर उठे फायर सेफ्टी पर सवाल
शाहबेरी का फर्नीचर मार्केट पहले भी आग की घटनाओं को लेकर चर्चा में रहा है। ताजा हादसे ने एक बार फिर यहां फायर सेफ्टी और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फर्नीचर और लकड़ी का कारोबार करने वाली दुकानों में बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामान मौजूद रहता है। ऐसे में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम, आपातकालीन निकास और रात में सुरक्षा व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
फिलहाल एक परिवार अपने बेटे अल्तमस को खो चुका है, जबकि दूसरा परिवार अमन की जिंदगी बचने की दुआ कर रहा है। दमकल टीम ने समय रहते दोनों युवकों को बाहर निकाल लिया, लेकिन धुएं से बेहोश हुए अल्तमस की जान नहीं बच सकी। अब इस हादसे की जांच यह तय करेगी कि आखिर आग कैसे लगी और क्या सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई कमी थी।
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