अंतर्राष्ट्रीय सर्पदंश जागरूकता दिवस के अवसर पर 19 सितंबर को मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर जिले की समस्त चिकित्सा इकाइयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों को सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक और अंधविश्वास से दूर रहने की सलाह दी। बताया गया कि सरकारी चिकित्सा इकाइयों में एंटी-स्नेक वेनम निःशुल्क उपलब्ध है और सर्पदंश के बाद पहला एक घंटा बेहद महत्वपूर्ण होता है।
बरसात का मौसम आते ही सांपों के निकलने और सर्पदंश की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे समय में एक गलत फैसला जिंदगी पर भारी पड़ सकता है। इसी खतरे को लेकर 19 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय सर्पदंश जागरूकता दिवस के अवसर पर लोगों को जागरूक किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर समस्त चिकित्सा इकाइयों में कार्यक्रम आयोजित कर स्वास्थ्य अधिकारियों, कर्मचारियों और पैरामेडिकल स्टाफ को सर्पदंश से जुड़े जरूरी संदेश दिए गए।
कार्यक्रम में सबसे ज्यादा जोर इस बात पर रहा कि सांप के काटने के बाद मरीज को किसी ओझा, गुणी या झाड़-फूंक करने वाले के पास ले जाकर समय बर्बाद न किया जाए। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया कि सर्पदंश की स्थिति में पीड़ित को बिना घबराए जल्द से जल्द नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचाना जरूरी है।
झाड़-फूंक के चक्कर में न गंवाएं कीमती समय
ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में आज भी सर्पदंश के बाद कई लोग अस्पताल जाने के बजाय झाड़-फूंक या पारंपरिक उपचार का सहारा लेते हैं। जागरूकता कार्यक्रम में इसी तरह के भ्रम और अंधविश्वास से बचने की अपील की गई।

स्वास्थ्य अधिकारियों ने उपस्थित अधिकारी, कर्मचारी और पैरामेडिकल स्टाफ को समझाया कि सर्पदंश एक ऐसी स्थिति है जिसमें उपचार शुरू करने में देरी खतरनाक हो सकती है। इसलिए सांप के काटने की स्थिति में पीड़ित को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग का संदेश साफ है—सर्पदंश के बाद समय किसी भी घरेलू या पारंपरिक उपाय में नहीं, बल्कि सही चिकित्सा सहायता हासिल करने में लगाया जाए।
सरकारी चिकित्सा इकाइयों में एंटी-स्नेक वेनम निःशुल्क
जागरूकता अभियान के दौरान लोगों को यह महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गई कि सरकारी चिकित्सा इकाइयों में एंटी-स्नेक वेनम यानी ASV निःशुल्क उपलब्ध है।
इस जानकारी का मकसद लोगों के बीच यह भ्रम दूर करना भी है कि सर्पदंश के इलाज के लिए महंगा उपचार या निजी व्यवस्था ही जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की कि सांप के काटने पर जल्द से जल्द नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचें और चिकित्सकीय उपचार कराएं।
सर्पदंश के मामले में समय पर अस्पताल पहुंचना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि चिकित्सकीय टीम मरीज की स्थिति का आकलन कर आवश्यक उपचार की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।

कार्यक्रम में सर्पदंश के बाद पहले एक घंटे को बेहद महत्वपूर्ण बताया गया। इसे आम तौर पर ‘गोल्डन ऑवर’ के तौर पर समझाया गया।
ऐसी स्थिति में सबसे जरूरी है कि परिवार और आसपास मौजूद लोग घबराएं नहीं। पीड़ित को जल्द से जल्द नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचाया जाए। रास्ते में अनावश्यक देरी, झाड़-फूंक या किसी अप्रमाणित उपचार में समय गंवाने से बचना चाहिए।
सर्पदंश के बाद पीड़ित को अकेला छोड़ने के बजाय उसे सुरक्षित तरीके से चिकित्सा केंद्र तक पहुंचाना जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग की जागरूकता का मुख्य उद्देश्य यही है कि किसी भी व्यक्ति की जान सिर्फ जानकारी के अभाव या अंधविश्वास के कारण खतरे में न पड़े।
बरसात में घर के आसपास सफाई जरूरी
स्वास्थ्य विभाग ने सर्पदंश से बचाव के लिए कुछ व्यावहारिक उपाय भी बताए। लोगों को सलाह दी गई कि बरसात के दिनों में घर के आसपास साफ-सफाई रखें और ऐसी जगहों पर कचरा, झाड़ियां या अनावश्यक सामान जमा न होने दें, जहां सांप छिप सकते हैं।
लोगों को रात के समय जमीन पर सोने से बचने की सलाह भी दी गई। खासकर बरसात के मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई।

इसके अलावा अंधेरे में घर से बाहर निकलते समय टॉर्च का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करने की सलाह दी गई। खेतों, बगीचों, झाड़ियों या सुनसान स्थानों पर रात में जाते समय रोशनी का इस्तेमाल करना सर्पदंश से बचाव की दिशा में एक सरल लेकिन महत्वपूर्ण सावधानी हो सकती है।
जागरूकता ही बचाव की पहली सीढ़ी
अंतर्राष्ट्रीय सर्पदंश जागरूकता दिवस के कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ सर्पदंश के इलाज की जानकारी देना नहीं था, बल्कि लोगों के बीच इससे जुड़े डर, भ्रम और गलत धारणाओं को दूर करना भी था।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को यह संदेश दिया गया कि सांप के काटने की स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत चिकित्सा सहायता लेना सबसे जरूरी कदम है। झाड़-फूंक में समय गंवाने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर चिकित्सकीय उपचार कराया जाए।
बरसात के मौसम में घर के आसपास सफाई, रात में जमीन पर सोने से बचाव और अंधेरे में टॉर्च का इस्तेमाल जैसी छोटी-छोटी सावधानियां सर्पदंश के खतरे को कम करने में मदद कर सकती हैं।
संदेश सीधा है—सांप काटे तो समय से लड़ाई है, अंधविश्वास से नहीं। पहला एक घंटा महत्वपूर्ण है, इसलिए बिना घबराए पीड़ित को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाएं।
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