ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-18 स्थित गौड़ यमुना सिटी सोसायटी में एंट्री-एग्जिट पास रिन्यू कराने को लेकर छात्रा और मेंटेनेंस स्टाफ के बीच विवाद हो गया। 22 वर्षीय छात्रा ने कर्मचारियों पर मारपीट, मोबाइल तोड़ने और गलत तरीके से छूने का आरोप लगाया है। वहीं मेंटेनेंस स्टाफ ने छात्रा और उसके दोस्तों पर मारपीट, सोसायटी में घुसने और धमकी देने का आरोप लगाया। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर अलग-अलग FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ग्रेटर नोएडा की एक हाउसिंग सोसायटी में एंट्री पास को लेकर शुरू हुआ विवाद अब गंभीर आरोपों और दो अलग-अलग एफआईआर तक पहुंच गया है। सेक्टर-18 स्थित गौड़ यमुना सिटी सोसायटी में रहने वाली 22 वर्षीय छात्रा ने मेंटेनेंस स्टाफ पर मारपीट और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। वहीं दूसरी तरफ मेंटेनेंस टीम ने छात्रा और उसके दोस्तों पर थप्पड़ मारने, धमकी देने और सोसायटी में जबरन घुसने का आरोप लगाया है।
मामले में दोनों पक्षों की शिकायत पर पुलिस ने अलग-अलग धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और दूसरे साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक शुरुआती सीसीटीवी जांच में छात्रा के मारपीट के आरोपों की पुष्टि करने वाला कोई स्पष्ट सबूत नहीं मिला है।
आखिर विवाद शुरू कहां से हुआ?
जानकारी के मुताबिक 22 वर्षीय छात्रा कॉलेज में पढ़ाई करती है और पिछले करीब एक साल से गौड़ यमुना सिटी सोसायटी में किराए पर रह रही है।
छात्रा के मुताबिक मंगलवार को वह अपने दो पुरुष दोस्तों के साथ सोसायटी की मेंटेनेंस टीम के कार्यालय पहुंची थी। उसका मकसद एंट्री-एग्जिट पास को रिन्यू कराने के लिए जरूरी NOC लेना था।
बताया गया है कि करीब तीन महीने पहले मेंटेनेंस टीम के साथ हुए एक विवाद के बाद छात्रा के सोसायटी में प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। मंगलवार को वह इसी पाबंदी को हटवाने और अपना पास दोबारा रिन्यू कराने के लिए मेंटेनेंस कार्यालय पहुंची थी।
लेकिन वहां बातचीत अचानक विवाद में बदल गई।
छात्रा का आरोप- वीडियो बनाने लगी तो फोन छीनकर तोड़ दिया
छात्रा ने पुलिस को दी शिकायत में मेंटेनेंस टीम के सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उसका कहना है कि बातचीत के दौरान उसके और उसके दोनों दोस्तों के साथ मारपीट की गई। छात्रा का आरोप है कि जब उसने घटना का वीडियो बनाना शुरू किया तो उसका मोबाइल फोन छीन लिया गया और तोड़ दिया गया।
छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि मेंटेनेंस टीम के लोग उसे सीसीटीवी कैमरों की नजर से दूर पार्किंग एरिया की तरफ ले गए। उसके मुताबिक वहां उसके साथ मारपीट की गई।
छात्रा ने दावा किया कि इस दौरान मेंटेनेंस टीम के एक सदस्य ने उसके ऊपर बैठकर उसे दबाने की कोशिश की और उसे गलत तरीके से छुआ गया।
इन आरोपों के बाद मामला और गंभीर हो गया और छात्रा ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की।
तीन कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज हुई FIR
छात्रा की शिकायत के आधार पर श्रीकांत शर्मा, श्रवण सिसोदिया और प्रदीप तोमर के खिलाफ रबूपुरा पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने मेंटेनेंस टीम के सदस्यों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज की है।
इनमें धारा 115(2) चोट पहुंचाने से संबंधित है, धारा 351(3) आपराधिक धमकी से जुड़ी है, धारा 352 जानबूझकर अपमान करने से संबंधित है, जबकि धारा 74 महिला के खिलाफ आपराधिक बल के इस्तेमाल से संबंधित प्रावधान है।
मेंटेनेंस टीम ने हालांकि छात्रा द्वारा लगाए गए आरोपों को गलत बताया है।
मेंटेनेंस स्टाफ की भी कहानी बिल्कुल अलग
इस मामले में तस्वीर का दूसरा पहलू भी सामने आया है।
मेंटेनेंस टीम की ओर से जनरल मैनेजर (सिक्योरिटी) श्रवण सिसोदिया ने छात्रा और उसके दोस्तों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी।
उनका आरोप है कि छात्रा ने उन्हें थप्पड़ मारा और बाद में रेप के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी।
इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने छात्रा और उसके दोस्तों के खिलाफ भी अलग FIR दर्ज की है।
मेंटेनेंस स्टाफ की शिकायत में BNS की धारा 115(2) चोट पहुंचाने, धारा 333 घर में घुसपैठ, धारा 351(3) आपराधिक धमकी और धारा 352 जानबूझकर अपमान करने से संबंधित है।
इस तरह अब पुलिस के सामने मामला एकतरफा आरोप का नहीं, बल्कि दोनों पक्षों के परस्पर विरोधी दावों का बन गया है।
CCTV फुटेज की जांच में क्या सामने आया?
मामले की जांच कर रहे रबूपुरा थाना प्रभारी श्याम बाबू शुक्ला ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायत पर FIR दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है।
पुलिस ने सोसायटी में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच भी शुरू कर दी है।
थाना प्रभारी के मुताबिक शुरुआती जांच में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है, जो फिलहाल महिला के मारपीट के आरोपों का समर्थन करता हो।
हालांकि पुलिस की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। अधिकारियों के मुताबिक घटनाक्रम को समझने के लिए सीसीटीवी फुटेज, दोनों पक्षों के बयान और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों को देखा जा रहा है।
अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं
पुलिस के अनुसार शुक्रवार देर शाम तक इस मामले में किसी भी पक्ष से कोई गिरफ्तारी नहीं हुई थी।
जांच जारी है और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मंगलवार को सोसायटी के मेंटेनेंस कार्यालय और पार्किंग क्षेत्र में वास्तव में क्या हुआ था।
मामले में छात्रा द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न और मारपीट के आरोप बेहद गंभीर हैं, वहीं मेंटेनेंस स्टाफ की ओर से लगाए गए मारपीट और झूठे रेप केस में फंसाने की धमकी के आरोप भी जांच का हिस्सा हैं।
अब CCTV और जांच से खुलेगा पूरा सच
गौड़ यमुना सिटी का यह विवाद फिलहाल आरोप और प्रत्यारोप के बीच खड़ा है। एक तरफ छात्रा ने मेंटेनेंस कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, तो दूसरी तरफ कर्मचारियों ने भी छात्रा और उसके दोस्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
पुलिस की शुरुआती CCTV जांच में छात्रा के मारपीट के आरोपों की पुष्टि नहीं होने की बात सामने आई है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पूरे मामले की अंतिम सच्चाई सामने आ गई है।
अब पुलिस की विस्तृत जांच, CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्य ही तय करेंगे कि पास रिन्यू कराने से शुरू हुआ यह विवाद आखिर किस वजह से हिंसक स्थिति तक पहुंचा और दोनों पक्षों के आरोपों में कितनी सच्चाई है।
फिलहाल दोनों मामलों में जांच जारी है और शुक्रवार देर शाम तक किसी गिरफ्तारी की सूचना नहीं थी।
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