दिल्ली के उत्तम नगर में ईद के मौके पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। हाल ही में हुई हत्या के बाद इलाके में तनाव और लोगों का गुस्सा भी देखने को मिला।
उत्तम नगर में इस बार ईद-उल-फितर का त्योहार सामान्य उत्साह के बजाय तनाव, खामोशी और अंदर ही अंदर उबलते गुस्से के माहौल में मनाया गया।
हाल ही में हुई एक हत्या के बाद इलाके में पैदा हुए तनाव का असर सीधे तौर पर ईद के जश्न पर देखने को मिला। हस्तसाल गांव की तंग गलियों में, जहां हर साल ईद से पहले रौनक, भीड़ और खरीदारी का माहौल होता था, इस बार सन्नाटा और बेचैनी साफ महसूस की गई।
दरअसल, 4 मार्च को होली के दिन एक मामूली घटना ने बड़ा रूप ले लिया था। एक 11 साल की बच्ची द्वारा छत से फेंका गया पानी का गुब्बारा एक महिला को लग गया, जिसके बाद दो परिवारों के बीच कहासुनी शुरू हुई और मामला हिंसक झड़प में बदल गया।
इस झड़प में कम से कम 8 लोग घायल हुए और कुछ दिनों बाद 26 वर्षीय तरुण कुमार ने चोटों के कारण दम तोड़ दिया।
इस मामले में ‘भारतीय न्याय संहिता’ की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई। अब तक पुलिस 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि 2 नाबालिगों को हिरासत में लिया गया है। बताया जा रहा है कि सभी आरोपी एक ही परिवार से जुड़े हैं।

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट और भाषणों ने भी माहौल को और संवेदनशील बना दिया, जिससे सांप्रदायिक तनाव लगातार बना हुआ है।
ईद के मौके पर हजारों लोग नमाज अदा करने के लिए एकत्र हुए और एक-दूसरे को गले मिलकर मुबारकबाद दी। लेकिन इस भीड़ के बीच कई लोगों में होली के विवाद को लेकर गुस्सा भी देखने को मिला।
स्थानीय लोगों का कहना है कि माहौल ऊपर से शांत जरूर है, लेकिन अंदर ही अंदर आक्रोश अब भी मौजूद है। कई लोग इस घटना को लेकर नाराजगी जता रहे हैं, जिसके कारण पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी।
HT की रिपोर्ट के अनुसार, 18 वर्षीय वैशाली कुमार, जो अपने घर के बाहर सेवइयां बेचती हैं, बताती हैं कि—
हर साल उनके परिवार की बिक्री ₹10,000 तक होती थी, लेकिन इस बार यह घटकर लगभग ₹3,500 रह गई है।
वहीं 7 साल की राबिया खानम कहती हैं—
“हर साल ईद पर बहुत उत्साह होता था… लेकिन इस बार सब कुछ अलग है।”

स्थिति को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने इलाके में भारी सुरक्षा तैनात की—
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1500 से अधिक अतिरिक्त पुलिसकर्मी
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100 से ज्यादा चौकियां
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400 से अधिक पैरामिलिट्री फोर्स
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हर गली में बैरिकेडिंग
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दंगा-रोधी वाहन “वज्र” और “विक्रांत”
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ड्रोन से निगरानी
उत्तम नगर ईस्ट मेट्रो स्टेशन के पास भी सुरक्षा बढ़ाई गई।
मामला दिल्ली हाई कोर्ट तक पहुंचा, जहां अदालत ने पुलिस और प्रशासन को ईद के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।
कोर्ट ने कहा कि त्योहार खुशी का होता है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना प्रशासन की जिम्मेदारी है। साथ ही रामनवमी तक सुरक्षा बनाए रखने के आदेश दिए गए हैं। अगली सुनवाई 6 अप्रैल को होगी।
हालांकि, भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ईद शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई, लेकिन इलाके में तनाव और गुस्से की परछाई अब भी बनी हुई है।
मानवीय दृष्टिकोण से देखें तो यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि छोटी-सी बात कैसे बड़े विवाद में बदल जाती है और पूरे समाज की खुशियों पर असर डालती है।
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