लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित ‘अरण्य समागम’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तेंदुए से मुकाबला करने वाले बच्चों, वन विभाग के कर्मचारियों और सामाजिक संगठनों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में कार्बन क्रेडिट प्रोजेक्ट के तहत किसानों को चेक भी वितरित किए गए।
लखनऊ में अंतरराष्ट्रीय वन दिवस के मौके पर आयोजित ‘अरण्य समागम’ कार्यक्रम ने न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, बल्कि साहस, सेवा और समर्पण की मिसाल भी पेश की। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया।
कार्यक्रम की सबसे खास बात रही उन वीर बच्चों का सम्मान, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना तेंदुए के हमले का सामना किया। मुख्यमंत्री ने इन बच्चों को समाज के लिए प्रेरणा बताते हुए सम्मानित किया और उनके साहस की सराहना की।
बहराइच के 10 वर्षीय अच्छेलाल ने 6 दिसंबर 2025 की शाम अपने पिता के साथ खेत से लौटते समय अचानक हुए तेंदुए के हमले का बहादुरी से सामना किया। गन्ने के खेत से निकले तेंदुए से लड़ते हुए अच्छेलाल ने हिम्मत नहीं हारी और अंततः तेंदुआ वहां से भाग गया।
इसी तरह प्रयागराज की 18 वर्षीय तनु सिंह ने 8 जनवरी 2026 को झूंसी क्षेत्र के अपने घर में घुसे तेंदुए के सामने अद्भुत सूझ-बूझ दिखाई। उन्होंने दो छोटे बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालकर तेंदुए को कमरे में बंद कर दिया, जिससे बिना किसी जनहानि के वन विभाग ने उसे रेस्क्यू कर लिया।

मुख्यमंत्री ने इन दोनों बच्चों को सम्मानित करते हुए कहा कि ऐसे साहसी बच्चे समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
कार्यक्रम में वानिकी और वन्य जीव संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया। इनमें मुरादाबाद वन प्रभाग के उप क्षेत्रीय वन अधिकारी पुष्पेंद्र सिंह, हमीरपुर के वन रक्षक सुनील कुमार गौंड, रामपुर के शिवम कुमार और एटा की माली रीना शर्मा शामिल हैं।
इसके अलावा सामाजिक संगठनों की भूमिका को भी सराहा गया। लोकभारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बृजेंद्र पाल सिंह और हेल्पिंग हैंड्स सेवा संस्थान झांसी के सत्येंद्र कुमार श्रीवास्तव को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कार्बन क्रेडिट प्रोजेक्ट के तहत दो किसानों को चेक भी वितरित किए। कुशीनगर के ईश्वर चंद और रायबरेली की सुनीता को इस योजना के अंतर्गत आर्थिक लाभ प्रदान किया गया, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है

COMMENTS